
नई दिल्ली। अयोध्या के फिल्मी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रामलीला, जिसे देश की सबसे भव्य और बड़ी रामलीला माना जाता है, इस बार पहली बार देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। यह इस प्रतिष्ठित रामलीला का 8वां संस्करण होगा और खास बात यह है कि, इसमें गोरखपुर के सांसद व भोजपुरी-बॉलीवुड अभिनेता रवि किशन पहली बार भगवान श्रीराम की भूमिका में नजर आएंगे।
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दिल्ली में कब और कहां होगा कार्यक्रम
यह भव्य आयोजन आगामी 10 से 20 अक्टूबर तक नई दिल्ली स्थित रफी मार्ग पर कांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम को दो सत्रों में बांटा गया है। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तीन से सोलह वर्ष तक के बाल कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जबकि शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक साठ से अधिक जाने-माने फिल्मी सितारे मंच संभालेंगे। इसके अलावा आयोजन स्थल पर शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक एक भव्य मेला भी सजाया जाएगा, जिससे पूरे परिसर का माहौल उत्सवमय बना रहेगा।

मावलंकर हॉल में करीब 600 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। दर्शकों को हर दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई दे, इसके लिए आयोजकों ने वहां 120 फीट लंबी एलईडी स्क्रीन लगाने की योजना बनाई है।
बाल कलाकार भी करेंगे रामलीला
आयोजकों का कहना है कि, इतनी कम उम्र, यानी महज तीन वर्ष के बच्चों को शामिल करने वाली रामलीला संभवतः पहली बार आयोजित हो रही है। इस प्रस्तुति में भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप को विशेष रूप से जीवंत किया जाएगा, जिसमें नन्हे कलाकार अपनी मासूम अदाकारी से दर्शकों का मन मोहेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह पहलू रामलीला को न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बल्कि बच्चों को रामकथा से भावनात्मक रूप से जोड़ने के लिहाज से भी खास बनाता है।
राम बनेंगे रवि किशन
इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि, गोरखपुर से सांसद और भोजपुरी सिनेमा के मशहूर चेहरे रवि किशन पहली बार भगवान श्रीराम की भूमिका निभाते नजर आएंगे। वे 19 अक्टूबर को यह किरदार निभाएंगे। इससे पहले वे इसी रामलीला में केवट, भगवान परशुराम और भरत जैसी भूमिकाएं अदा कर चुके हैं, लेकिन राम के किरदार में यह उनकी पहली प्रस्तुति होगी।
रामलीला में अन्य प्रमुख भूमिकाओं की बात करें, तो लंकापति रावण की भूमिका में अभिनेता अरुण बख्शी नजर आएंगे। भगवान शिव का किरदार बिंदु दारा सिंह निभाएंगे, जबकि भगवान परशुराम की भूमिका में पुनीत इस्सर मंच पर उतरेंगे। इसके अलावा रजा मुराद अहिरावण की भूमिका में और अवतार गिल मेघनाद की भूमिका में दिखाई देंगे। कुल मिलाकर साठ से अधिक फिल्मी सितारे इस भव्य प्रस्तुति का हिस्सा बनेंगे। आयोजकों के मुताबिक, इन कलाकारों की रिहर्सल दिल्ली और मुंबई, दोनों जगहों पर समानांतर रूप से चल रही है।
अयोध्या में जनवरी में होगा नौवां संस्करण
दिल्ली में आयोजन के करीब दो महीने बाद इस रामलीला का नौवां संस्करण अयोध्या में आयोजित किया जाएगा, जो 15 जनवरी 2027 से 25 जनवरी 2027 तक चलेगा।
बता दें कि, अयोध्या में अब तक इस रामलीला के सात संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं। इस रामलीला की शुरुआत कोरोना काल के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हुई थी। तब जहां सामूहिक आयोजनों पर तमाम पाबंदियां लगी थीं, वहीं मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद शुरू हुई यह रामलीला धीरे-धीरे राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना चुकी है।
करोड़ों दर्शकों तक पहुंचेगा प्रसारण
रामलीला के संस्थापक सुभाष मलिक (बॉबी) और शुभम मलिक की अगुवाई में आयोजन की तैयारियां लगातार जोरों पर हैं। सुभाष मलिक के मुताबिक, पिछले वर्ष इस भव्य प्रस्तुति को देश-विदेश में 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने अपने घरों में बैठकर देखा था। इस साल भी आयोजकों की योजना है कि, इसका प्रसारण 80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों के माध्यम से करीब 40 भाषाओं में किया जाए, जिससे साठ से अधिक देशों तक रामभक्ति का यह संदेश पहुंच सके।

आयोजकों का मानना है कि, तकनीकी संसाधनों के इस बड़े इस्तेमाल, यानी विशाल एलईडी स्क्रीन और बहुभाषी प्रसारण व्यवस्था, से यह आयोजन न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया भर के दर्शकों तक अयोध्या की भव्यता और रामकथा की गरिमा को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सफल होगा।
दिल्लीवासियों के लिए सुनहरा अवसर
आयोजकों का कहना है कि, दिल्ली में पहली बार हो रहा यह आयोजन राजधानी के निवासियों और आसपास के इलाकों में रहने वाले रामभक्तों के लिए एक दुर्लभ अवसर साबित होगा, जिससे उन्हें अयोध्या तक गए बिना ही वहां की परंपरागत भव्यता का प्रत्यक्ष अनुभव मिल सकेगा। मावलंकर हॉल में सीधे पहुंचकर या टीवी और अन्य माध्यमों से घर बैठे इस आयोजन को देखने का विकल्प दर्शकों के पास उपलब्ध रहेगा।
आयोजन स्थल पर लगने वाला मेला भी इस पूरे कार्यक्रम को और आकर्षक बनाएगा, जहां परिवारों के साथ आने वाले दर्शक धार्मिक माहौल के साथ-साथ मेले का भी आनंद उठा सकेंगे। कुल मिलाकर, अक्टूबर में दिल्ली और जनवरी में अयोध्या, दोनों ही जगहों पर रामकथा का यह भव्य मंच सजने जा रहा है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि करोड़ों दिलों में एक बार फिर भक्ति और आस्था का संचार होगा।
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