
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने युवाओं को साधने के लिए एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार राज्य में बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियां निकालने की तैयारी में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, राज्य में करीब 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाने वाली है। इससे जुड़े विज्ञापन जल्द ही जारी किए जा सकते हैं। इस बड़े भर्ती अभियान को लेकर खुद मुख्यमंत्री योगी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि, सरकार का लक्ष्य आगामी चार महीनों के भीतर एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का है।
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भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की कोशिश
सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार अब भर्ती प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक तेज गति से आगे बढ़ाने में जुटी हुई है, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के करीब 3.5 लाख कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा लाभ इन कर्मचारियों को मिलेगा।

इसके अलावा सरकार ने रोजगार से जुड़ी एक और अहम पहल करते हुए आउटसोर्स सेवा निगम की भी शुरुआत की है, जिसके जरिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से मिलने वाली नौकरियों में भी पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन लाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य सचिव संभाल रहे जिम्मा
इस पूरे बड़े भर्ती अभियान की देखरेख की जिम्मेदारी राज्य के मुख्य सचिव एसपी गोयल को सौंपी गई है। वे इस पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, ताकि भर्तियों में किसी तरह की देरी न हो और तय समय सीमा के भीतर युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा सकें। सभी संबंधित सरकारी विभागों को यह निर्देश दिया गया है कि, वे अपने यहां खाली पड़े पदों की पूरी जानकारी जल्द से जल्द संबंधित चयन आयोगों को भेज दें, ताकि उन खाली पदों पर वैकेंसी निकालने की प्रक्रिया बिना किसी विलंब के शुरू की जा सके।
मिली जानकारी के अनुसार, जिन विभागों की ओर से खाली पदों का पूरा ब्योरा संबंधित आयोगों तक पहुंच चुका है, उन विभागों में जल्द ही वैकेंसी का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित भर्तियों के लिए परीक्षा की तारीखों की घोषणा भी जल्द किए जाने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि, इससे जुड़ी तैयारियां पहले से ही चल रही हैं और आने वाले दिनों में इस संबंध में और स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है।
पहले भी सीएम योगी कर चुके हैं बड़ा ऐलान
गौरतलब है कि, यह पहला मौका नहीं है जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को रोजगार देने को लेकर बड़ा बयान दिया हो। इससे पहले भी पिछले महीने मुख्यमंत्री ने राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में 3,446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र वितरित किए थे। इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा था कि राज्य में चल रही भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और यह बिना किसी भेदभाव के, आरक्षण से जुड़े तय नियमों के अनुसार ही संचालित की जा रही है।
इस मौके पर सीएम यह भी बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि, आने वाले छह महीनों के भीतर राज्य के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए यह भी दावा किया था कि पिछले करीब 9 वर्षों के कार्यकाल में उनकी सरकार अब तक 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है।
भर्ती नियमों पर सीएम का बड़ा दावा
अपने बयान में सीएम योगी ने यह भी विश्वास के साथ कहा था कि उनकी सरकार द्वारा अपनाई जा रही मौजूदा भर्ती प्रक्रिया और उससे जुड़े नियमों पर कोई भी व्यक्ति या विपक्षी दल किसी तरह की उंगली नहीं उठा सकता है। उनके इस बयान को विपक्ष की उन आलोचनाओं के जवाब के तौर पर देखा जा रहा था, जिनमें अक्सर सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, पेपर लीक और अनियमितताओं जैसे मुद्दे उठाए जाते रहे हैं।
चुनाव से पहले क्यों अहम है यह कदम
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए योगी सरकार का यह कदम बेहद रणनीतिक माना जा रहा है। युवाओं को रोजगार, खासतौर पर सरकारी नौकरियों का मुद्दा हमेशा से ही चुनावी राजनीति में एक बड़ा और संवेदनशील विषय रहा है। ऐसे में बड़े पैमाने पर भर्तियां निकालने और तय समय सीमा के भीतर नियुक्ति पत्र बांटने का यह पूरा अभियान सरकार की छवि को मजबूत करने और युवा मतदाताओं का भरोसा जीतने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि, अगर सरकार अपने तय लक्ष्य के अनुसार आगामी चार महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को वास्तव में नियुक्ति पत्र देने में सफल होती है, तो यह न सिर्फ प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी राहत होगी, बल्कि आगामी चुनाव में भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
भर्ती में बरती जाएगी पारदर्शिता
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार किन-किन विभागों और पदों के लिए जल्द वैकेंसी का ऐलान करती है और इन भर्तियों से जुड़ी परीक्षाओं की तारीखें कब घोषित की जाती हैं। युवाओं में भी इस बड़े भर्ती अभियान को लेकर उत्सुकता और उम्मीद का माहौल बना हुआ है, क्योंकि लंबे समय से कई युवा विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती निकलने का इंतजार कर रहे थे।
सरकार का दावा है कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया न सिर्फ तेज गति से आगे बढ़ाई जाएगी, बल्कि इसमें पूरी पारदर्शिता भी बरती जाएगी, ताकि किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ किसी तरह का अन्याय न हो और सही मायने में जरूरतमंद और योग्य युवाओं को ही इन नौकरियों का लाभ मिल सके।
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