
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति और निवेश के अनुकूल वातावरण का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है। इस विकास यात्रा में एक नया स्वर्णिम अध्याय उस समय जुड़ गया जब देश के प्रतिष्ठित टाटा समूह की ऑटोमोबाइल इकाई टाटा मोटर्स ने अपने लखनऊ प्लांट से 10 लाखवें वाहन का सफल उत्पादन कर उसे बाजार में उतारा।
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टाटा संस और टाटा मोटर्स प्रबन्धन को दी बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स के संयंत्र में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस विशेष वाहन को लॉन्च किया और इसे उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का एक सशक्त प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि, यह उपलब्धि केवल एक कारखाने के उत्पादन का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह इस बात का सूचक है कि, उत्तर प्रदेश अब वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन और निर्यात का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाटा संस और टाटा मोटर्स के प्रबंधन को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि, टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट ने अपनी 34 वर्षों की शानदार यात्रा में जो मुकाम हासिल किया है, वह प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि, 10 लाखवें वाहन की लॉन्चिंग यूपी की उस उड़ान का हिस्सा है जो रुकने के लिए नहीं बल्कि आसमान की असीम ऊंचाइयों को छूने के लिए है।
मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि, टाटा का नाम भारत में भरोसे का दूसरा नाम बन चुका है। बचपन की यादों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हम सभी ने टाटा की बसों में यात्रा की है और आज टाटा समूह सुई से लेकर हवाई जहाज बनाने तक के क्षेत्र में भारत को सशक्त करने के अभियान का नेतृत्व कर रहा है। उत्तर प्रदेश में टाटा का निवेश केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए किया गया एक गहरा समझौता है।
अतीत की चुनौतियों पर डाली नजर
उत्तर प्रदेश की बदलती हुई कार्यसंस्कृति और संसाधनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज राज्य में 25 करोड़ की विशाल आबादी के साथ-साथ 56 फीसदी सक्रिय वर्कफोर्स मौजूद है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि, यह कार्यशक्ति अब केवल कागजों पर सिमटी हुई नहीं है, बल्कि जमीन पर बड़े बदलाव ला रही है। टाटा मोटर्स के प्लांट से निकला हर वाहन इस बात की गवाही दे रहा है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं में हुनर और मेहनत की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अतीत की चुनौतियों का स्मरण कराते हुए कहा कि, एक समय था जब उत्तर प्रदेश में निवेश करना एक बड़े जोखिम जैसा माना जाता था। कनेक्टिविटी के अभाव में संसाधनों की कमी थी और सड़कों की स्थिति ऐसी थी कि यह तय कर पाना मुश्किल होता था कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच सड़क है। सुरक्षा का संकट और स्पष्ट नीतियों के अभाव के कारण निवेशक उत्तर प्रदेश का रुख करने से डरते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में आए क्रांतिकारी बदलावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, आज देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 55 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि, इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों द्वारा 600 किलोमीटर लंबे विशाल गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा।
आर्थिक विकास का इंजन बनेगा प्रदेश
इस परियोजना के पूरा होने के बाद देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश का योगदान बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल शहरों की दूरी कम करेंगे बल्कि प्रदेश के कोने-कोने में औद्योगिक गलियारों के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त करेंगे। योगी आदित्यनाथ ने इसे एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताया, जो उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स की लागत कम करने में सहायक सिद्ध होगा।
हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मात्र 9 वर्ष पहले राज्य की स्थिति बेहद दयनीय थी, जहां केवल दो एयरपोर्ट थे और वे भी अक्सर बंद रहते थे। आज उत्तर प्रदेश ने इस क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है और राज्य में 16 एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील हैं। उन्होंने पिछले महीने ही प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किए गए जेवर एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि, यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है, जो न केवल हवाई यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे राज्य के आर्थिक विकास का इंजन बनेगा। हवाई और सड़क मार्ग की इस मजबूत कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को लैंड लॉक्ड राज्य की सीमाओं से बाहर निकालकर उसे वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश की यह विकास यात्रा अब थमने वाली नहीं है। 10 लाखवें वाहन की यह गौरवशाली उपलब्धि अन्य औद्योगिक घरानों के लिए भी एक संदेश है कि उत्तर प्रदेश अब संभावनाओं का प्रदेश बन चुका है।
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