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कम खाते हैं फिर भी बढ़ रहा वजन? इन 5 कारणों पर जरूर दें ध्यान

देश में तेजी से बढ़ता वजन आज एक बड़ी सेहत संबंधी चुनौती बनकर उभरा है। बदलती जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और शहरी व्यस्तता के बीच बड़ी संख्या में लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। आमतौर पर जैसे ही किसी का वजन बढ़ने लगता है, वह सबसे पहले अपने खानपान को दोष देता है। मीठा, तला-भुना और बाहर का खाना छोड़ने के साथ लोग डाइटिंग और व्यायाम का सहारा लेने लगते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, खानपान में सुधार के बावजूद कई लोगों का वजन कम नहीं होता, बल्कि लगातार बढ़ता ही जाता है।

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ये आदतें भी बिगाड़ती हैं सेहत

हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, वजन बढ़ने की वजह केवल जरूरत से ज्यादा खाना या अस्वस्थ खानपान ही नहीं है। खराब नींद, बढ़ता तनाव, हार्मोन में असंतुलन, कुछ दवाओं का असर और शरीर की जरूरत से अधिक कैलोरी लेना भी है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति का वजन लगातार बढ़ रहा है और सामान्य डाइट या व्यायाम से कोई फर्क नहीं पड़ रहा, तो उसके पीछे छिपी असली वजह को समझना जरूरी हो जाता है।

Weight Gain

आपको बता दें कि, बढ़ा हुआ वजन केवल शरीर की बनावट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि रोजमर्रा की गतिविधियों में भी बाधक बनता है। जैसे कि, तेज चलने, दौड़ने या सीढ़ियां चढ़ने के दौरान सांस फूलना, जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव, मांसपेशियों में जकड़न और शरीर में भारीपन जैसी शिकायतें आम हो जाती हैं। डॉक्टरों की मानें, तो लंबे समय तक बना रहने वाला अत्यधिक वजन कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के अलावा वे पांच अहम कारण, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।

खराब नींद और बिगड़ी दिनचर्या

चिकित्सकों के मुताबिक, नींद का शरीर के वजन और मेटाबॉलिज्म से गहरा नाता है। आजकल देर रात तक मोबाइल-लैपटॉप पर व्यस्त रहने, काम और मनोरंजन के चलते बड़ी आबादी की नींद प्रभावित हो रही है। देर से सोना और सुबह देर से जागना अब एक आम आदत बनती जा रही है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि, यदि नींद नियमित रूप से पूरी न हो या सोने-जागने का समय लगातार बदलता रहे, तो इसका सीधा असर शरीर की प्राकृतिक दिनचर्या पर पड़ता है। पर्याप्त नींद न मिलने पर भूख और पेट भरे होने का एहसास कराने वाले हार्मोन भी गड़बड़ा सकते हैं।

नींद की कमी के बाद दिनभर बनी रहने वाली थकान शारीरिक गतिविधि को भी घटा देती है, जिससे व्यक्ति ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित होने लगता है। यही वजह है कि, वजन नियंत्रित रखने के लिए केवल डाइट नहीं, बल्कि नियमित और पर्याप्त नींद भी उतनी ही जरूरी मानी जाती है।

हार्मोनल असंतुलन बना बड़ी वजह

शरीर में हार्मोन कई अहम प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। मेटाबॉलिज्म, भूख, ऊर्जा और शरीर में फैट के वितरण पर भी इनका सीधा असर पड़ता है। इसी कारण कुछ स्थितियों में हार्मोनल असंतुलन के चलते वजन बढ़ने की समस्या सामने आती है।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) के दौरान वजन बढ़ने या घटाने में कठिनाई की शिकायत आम है। इसी तरह थायरॉयड से जुड़ी समस्याएं भी शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि यदि किसी का वजन बिना स्पष्ट कारण के तेजी से बढ़ रहा हो, लगातार थकान महसूस हो या शरीर में अन्य असामान्य बदलाव नजर आएं, तो खुद अनुमान लगाने के बजाय चिकित्सक से जांच कराना बेहतर विकल्प है।

दवाओं का दुष्प्रभाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, कुछ मामलों में दवाओं के सेवन के साथ वजन में बदलाव देखने को मिलता है। अलग-अलग दवाओं का असर शरीर पर अलग तरह से होता है। कुछ दवाएं भूख, शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन या मेटाबॉलिज्म को सीधे प्रभावित करती हैं।

