
नई दिल्ली। वजन कम करने और मोटापा नियंत्रित करने के लिए दुनिया भर में बेहद लोकप्रिय दवा वेगोवी को लेकर एक नई मेडिकल स्टडी ने गंभीर चिंता बढ़ा दी है। इस स्टडी में दावा किया गया है कि, यह दवा आंखों से जुड़ी एक दुर्लभ, लेकिन बेहद खतरनाक समस्या का जोखिम काफी बढ़ा सकती है, जिसमें अचानक नजर धुंधला होना या स्थायी रूप से आंखों की रोशनी चले जाना तक शामिल है। यह रिसर्च एक प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई है।
इसे भी पढ़ें- सीएम योगी की पहल से लौटेगी रमाशंकर की लाडली बिटिया की आंखों की रोशनी
ऑप्टिक नर्व तक ब्लड सप्लाई में बाधा
अध्ययन में पाया गया कि, सेमाग्लूटाइड आधारित दवाओं में वेगोवी का आंखों की बीमारी इस्केमिक ऑप्टिक न्यूरोपैथी (NAION) से सबसे मजबूत संबंध है। यह स्थिति तब होती है जब आंख की ऑप्टिक नर्व तक ब्लड सप्लाई अचानक कम हो जाती है या रुक जाती है। इससे मरीज को अचानक दृष्टि धुंधली पड़ सकती है और कुछ गंभीर मामलों में एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली भी जा सकती है।

वेगोवी और ओजेम्पिक जैसी दवाएं मूल रूप से टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए विकसित की गई थीं। इनमें सेमाग्लूटाइड नामक सक्रिय तत्व होता है। बाद में इन दवाओं को मोटापा कम करने के लिए भी मंजूरी मिल गई। ओजेम्पिक मुख्य रूप से डायबिटीज मरीजों के लिए है, जबकि वेगोवी खासतौर पर वजन घटाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में इन दवाओं की मांग सोशल मीडिया और सेलिब्रिटीज के प्रभाव से तेजी से बढ़ी है।
वेगोवी से रिस्क ज्यादा
रिसर्चर्स ने 2017 से 2024 तक अमेरिकी दवा निगरानी सिस्टम में दर्ज करीब तीन करोड़ साइड इफेक्ट रिपोर्ट्स का विस्तृत विश्लेषण किया। इनमें 31 हजार से ज्यादा केस सेमाग्लूटाइड वाली दवाओं से जुड़े पाए गए। अध्ययन में वेगोवी, ओजेम्पिक, रायबेल्सस, माउंजारो और जैपबाउंड जैसी दवाओं की तुलना की गई। नतीजे काफी चौंकाने वाले रहे। हालांकि ओजेम्पिक के कुल मामले ज्यादा थे, क्योंकि यह दवा लंबे समय से बाजार में है, लेकिन आंखों की इस समस्या का खतरा वेगोवी में सबसे ज्यादा पाया गया।
स्टडी के अनुसार, वेगोवी लेने वालों में NAION का जोखिम सामान्य आबादी की तुलना में लगभग 75 गुना ज्यादा था, जबकि ओजेम्पिक में यह 19 गुना था। वैज्ञानिकों का मानना है कि, वेगोवी में रिस्क ज्यादा होने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे पहले तो यह दवा आमतौर पर ज्यादा डोज में दी जाती है। दूसरा, तेजी से वजन घटने से शरीर में पानी की कमी, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और नसों के रेगुलेशन में बदलाव आ सकता है, जो आंखों की नस तक ब्लड पहुंचाने में बाधा पैदा कर सकता है।
तेजी से बढ़ रहा दवाओं का इस्तेमाल
तीसरा, इंजेक्शन वाली इन दवाओं का असर शरीर पर तेज होता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ किया है कि, यह स्टडी सीधे तौर पर साबित नहीं करती कि वेगोवी ही इस बीमारी की वजह है। यह एक observational स्टडी है, जिसमें रियल वर्ल्ड डेटा का विश्लेषण किया गया है। कई रिपोर्ट्स में मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री उपलब्ध नहीं थी और कुछ रिपोर्ट्स मीडिया कवरेज बढ़ने के कारण भी दर्ज हुई हो सकती हैं। इसके बावजूद यह रिसर्च नजरअंदाज करने लायक नहीं है क्योंकि दुनिया भर में इन दवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
मोटापा और डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए ये दवाएं जीवन बदलने वाली साबित हो रही हैं, लेकिन बढ़ते साइड इफेक्ट्स की रिपोर्ट्स अब चिंता का विषय बन गई हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि, इन दवाओं का इस्तेमाल करने वाले मरीजों को नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए। अगर अचानक किसी भी तरह की दृष्टि संबंधी समस्या जैसे धुंधलापन, दर्द या कमजोर नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
भारत में बढ़ रही मोटापे की समस्या
भारत में भी मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है और लाखों लोग वजन घटाने के लिए ऐसी दवाओं की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, वेगोवी और ओजेम्पिक जैसी दवाएं भारत में अभी सीमित रूप से उपलब्ध हैं और महंगी भी हैं। डॉक्टरों का सुझाव है कि, इन दवाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के कभी न लें।

खासकर जिन लोगों को पहले से आंखों की कोई समस्या है, उन्हें इन दवाओं से बचना चाहिए। वैज्ञानिक अब इन दवाओं पर और गहरी रिसर्च करने की तैयारी कर रहे हैं। भविष्य में बड़े क्लिनिकल ट्रायल्स से इस संबंध को और स्पष्ट रूप से समझा जा सकेगा।
फिलहाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि, वजन घटाने के लिए दवा पर निर्भर रहने की बजाय स्वस्थ आहार, व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव को प्राथमिकता दी जाए। यह स्टडी एक बार फिर याद दिलाती है कि कोई भी दवा कितनी भी लोकप्रिय क्यों न हो, उसके संभावित साइड इफेक्ट्स को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मोटापा कम करने की होड़ में लोग अक्सर छोटी-छोटी समस्याओं को अनदेखा कर देते हैं, लेकिन आंखों जैसी संवेदनशील समस्या में लापरवाही बहुत महंगी पड़ सकती है।
इसे भी पढ़ें- आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अपनाएं ये टिप्स, जल्द कम होगा चश्में का पॉवर



