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अयोध्या: राम मंदिर के पहले CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, तीन नए सदस्य भी जुड़े

मणिरामदास छावनी में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया फैसला

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला आज ले लिया गया। ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ के पद पर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति हो गई है। इसी के साथ इस पद को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर विराम भी लग गया। यह अहम निर्णय बुधवार को अयोध्या की प्रसिद्ध मणिरामदास छावनी में आयोजित ट्रस्ट की बैठक के दौरान लिया गया।

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महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई बैठक

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास ने की। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया जाए। इस बैठक में ट्रस्ट के तमाम प्रमुख पदाधिकारियों के साथ-साथ विशेष रूप से आमंत्रित किए गए सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस निर्णय प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाई।

Air Marshal Jitendra Mishra

सीईओ के पद पर नियुक्ति को लेकर यह फैसला ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त माना गया।

तीन नए सदस्य  भी जुड़े ट्रस्ट से

सीईओ की नियुक्ति के अलावा इसी बैठक में ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल किए जाने की भी औपचारिक घोषणा की गई। इनमें अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचंदका और अयोध्या से ही निर्मला यादव शामिल हैं। इन तीनों नए सदस्यों के शामिल होने से ट्रस्ट के प्रशासनिक और निर्णय लेने वाले ढांचे में और विविधता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

खास बात यह है कि, निर्मला यादव के ट्रस्ट में शामिल होने के साथ ही ट्रस्ट में महिला प्रतिनिधित्व को भी मजबूती मिली है, जिसे कई लोग एक सकारात्मक कदम के तौर पर देख रहे हैं।

बैठक में मौजूद रहे ये प्रमुख पदाधिकारी

ट्रस्ट की इस अहम बैठक में कई प्रमुख पदाधिकारियों के साथ-साथ आमंत्रित सदस्य भी शामिल हुए। इनमें महंत नृत्य गोपाल दास, कमलनयनदास, स्वामी गोविंद देव गिरी, कृष्ण मोहन, दिनेंद्रदास जी महाराज, दिनेशचंद्र जी, बजरंग बांगाड़ा, जगदीश आफले, राज गोपाल मिनियार और समीर पांडा जैसे नाम प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी की मौजूदगी ने इस बैठक को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया, क्योंकि यह निर्णय ट्रस्ट के भविष्य के कामकाज को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला है।

ये हैं मुख्य और स्थायी सदस्य

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कई प्रतिष्ठित और वरिष्ठ हस्तियां मुख्य तथा स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य के. परासरन का नाम सबसे पहले आता है। इसके अलावा महंत नृत्य गोपाल दास ट्रस्ट के अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष का पद संभालते हैं। कृष्ण मोहन को ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

ट्रस्ट के अन्य प्रमुख सदस्यों में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, जो प्रयागराज से जुड़े हैं, शामिल हैं। इसके साथ ही उडुपी के पेजावर मठ से जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज भी ट्रस्ट के सदस्य हैं। हरिद्वार से युगपुरुष परमानन्द जी महाराज तथा निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि के तौर पर महंत दिनेंद्र दास भी ट्रस्ट के महत्वपूर्ण स्थायी सदस्यों में शुमार हैं।

वहीं अब इस सूची में तीन नए नाम भी जुड़ गए हैं। शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट की नई महिला ट्रस्टी बनाया गया है। अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडे को भी नए ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया है, जबकि दिल्ली से महेश भागचंदका को भी ट्रस्ट का नया ट्रस्टी नियुक्त किया गया है।

पदेन और सरकारी सदस्यों की भूमिका भी अहम

ट्रस्ट के ढांचे में कुछ पदेन और सरकारी सदस्य भी शामिल हैं, जो अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार ट्रस्ट के कामकाज में योगदान देते हैं। इनमें नृपेंद्र मिश्रा मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं, जिनकी भूमिका मंदिर निर्माण से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी में बेहद अहम रही है।

Air Marshal Jitendra Mishra appointed CEO

इसके अलावा प्रशांत लोखंडे केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर ट्रस्ट में शामिल हैं, जबकि संजय प्रसाद उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी भी ट्रस्ट के पदेन सदस्य के तौर पर जुड़े हुए हैं।

सीईओ पद की नियुक्ति क्यों जरूरी

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के लिए पहली बार किसी को औपचारिक रूप से मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ नियुक्त किया गया है। मंदिर निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुकने के बाद अब ट्रस्ट के सामने मंदिर परिसर के रखरखाव, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आगामी विकास कार्यों को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के पास प्रशासनिक और नेतृत्व का व्यापक अनुभव है, जिसके चलते उम्मीद जताई जा रही है कि वे ट्रस्ट के दैनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित करने में सक्षम होंगे।

टीम पर निगाहें

ट्रस्ट में हुए इन बदलावों के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई नियुक्तियों और नए सदस्यों के शामिल होने के बाद ट्रस्ट अपने आगामी कार्यों और योजनाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाता है। मंदिर परिसर के विकास, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था और आने वाले समय में होने वाले धार्मिक आयोजनों के सुचारू संचालन को लेकर ट्रस्ट की नई टीम पर लोगों की निगाहें टिकी रहेंगी।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को अयोध्या और देशभर के श्रीराम भक्तों के बीच एक महत्वपूर्ण खबर के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह निर्णय सीधे तौर पर राम मंदिर के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे से जुड़ा हुआ है।

 

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