
लखनऊ। सूबे की राजधानी दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राज्य की आर्थिक प्रगति को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश लगातार तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और राज्य अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह प्रदेश अब पूरे देश के लिए विकास का इंजन बन चुका है।
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तीन गुना बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने भारत और जापान के आपसी संबंधों को विकास, तकनीक और समृद्धि की साझेदारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्पष्ट नीतियों, अच्छी नीयत और मजबूत इरादों के साथ लगातार किए जा रहे सुधारों की वजह से उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है और राष्ट्रीय विकास का इंजन बनकर उभरा है।

अपने नौ साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि, इस दौरान राज्य ने अपने बजट, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना बढ़ाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवधि में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी भी तीन गुने से अधिक बढ़ी है, जो राज्य की समावेशी विकास नीति का नतीजा है। उनके मुताबिक, इन्हीं उपलब्धियों के बूते उत्तर प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी ज़ोर
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश और जापान के रिश्तों को सिर्फ आर्थिक नज़रिये से नहीं बल्कि सभ्यतागत और सांस्कृतिक धरोहर के आईने में भी देखा। उन्होंने कहा कि, जापान को जहां ‘उगते सूरज की धरती’ कहा जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश ‘सूर्यवंश’ की धरती के रूप में जाना जाता है। यह वही भूमि है जहां भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान बुद्ध का अवतरण हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान बुद्ध से जुड़ा काला नमक चावल राज्य की ‘वन प्रोडक्ट’ योजना का हिस्सा है, जिससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है। सीएम के मुताबिक इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव की वजह से यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
जापान की तकनीक
सीएम योगी ने कहा कि जापान के पास सटीकता, गुणवत्ता, उन्नत तकनीक, मज़बूत रिसर्च क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग में महारत और मशहूर ‘काइज़ेन’ कार्यशैली दर्शन है। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के पास कुशल कार्यबल, विशाल बाज़ार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सहयोगी नीतियां, मज़बूत कानून-व्यवस्था और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल मौजूद है।
उनके अनुसार, दोनों की यह साझेदारी राज्य के मैन्युफैक्चरिंग और MSME इकोसिस्टम के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में एक ‘जापान सिटी’ विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, जहां जापानी निवेशकों और कंपनियों के लिए ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह साझेदारी भरोसे, तकनीक और सांस्कृतिक बुनियाद पर टिकी हुई है। इस सम्मेलन में भारत और जापान के कई प्रमुख उद्योगपति शामिल हो रहे हैं, जिससे यह साफ है कि दोनों देशों का रिश्ता सिर्फ कारोबारी नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक साझेदारी का भी प्रतीक है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की तरक्की का ज़िक्र
देश की आर्थिक प्रगति पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने वाराणसी में विकसित हो रहे देश के पहले अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का भी उदाहरण दिया, जिसे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की नई मिसाल बताया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस समय उत्तर प्रदेश में 96 लाख से ज़्यादा MSME इकाइयां, 35 हज़ार से अधिक बड़े उद्योग और 22 हज़ार से ज़्यादा स्टार्टअप्स राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहे हैं।
यूपी के कई शहरों में होंगे सम्मेलन के सत्र
18 से 23 अगस्त तक चलने वाले इस यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में जापान के 200 से ज़्यादा उद्योगपति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता शिरकत कर रहे हैं। राज्य सरकार की कोशिश इस सम्मेलन के ज़रिए जापानी कंपनियों की दिलचस्पी को ठोस निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, संयुक्त परियोजनाओं और रोज़गार सृजन में तब्दील करने की है।

जापानी प्रतिनिधिमंडल की अगुआई यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी कर रहे हैं। यह प्रतिनिधिमंडल मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है। बीते दिन नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
आसान होगी निवेश की राह
‘इन्वेस्ट यूपी’ की ओर से आयोजित इस सम्मेलन के तहत दिल्ली के अलावा लखनऊ, आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में भी अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। बुधवार को दिल्ली के ताज पैलेस होटल में हाई-लेवल सीईओ गोलमेज बैठक और उद्घाटन सत्र का आयोजन हुआ। इस मौके पर केंद्रीय रेल, सूचना-प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स-आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
राजनीतिक और आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस सम्मेलन से न सिर्फ प्रदेश में विदेशी निवेश की राह आसान होगी, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश की वैश्विक स्तर पर एक निवेश-अनुकूल राज्य की छवि भी मज़बूत होगी। आने वाले दिनों में इस सम्मेलन से निकलने वाले निवेश समझौतों और परियोजनाओं पर सबकी नज़र टिकी रहेगी।
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