हरियाणा के 57 लाख स्कूली बच्चों के लिए मौखिक आरोग्य शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कोलगेट-पामोलिव और हरियाणा सरकार की साझेदारी

BSBF कार्यक्रम वर्तमान में भारत के विभिन्न राज्यों में प्रतिवर्ष 1 करोड़ से अधिक बच्चों तक पहुंच बना रहा है और निवारक मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

गुडगाँव। कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड ने आज हरियाणा सरकार के साथ अपनी प्रमुख पहल ब्राइट स्माइल्स, ब्राइट फ्यूचर्स (BSBF) के विस्तार हेतु एक महत्वपूर्ण सहयोग की घोषणा की है। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य भर में 57 लाख स्कूली बच्चों तक आवश्यक मौखिक स्वास्थ्य शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

BSBF कार्यक्रम वर्तमान में भारत के विभिन्न राज्यों में प्रतिवर्ष 1 करोड़ से अधिक बच्चों तक पहुंच बना रहा है और निवारक मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

हरियाणा में BSBF कार्यक्रम का विस्तार केवल स्वास्थ्य जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। BSBF दुनिया के सबसे लंबे समय से संचालित और व्यापक मौखिक आरोग्य शिक्षा कार्यक्रमों में से एक है। हरियाणा जैसे राज्यों में इसका प्रभाव बच्चों की तात्कालिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ उनके दीर्घकालिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को भी मज़बूत करता है।

हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने कहा, “हमारे बच्चों का स्वास्थ्य और समग्र विकास, हरियाणा के भविष्य की आधारशिला है। कोलगेट के साथ यह सहयोग हमें पूरे राज्य में छात्रों के बीच मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और निवारक देखभाल से जुड़ी आदतों को मजबूत करने में मदद करेगा। यह पहल उनके आत्मविश्वास और समग्र विकास को भी सशक्त बनाएगी।”

पूरे राज्य में संचालित यह कार्यक्रम हरियाणा के सरकारी और निजी विद्यालयों की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में मौखिक स्वास्थ्य शिक्षा को एकीकृत करेगा। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में, जब स्थायी आदतें विकसित होती हैं, उस समय निवारक देखभाल को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मौजूदा शिक्षा प्रणाली के साथ इस एकीकृत दृष्टिकोण का उद्देश्य बड़े पैमाने पर और दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन सुनिश्चित करना है।

कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सुश्री प्रभा नरसिम्हन ने कहा,“यह साझेदारी 57 लाख बच्चों के लिए जागरूकता से आगे बढ़कर व्यापक स्तर पर ठोस कार्रवाई की दिशा में एक प्रणालीगत बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था में ब्राइट स्माइल्स, ब्राइट फ्यूचर्स® को एकीकृत कर हम निवारक देखभाल को बच्चों के समग्र विकास का अनिवार्य हिस्सा बना रहे हैं। यह केवल स्वच्छता तक सीमित पहल नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य की एक सतत संस्कृति के निर्माण की दिशा में कदम है, जिसकी शुरुआत कक्षा से होती है और जो जीवनभर साथ रहती है।”

एक व्यापक निवारक स्वास्थ्य पहल के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे:

● व्यक्तिगत शिक्षण सत्र: प्रशिक्षित विशेषज्ञ विद्यालयों में बच्चों की आयु के अनुरूप, सरल और संवादात्मक सत्र आयोजित करेंगे ।

● समग्र पाठ्यक्रम: दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश करने की आदत, समय पर टूथब्रश बदलने का महत्व, तंबाकू से बचाव और पोषण संबंधी जागरूकता जैसे विषयों पर विशेष बल दिया जाएगा।

● मौखिक आरोग्य बोर्ड्स: मौखिक स्वच्छता को केवल एक पाठ तक सीमित रखने के बजाय उसे आजीवन आदत में बदलने के उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय में एक समर्पित मौखिक आरोग्य बोर्ड स्थापित किया जाएगा। यह बोर्ड बच्चों के लिए दैनिक दृश्य स्मरण के रूप में कार्य करेगा, जो उन्हें मजबूत और स्वस्थ आदतें विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा। यह स्थायी स्थापना सुनिश्चित करेगी कि निवारक मौखिक देखभाल का महत्व प्रत्येक छात्र के शिक्षण वातावरण में निरंतर प्रमुखता से बना रहे।

● शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल: विद्यालयों के शिक्षकों को दांतों की संरचना और मौखिक आरोग्य के मूल सिद्धांतों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे कक्षा में बचाव संबंधी संदेशों को निरंतर सुदृढ़ कर सकें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मौखिक आरोग्य जागरूकता नियमित शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनी रहे और आने वाली छात्र पीढ़ियों तक भी इसका लाभ पहुंचे।

● टेक-होम डेंटल किट्स और ब्रशिंग कैलेंडर: विद्यालय और घर के बीच की दूरी को कम करने के लिए विद्यार्थियों को टेक-होम डेंटल किट्स तथा ब्रशिंग कैलेंडर प्रदान किए जाएंगे। ये उपकरण दैनिक दिनचर्या को रोचक और अनुशासित बनाएंगे तथा अभिभावकों को भी इसमें सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इस प्रकार मौखिक स्वच्छता एक नियमित पारिवारिक आदत के रूप में विकसित होगी।

कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड की निदेशक – ESG एवं कम्युनिकेशंस, सुश्री शिल्पाश्री मुनिस्वामप्पा ने कहा, “जब निवारक स्वास्थ्य शिक्षा को शुरुआती वर्षों में नियमित रूप से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाता है, तो उसका प्रभाव कक्षा से आगे बढ़कर परिवारों और समुदायों तक पहुंचता है। बच्चे स्वस्थ आदतों के संदेशवाहक बनते हैं। यह सहयोग दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

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