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चुनाव 2027: अखिलेश का बड़ा दांव, महिलाओं को देंगे 40 हजार और छात्राओं को लैपटॉप-साइकिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दलों के बीच महिला वोटरों को लुभाने की होड़ तेज हो गई है। बुधवार को जहां एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए यूपी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने वाली ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का ऐलान किया।

वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी महिलाओं को साधने के लिए कई बड़े चुनावी वादे कर डाले। अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि, यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे, इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राओं को लैपटॉप दिया जाएगा और स्कूली छात्राओं को साइकिल भी मुहैया कराई जाएगी।

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 आधी आबादी पर नजर

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव में अभी करीब सात-आठ महीने का समय शेष है, लेकिन राज्य में चुनावी घोषणाओं और वादों का सिलसिला अभी से तेज हो चुका है। चाहे सत्तापक्ष हो या विपक्ष, सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजरें फिलहाल आधी आबादी यानी महिला और युवा मतदाताओं पर टिकी हुई हैं। सत्ताधारी भाजपा पहले ही बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजना शुरू कर चुकी है, और अब विपक्ष भी इसी दिशा में अपनी रणनीति को आगे बढ़ा रहा है।

पीडीए में ‘पी’ को बताया प्रोटेस्ट

समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति मुख्य रूप से जाति आधारित पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले पर केंद्रित मानी जाती है, लेकिन बुधवार को अखिलेश यादव ने सत्तापक्ष से मुकाबले के लिए जाति के बजाय लैंगिक आधार पर आधी आबादी को साधने के लिए वादों की झड़ी लगा दी।

Akhilesh Yadav

खास बात यह रही कि, अखिलेश यादव समय-समय पर ‘पीडीए’ की परिभाषा को नए सिरे से भी परिभाषित करते रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जो पीड़ित है, दुखी है और जो अपमानित हो रहा है, वही असल में पीडीए है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी जितनी अधिक दया और अपनापन दिखाएगी, उतना ही बेहतर तरीके से पीडीए से जुड़े लोगों को साथ जोड़ने का काम कर पाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, पीडीए में मौजूद ‘पी’ का मतलब प्रोटेस्ट यानी विरोध भी है।

 पुराने कामों का किया जिक्र

अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा कि, आधी आबादी यानी महिलाओं की भागीदारी के बिना प्रदेश की तरक्की अधूरी मानी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पूर्व की समाजवादी सरकार के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर लिए गए कई फैसले आज भी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बने हुए हैं।

उन्होंने इस दौरान 1090 महिला हेल्पलाइन सेवा का भी जिक्र किया, जिसे समाजवादी सरकार के कार्यकाल में शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि, हाल ही में जब जापान का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश दौरे पर आया था, तब मौजूदा सरकार ने महिला सुरक्षा को लेकर अपनी उपलब्धियां दिखाने के लिए इसी 1090 सेवा का हवाला दिया था।

‘स्त्री समृद्धि सम्मान योजना’ होगी मेनिफेस्टो का हिस्सा

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि पार्टी ‘स्त्री समृद्धि सम्मान योजना’ को अपने चुनावी घोषणापत्र यानी मैनिफेस्टो का अहम हिस्सा बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना आधी आबादी की पूर्ण आजादी का एक बड़ा संकल्प है, और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में समाजवादी सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। इसी योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा।

छात्राओं को मिलेगा लैपटॉप

शिक्षा के क्षेत्र में किए गए वादों पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि, प्रदेश में पहले बंद कर दिए गए करीब 26 हजार प्राइमरी स्कूलों को दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि, पहले भी उनकी पार्टी की सरकार में छात्राओं को साइकिलें बांटी गई थीं और भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर चीज स्क्रीन यानी डिजिटल माध्यम से शुरू होती है, और इसी सोच के साथ पहले भी समाजवादी पार्टी ने पढ़ने वाले छात्रों को लैपटॉप बांटे थे।

अखिलेश यादव के मुताबिक, उस दौर में जब तकनीक इतनी व्यापक नहीं थी, तब भी समाजवादी पार्टी ने आगे बढ़कर लैपटॉप वितरित किए थे, और उनका दावा है कि उस समय दिए गए कई लैपटॉप आज भी इस्तेमाल हो रहे होंगे। उन्होंने ऐलान किया कि, आने वाले समय में इंटरमीडिएट पास करने वाली हर बेटी को लैपटॉप देकर आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा।

महिला आरक्षण पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण कानून को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए नारी अब केवल एक नारे तक सीमित रह गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण विधेयक संसद से पहले ही पारित हो चुका है, तो फिर इसे अगले चुनाव में लागू करने में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार रक्षा बंधन जैसे त्योहार पर मुफ्त बस सेवा जैसी योजनाएं शुरू करने का दावा कर सकती है, तो फिर महिला आरक्षण को भी उतनी ही तत्परता से लागू किया जाना चाहिए।

सरकार पर  साधा निशाना

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेता अक्सर ‘नारी वंदन’ की बड़ी-बड़ी बातें तो करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने हाथरस मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि किस तरह एक मां-बेटी को जिंदा जला दिया गया था। उन्होंने एक और घटना का हवाला देते हुए कहा कि कैसे एक बेटी अपनी किताबें लेकर भागती नजर आई थी, जब उसका घर ढहाया जा रहा था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक अग्निकांड की पीड़िता मां के सामने ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भाषण सुनने से इनकार कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने खुशी दुबे को जेल भेजे जाने के मामले का भी जिक्र करते हुए इसे महिला अपमान से जोड़ा। अखिलेश यादव ने दावा किया कि उपलब्ध आंकड़े यह साबित करते हैं कि देश में बेटियों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय उत्तर प्रदेश में ही हो रहा है।

 

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