
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय बुधवार को सुल्तानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की विभिन्न उपलब्धियों को गिनाते हुए दो बड़ी घोषणाएं कीं। पहली, बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर की सुविधा और दूसरी, राशन दुकानों पर लाभार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार। इन घोषणाओं को प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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बुजुर्ग महिलाओं को बस सफर में मिलेगी बड़ी राहत
खाद्य मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि, अब 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम यानी रोडवेज की बसों में सफर करने के लिए कोई किराया नहीं देना होगा। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत बुजुर्ग महिलाएं अब तीर्थ यात्रा पर जाने, धार्मिक स्थलों के दर्शन करने या अपने निजी कार्यों के सिलसिले में प्रदेश में कहीं भी पूरी तरह मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। मंत्री के अनुसार, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को केवल अपनी उम्र के सत्यापन के तौर पर वोटर आईडी कार्ड या आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा, जिससे यह प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक बनी रहेगी।
राशन दुकानों पर अब मिलेगी कुर्सी, ठंडा पानी और गुड़
मंत्री मनोज पांडेय ने इस मौके पर एक और महत्वपूर्ण और अनूठी पहल की जानकारी साझा की, जो सीधे तौर पर राशन कार्ड धारकों के सम्मान और उनकी सुविधा से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेश भर की राशन दुकानों और अन्नपूर्णा भवनों पर आने वाले लाभार्थियों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था के तहत कुर्सियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही उन्हें पीने के लिए ठंडा पानी और स्वागत के तौर पर पारंपरिक गुड़-पेठा भी दिया जाएगा।

मंत्री के मुताबिक, इस पहल के पीछे मंशा यह है कि राशन लेने आने वाले आम नागरिकों को दुकान पर एक सम्मानजनक और आरामदायक अनुभव मिल सके, न कि उन्हें लंबी कतारों में बिना किसी सुविधा के इंतजार करना पड़े। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरी योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बजट का प्रावधान पहले ही कर दिया गया है, और यह नई व्यवस्था जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने राशन की दुकानें चलाने वाले कोटेदारों के लाभांश यानी कमीशन में भी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, ताकि उन्हें भी अपने काम के बदले बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके और वे भी इस पूरी व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित कर सकें।
17 करोड़ लोगों को मिल रहा राशन
प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए मंत्री मनोज पांडेय ने दावा किया कि, योगी सरकार के कार्यकाल में अपराध पर सख्ती से लगाम लगाई गई है, जिसका सीधा सकारात्मक असर प्रदेश में उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि बेहतर कानून-व्यवस्था के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिससे नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
खाद्य वितरण प्रणाली की बात करते हुए मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में बिना किसी जातीय या राजनीतिक भेदभाव के करीब 17 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने इस आंकड़े को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताते हुए कहा कि यह योजना समाज के हर वर्ग तक बिना किसी भेदभाव के समान रूप से पहुंच रही है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा फायदा मिल रहा है।
शिक्षामित्रों और रसोइयों के मानदेय में भी वृद्धि
अपने संबोधन में मंत्री मनोज पांडेय ने यह भी जानकारी दी कि सरकार ने प्रदेश के शिक्षामित्रों और प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की है। उन्होंने बताया कि इनकी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है, ताकि शिक्षा और मध्याह्न भोजन जैसी बुनियादी सेवाओं से जुड़े इन कर्मचारियों को भी उनके योगदान के अनुरूप बेहतर पारिश्रमिक और सुविधाएं मिल सकें। इस फैसले को सरकार की उस व्यापक नीति के तहत देखा जा रहा है, जिसके तहत शिक्षा व्यवस्था से जुड़े छोटे कर्मचारियों के हितों का भी ख्याल रखा जा रहा है।
जनकल्याणकारी योजनाओं पर सरकार का जोर
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में सरकार की तरफ से लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी घोषणाएं की जा रही हैं। बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और राशन दुकानों पर बेहतर सुविधाओं जैसी पहलें इसी दिशा में उठाए गए कदम मानी जा रही हैं, जिनका मकसद आम जनता, विशेष रूप से बुजुर्गों और गरीब तबके के लोगों तक सीधा लाभ पहुंचाना है।
मंत्री मनोज पांडेय की इस प्रेसवार्ता को सरकार की जनसंपर्क रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है, जिसमें सरकार अपनी उपलब्धियों को सीधे जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रही है। राशन दुकानों पर कुर्सी, ठंडा पानी और गुड़-पेठा जैसी छोटी लेकिन संवेदनशील पहलों को लोग सराहनीय बता रहे हैं, क्योंकि इनका सीधा संबंध आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी और उसके सम्मान से जुड़ा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घोषणाएं कितनी जल्दी और कितने प्रभावी तरीके से जमीनी स्तर पर लागू होती हैं।
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