
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चीनी की कथित किल्लत को लेकर पिछले कुछ समय से चल रही चर्चाओं पर विराम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विराम लगा दिया। इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में बोले हुए सीएम ने कहा, प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है। इतना ही आंकड़ों के साथ भी उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में हर महीने लगभग चार लाख टन चीनी की खपत होती है और मौजूदा समय में करीब 28 लाख टन चीनी का भंडार पहले से उपलब्ध है यानी मासिक जरूरत से करीब सात गुना अधिक स्टॉक है।
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उन्होंने यह भी बताया कि, 15 अक्टूबर से प्रदेश की चीनी मिलें दोबारा शुरू होने जा रही हैं। मिलों के शुरू होते ही बाद उत्पादन में और तेजी आएगी और कुल उपलब्ध चीनी का भंडार बढ़कर करीब 90 लाख टन तक पहुंच जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि, केंद्र सरकार द्वारा आपदा राहत के लिए भेजी गई धनराशि को समय पर किसानों तक नहीं पहुंचाया गया।
नियुक्ति पत्र वितरित

कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर 3,446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। यह आयोजन प्रदेश सरकार की रोजगार नीति और युवाओं को सरकारी नौकरियां देने की प्रक्रिया का हिस्सा था।
छह महीने में एक लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी
कार्यक्रम में सीएम योगी ने प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि, आने वाले छह महीनों के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि, बिना किसी भेदभाव के, आरक्षण के नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए और मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया को पूरा करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है, लेकिन उनकी सरकार ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा करके दिखाया है।
साढ़े नौ साल में 9.30 लाख से ज्यादा नियुक्तियां
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि, बीते करीब साढ़े नौ वर्षों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि, उनकी सरकार के दौरान हुई किसी भी भर्ती प्रक्रिया पर आज तक कोई सवाल नहीं उठाया जा सका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति को सही दिशा देकर उसे प्रदेश के विकास से जोड़ने के परिणाम आज उत्तर प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
पूर्व सरकारों पर तीखा हमला
सीएम ने इस मौके पर सपा की पूर्ववर्ती सरकारों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि, 2017 से पहले जैसे ही किसी सरकारी भर्ती का विज्ञापन जारी होता था, वैसे ही ‘चाचा-भतीजा’ सहित पूरा खानदान वसूली में जुट जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भ्रष्ट व्यवस्था के चलते युवाओं का कीमती समय बर्बाद होता था और भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हावी रहता था।
#LIVE: लखनऊ में 3,446 प्राविधिक सहायकों एवं 126 मंडी सचिवों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी।https://t.co/CO6Xva2ntm
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 25, 2026
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही यह साफ कर दिया था कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और सरकार ने अपने वादे को अमल में लाकर भी दिखाया।
परीक्षा और परिणाम अब तेजी से
मुख्यमंत्री ने भर्ती आयोगों और बोर्डों को निर्देश देते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया में लगने वाले समय को और कम किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि, पहले परीक्षाओं के आयोजन और परिणाम घोषित होने में महीनों का समय लग जाता था, और नकल को बढ़ावा दिए जाने से पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते थे। उन्होंने कहा कि अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और कई परीक्षाओं में 14 दिन के भीतर परीक्षा आयोजित कर अगले 14 दिन में ही परिणाम घोषित करने की व्यवस्था लागू की जा चुकी है।
प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि का दावा
सीएम ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था। उस समय युवा पलायन करने को मजबूर थे, किसान परेशान थे, बेटियों असुरक्षित थीं और व्यापारी वर्ग माफिया के दबाव में काम करने को विवश था। उन्होंने दावा किया कि, आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में करीब तीन गुना बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि, सरकार ने युवाओं की प्रतिभा को प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बनाने का काम किया है। इस दौरान उन्होंने हाल ही में उत्तर प्रदेश आए जापान के प्रतिनिधिमंडल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अब दुनिया प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा को पहचानने लगी है। उन्होंने इजरायल भेजे गए 5000 से अधिक युवाओं का जिक्र करते हुए बताया कि वहां कार्यरत ये युवा अच्छी आमदनी अर्जित कर अपने परिवारों की आर्थिक मदद कर रहे हैं।
किसानों के सम्मान पर जोर
योगी ने नवनियुक्त मंडी सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें किसानों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में स्वच्छता, किसानों के बैठने की समुचित व्यवस्था और उनके सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय कैसे बढ़े, यह भी मंडी व्यवस्था के दायित्वों का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल नारेबाजी करने भर से राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी पूरी नहीं होती, बल्कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना ही असली अर्थों में ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना है। उन्होंने कहा कि जो किसान देश और दुनिया का पेट भरता है, उसे उचित सम्मान मिलना ही चाहिए।
कानून-व्यवस्था मजबूत हुई
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और बिजली आपूर्ति में हुए सुधारों का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि पहले किसान हमेशा इस डर में रहते थे कि उनके खेत में लगी ट्यूबवेल की मोटर कभी भी चोरी हो सकती है, लेकिन आज कानून का डर होने से ऐसी घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने बताया कि पहले कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सीमित समय के लिए ही होती थी, जबकि अब किसानों को मुफ्त बिजली मुहैया कराई जा रही है।
चीनी मिलों को लेकर भी आरोप
गन्ना किसानों के भुगतान और चीनी मिलों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और बसपा सरकारों के कार्यकाल में कई चीनी मिलों को बेहद कम कीमतों पर बेच दिया गया था, जबकि मौजूदा सरकार के दौरान प्रदेश में 100 से अधिक चीनी मिलें सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने यह व्यवस्था सुनिश्चित की है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रभावित किसानों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
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