
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जब एक महिला ने सीएम के समक्ष अपना दर्द बयां किया तो सीएम की भौहें तन गईं। दरअसल, महिला ने बताया कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने उसके रास्ते पर जबरन कब्जा कर लिया है, जिससे उसे रोजमर्रा की आवाजाही में भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। महिला ने यह भी बताया कि, इस संबंध में उसने संबंधित राजस्व अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन उसकी समस्या अभी तक हल नहीं हुई।
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महिला की व्यथा सुनते ही सीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश किया कि, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार को तत्काल निलंबित किया जाए। मुख्यमंत्री का यह कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि, सरकार भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
भूमि विवादों पर CM की दो टूक
जनता दर्शन के दौरान इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित तमाम राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी, कि भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित कार्मिक या अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि, मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ने पर संबंधित कर्मचारी को निलंबित करने से भी परहेज नहीं किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री का मानना है कि, आम जनता, विशेष रूप से महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों को भूमि विवाद जैसी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए निचले स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि, प्रदेश में भूमि से जुड़े विवाद और दबंगई की शिकायतें लंबे समय से एक गंभीर सामाजिक समस्या रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर देखा गया है कि, प्रभावशाली लोग गरीब और कमजोर तबके के लोगों की जमीन या रास्ते पर जबरन कब्जा कर लेते हैं, और स्थानीय राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत या लापरवाही के चलते पीड़ितों को न्याय मिलने में वर्षों लग जाते हैं।
मुख्यमंत्री का यह ताजा आदेश ऐसे मामलों में एक नजीर के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि, अन्य जिलों के राजस्व अधिकारी भी अपने कार्यों के प्रति अधिक सजग और जवाबदेह बनेंगे।
तीन दिवसीय गोरखपुर दौरे पर CM
बता दें कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों अपने गृह जनपद गोरखपुर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरे के तहत मंगलवार की सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर परिसर में नियमित रूप से आयोजित होने वाले जनता दर्शन कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने स्वयं फरियादियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए सख्त निर्देश दिए। जनता दर्शन कार्यक्रम मुख्यमंत्री की कार्यशैली का एक अहम हिस्सा माना जाता है, जिसके जरिए वे सीधे आम जनता से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने और प्रशासनिक स्तर पर उनका समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं।
PRD जवानों के सम्मेलन में भी होंगे शामिल
सीएम का मंगलवार का दिन कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से भरा रहा। जनता दर्शन के बाद सुबह करीब 10:30 बजे मुख्यमंत्री योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षा गृह में आयोजित प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पीआरडी जवानों को कई सौगातें दीं।

मुख्यमंत्री ने जवानों की वर्दी के लिए तीन हजार रुपये की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करने की घोषणा की, ताकि जवानों को अपनी वर्दी की व्यवस्था करने में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना का भी विधिवत शुभारंभ किया। इस योजना के लागू होने से प्रांतीय रक्षक दल के जवानों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में बेहतर और सुगम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिसके लिए उन्हें अब अस्पतालों में नकद भुगतान की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। सरकार का यह कदम पीआरडी जवानों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
लखनऊ में बहुमंजिला PRD बैरक का शिलान्यास
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में बनने वाले एक बहुमंजिला पीआरडी बैरक भवन का शिलान्यास भी किया। बताया गया है कि इस भवन के निर्माण पर करीब 23 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह बैरक भवन प्रांतीय रक्षक दल के जवानों के आवास और अन्य सुविधाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा, जिससे जवानों को बेहतर रहन-सहन की सुविधाएं मुहैया कराई जा सकेंगी।
कई अन्य कार्यक्रमों में भी लेंगे हिस्सा
गोरखपुर के इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का जनता दर्शन में महिला की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश यह दर्शाता है कि, सरकार जमीनी स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर कितनी गंभीर है। विश्लेषकों का मानना है कि, इस तरह की त्वरित कार्रवाई से न केवल पीड़ित पक्ष को त्वरित न्याय मिलता है, बल्कि अन्य क्षेत्रों के राजस्व अधिकारियों में भी अपने कर्तव्यों के प्रति जवाबदेही का संदेश जाता है। मुख्यमंत्री के तीन दिवसीय गोरखपुर दौरे के दौरान आगे भी कई अन्य विकास कार्यक्रमों और जनसुनवाई कार्यक्रमों में उनके शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
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