डॉक्टरों की सलाह है कि, यदि किसी नई दवा की शुरुआत के बाद वजन तेजी से बढ़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि किसी भी दवा को अपनी मर्जी से बंद करना भी उचित नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में संबंधित चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है, जो मरीज की दवा, जीवनशैली और स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए उचित सलाह दे सकते हैं। जरूरत पड़ने पर भोजन, शारीरिक गतिविधि और दिनचर्या में बदलाव की सलाह भी दी जा सकती है।

जरूरत से ज्यादा तनाव

विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार बना रहने वाला तनाव भी वजन बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कारण है। तनाव के दौरान शरीर में कई तरह की प्रतिक्रियाएं होती हैं, जो लंबे समय तक बनी रहने पर व्यक्ति की दिनचर्या और खानपान की आदतों को बदल देती हैं।

Weight Gain

कई लोग तनाव के दौरान जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर देते हैं, खासकर मीठी या अधिक कैलोरी वाली चीजों की इच्छा बढ़ जाती है। वहीं कुछ लोग तनाव में खाना कम कर देते हैं, लेकिन उनकी नींद और शारीरिक गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं। तनाव बढ़ने पर व्यायाम या टहलना भी कम हो जाता है, जिससे लंबे समय तक बैठे रहने और अनियमित नींद जैसी आदतें समस्या को और जटिल बना देती हैं।

डॉक्टर सुझाव देते हैं कि तनाव कम करने के लिए नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, हल्की शारीरिक गतिविधि, योग और ध्यान को अपनाया जा सकता है। यदि तनाव लगातार बना रहे और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना उपयोगी साबित हो सकता है।

कैलोरी की अनदेखी

एक आम धारणा यह भी है कि घर का खाना खाने से वजन नहीं बढ़ता। हालांकि विशेषज्ञ इस धारणा को खारिज करते हुए कहते हैं कि घर का बना भोजन भी जरूरत से ज्यादा मात्रा में खाने पर कुल कैलोरी बढ़ा सकता है।

वजन प्रबंधन में भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी मात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। शरीर को रोजाना जितनी ऊर्जा चाहिए, उससे अधिक कैलोरी लंबे समय तक लेने और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न करने पर वजन बढ़ना तय है। घी, तेल, मेवे, मिठाइयां और कई अन्य खाद्य पदार्थ पोषण से भरपूर हो सकते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी की मात्रा भी अधिक होती है इसलिए किसी भोजन को केवल हेल्दी मानकर उसकी मात्रा नजरअंदाज करना सही नहीं है।

हर व्यक्ति की कैलोरी जरूरत उम्र, शारीरिक गतिविधि, शरीर की बनावट और अन्य कारकों के आधार पर अलग-अलग होती है, इसलिए किसी एक डाइट प्लान को सभी के लिए उपयुक्त नहीं माना जा सकता।

कैसे रोकें बढ़ते वजन को

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि वजन बढ़ने पर सबसे पहले अपने खानपान, नींद, शारीरिक गतिविधि और तनाव के स्तर पर नजर डालनी चाहिए। अचानक बहुत सख्त डाइट अपनाने के बजाय संतुलित भोजन और नियमित दिनचर्या पर ध्यान देना अधिक फायदेमंद साबित होता है।

रोजाना कुछ समय पैदल चलना, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी पीना और समय पर सोने की आदत शरीर के लिए लाभकारी मानी जाती है। यदि वजन तेजी से बढ़ रहा हो या किसी स्वास्थ्य समस्या का संदेह हो, तो चिकित्सक से सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना जरूरी है।

कुल मिलाकर विशेषज्ञ मानते हैं कि वजन नियंत्रित रखना केवल कम खाने का मामला नहीं है। अच्छी नींद, तनाव पर नियंत्रण, संतुलित कैलोरी, नियमित शारीरिक गतिविधि और शरीर में होने वाले बदलावों को समझना भी उतना ही जरूरी है। सही कारण की समय पर पहचान होने पर वजन प्रबंधन की दिशा में बेहतर और सुरक्षित कदम उठाए जा सकते हैं।

 

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नोट- यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह लें।

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