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फिर दिखा वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक अंदाज, एक ही ओवर में जड़े चौके-छक्के

दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी के आक्रामक अंदाज़ एक बार फिर से देखने को मिला। मैच के तीसरे दिन अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने सेंट्रल जोन के गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की। नतीजतन सेंट्रल जोन की पूरी टीम महज़ 158 रनों के मामूली स्कोर पर सिमट गई। दोनों टीमों की पहली पारी बराबरी पर छूटी थी, दोनों ने ही 266-266 रन बनाए थे, जिसके चलते ईस्ट जोन को जीत के लिए महज़ 159 रनों का आसान लक्ष्य मिला था।

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एक और तूफानी पारी का आगाज़

लक्ष्य के पीछा में उतरी ईस्ट जोन की टीम की शुरुआत एक बार फिर धमाकेदार रही। पहली पारी में 161 रनों की विशाल शतकीय साझेदारी निभाने वाली वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन की जोड़ी ने दूसरी पारी में भी मज़बूत नींव रखी। दोनों बल्लेबाज़ों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 61 महत्वपूर्ण रनों की साझेदारी निभाई। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी ने महज़ 43 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 40 रनों की तेज़-तर्रार पारी खेली और अपनी टीम को जीत की दिशा में आगे बढ़ाया।

एक ही ओवर में मचा दिया तहलका

ईस्ट जोन की दूसरी पारी के 14वें ओवर में मैदान पर वैभव सूर्यवंशी का असली तूफानी अंदाज़ देखने को मिला। इस ओवर में तेज़ गेंदबाज़ यश ठाकुर की गेंदों पर युवा बल्लेबाज़ ने बिना किसी रहम के चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी।

Vaibhav Suryavanshi

ओवर की शुरुआत उन्होंने पहली ही गेंद पर एक करारे चौके के साथ की। इसके तुरंत बाद अगली गेंद पर दर्शकों को एक लंबा और शानदार छक्का देखने को मिला, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को रोमांच से भर दिया। वैभव का बल्ला यहीं शांत नहीं हुआ, उन्होंने अगली दो गेंदों को भी लगातार बाउंड्री के बाहर पहुंचाते हुए 4-4 रन बटोरे।

शुरुआती चार गेंदों पर 18 रन

शुरुआती चार गेंदों पर ही 18 रन बटोर लेने के बाद वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह आक्रामक मूड में नज़र आ रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो वे इस ओवर में गेंदबाज़ को पूरी तरह पस्त कर देंगे। हालांकि, ओवर की पांचवीं गेंद पर यश ठाकुर ने संयम बरतते हुए एक डॉट बॉल निकाली, जिससे गेंदबाज़ को थोड़ी राहत मिली।

आखिरी गेंद पर बदला मैच का रुख

लेकिन ओवर की अंतिम गेंद पर मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। वैभव सूर्यवंशी एक और बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में फंस गए और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए हवा में उछल गई। इस मौके को सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार ने बिना कोई चूक किए लपक लिया। इस तरह यश ठाकुर ने उसी ओवर में जिस तरह से पिटाई झेली थी, उसी ओवर की आखिरी गेंद पर वैभव सूर्यवंशी का महत्वपूर्ण विकेट लेकर करारा बदला ले लिया। वैभव की यह आतिशी पारी 40 रनों के निजी स्कोर पर समाप्त हुई।

पहली पारी में भी मचाया था धमाल

यह वैभव सूर्यवंशी के लिए इस मैच की पहली शानदार पारी नहीं थी। इससे पहले मैच की पहली पारी में भी उन्होंने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। पहली पारी में उन्होंने महज़ 81 गेंदों का सामना करते हुए 7 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 92 रनों की यादगार पारी खेली थी।

Vaibhav Suryavanshi

अपनी इस बेहतरीन पारी के दौरान उन्होंने 57 साल पुराने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने का नया कीर्तिमान स्थापित किया था। यह उपलब्धि उनकी असाधारण प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाज़ी शैली का प्रमाण मानी जा रही है।

युवा प्रतिभा की चमक

वैभव सूर्यवंशी की इस लगातार बेहतरीन फॉर्म ने क्रिकेट जगत में उनकी क्षमताओं को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। कम उम्र में इस तरह की आक्रामक और परिपक्व बल्लेबाज़ी दिखाना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन आने वाले समय में उन्हें राष्ट्रीय टीम के दरवाज़े तक भी पहुंचा सकता है, ऐसा क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है।

मजबूत स्थिति में ईस्ट जोन

वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन की शुरुआती साझेदारी की बदौलत ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में भी एक मज़बूत शुरुआत हासिल की। हालांकि, वैभव के आउट होने के बाद टीम पर दबाव थोड़ा बढ़ा, लेकिन उनके द्वारा शुरुआत में बनाई गई तेज़ रन गति ने टीम को लक्ष्य के काफी करीब पहुंचा दिया था। सेंट्रल जोन के गेंदबाज़ों के लिए यश ठाकुर द्वारा लिया गया यह विकेट राहत की सांस लेकर आया, हालांकि तब तक वैभव अपनी आक्रामक पारी के ज़रिए मैच की दिशा तय कर चुके थे।

दलीप ट्रॉफी 2026 के इस पहले सेमीफाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन एक बार फिर यह साबित करता है कि वे घरेलू क्रिकेट में तेज़ी से अपनी पहचान मज़बूत कर रहे हैं। उनकी इस तरह की पारियां न केवल टीम को जीत के करीब पहुंचाती हैं, बल्कि दर्शकों के लिए भी मनोरंजन का बड़ा कारण बनती हैं। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईस्ट जोन की टीम इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर पाती है।

 

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