राम मंदिर CEO पद के लिए 18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट, पूछे जा रहे आस्था से जुड़े सवाल भी

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के सीईओ पद के लिए चल रही चयन प्रक्रिया इन दिनों काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि, इसमें उम्मीदवारों की सिर्फ प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमता ही नहीं परखी जा रही, बल्कि उनकी धार्मिक समझ और व्यक्तिगत जीवनशैली से जुड़े पहलुओं पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है। इस पद के लिए करीब 5300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से कई चरणों की छंटनी के बाद अब 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है और उनके इंटरव्यू की प्रक्रिया इस समय जोरों पर चल रही है।

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यह पूरी चयन प्रक्रिया इस बात का संकेत देती है कि, राम मंदिर ट्रस्ट इस अहम पद के लिए एक ऐसे व्यक्ति की तलाश में है, जो प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ धार्मिक आस्था और मंदिर की गरिमा को भी पूरी तरह समझता हो।

इंटरव्यू में पूछे जा रहे हैं आस्था से जुड़े सवाल

इस पूरी चयन प्रक्रिया की एक बेहद दिलचस्प जानकारी सामने आई है, जिसके मुताबिक इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से उनकी व्यक्तिगत आस्था और जीवनशैली से जुड़े कई सवाल भी पूछे जा रहे हैं। उम्मीदवारों से यह पूछा जा रहा है कि वे शाकाहारी हैं या मांसाहारी? क्या वे किसी भी तरह से शराब का सेवन करते हैं या नहीं।

Ram Mandir

इसके अलावा कुछ उम्मीदवारों से यह भी सवाल किया गया कि वे खुद को कितना हिंदू मानते हैं? क्या वे परंपरा के अनुसार जनेऊ धारण करते हैं?। इस तरह के सवालों से साफ जाहिर होता है कि राम मंदिर ट्रस्ट इस पद के लिए सिर्फ प्रशासनिक योग्यता ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार की धार्मिक आस्था और उनकी व्यक्तिगत जीवनशैली को भी उतना ही महत्वपूर्ण मान रहा है, ताकि मंदिर की पवित्रता और परंपराओं के साथ किसी तरह का समझौता न हो।

मंदिर प्रबंधन के अनुभव की भी परख

आस्था से जुड़े सवालों के अलावा इंटरव्यू में उम्मीदवारों से मंदिर और अन्य धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन का उनका पूर्व अनुभव भी विस्तार से पूछा जा रहा है। इसके साथ ही यह भी परखा जा रहा है कि, उम्मीदवारों को मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और वहां की मौजूदा व्यवस्थाओं की कितनी गहरी समझ है।

इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से यह भी सवाल किए जा रहे हैं कि, वे राम मंदिर की गरिमा और उसकी धार्मिक परंपराओं को पूरी तरह बरकरार रखते हुए मंदिर के प्रबंधन और विकास कार्यों को किस तरह आगे बढ़ाने की योजना रखते हैं। यह पूरी प्रक्रिया इस बात को स्पष्ट करती है कि चुना जाने वाला व्यक्ति सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि मंदिर की आस्था और परंपराओं का एक जिम्मेदार संरक्षक भी होगा।

प्रबंधन और वित्तीय क्षमता का आंकलन

इंटरव्यू प्रक्रिया के दौरान सीईओ पद के दावेदारों से उनकी प्रबंधन क्षमता और वित्तीय व्यवस्था संभालने से जुड़ी योग्यता के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली जा रही है। इससे यह साफ पता चलता है कि, इस पूरी चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक अनुभव, वित्तीय प्रबंधन की क्षमता, मंदिर की व्यवस्थाओं की गहरी समझ और धार्मिक परंपराओं के प्रति संवेदनशीलता, इन सभी पहलुओं को समान रूप से अहम माना जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट की यह कोशिश है कि जो भी व्यक्ति अंततः इस पद के लिए चुना जाए, वह मंदिर की विशाल प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियों को बखूबी संभालने में सक्षम हो और साथ ही मंदिर की धार्मिक मर्यादा को भी पूरी तरह बनाए रखे।

तीन उम्मीदवारों का पैनल होगा तैयार

अब जबकि 18 उम्मीदवारों के इंटरव्यू की प्रक्रिया लगातार जारी है, इसके पूरा होने के बाद इनमें से तीन उम्मीदवारों के नाम का एक पैनल तैयार किया जाएगा, जिसे आगे राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपा जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट इन तीन नामों में से किसी एक व्यक्ति के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से जुड़ी एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि राम मंदिर ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक आगामी 2 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसमें इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

कैसे हुई अब तक की चयन प्रक्रिया

गौरतलब है कि सीईओ पद के लिए चल रही इस पूरी चयन प्रक्रिया की शुरुआत में करीब 5300 से भी अधिक लोगों ने अपने आवेदन जमा किए थे, जो अपने आप में इस पद को लेकर लोगों की गहरी दिलचस्पी को दर्शाता है। इन सभी 5300 आवेदकों को एक गूगल फॉर्म के जरिए 32 सवालों की एक सूची भेजी गई थी, जिसके जवाबों के आधार पर बारीकी से आकलन करने के बाद कुल 54 लोगों को अगले चरण के लिए चुना गया।

Ram Mandir

इसके बाद इन 54 शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों से भी लगभग दो दर्जन से अधिक अतिरिक्त सवाल पूछे गए, जिसके आधार पर अंततः 18 उम्मीदवारों को अंतिम इंटरव्यू के लिए चुना गया। अब इन्हीं 18 उम्मीदवारों के इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही है, जिसके पूरा होने के बाद इनमें से तीन लोगों का चयन किया जाएगा और अंत में इन तीन नामों में से एक व्यक्ति को औपचारिक रूप से सीईओ पद पर नियुक्त किया जाएगा।

क्यों अहम है यह पद

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और ऐसे में इसके सीईओ पद की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी और संवेदनशील मानी जा रही है। इस पद पर बैठने वाले व्यक्ति को न सिर्फ मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को संभालना होगा, बल्कि उसे मंदिर की धार्मिक गरिमा, वहां की परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का भी पूरा ख्याल रखना होगा।

यही वजह है कि इस चयन प्रक्रिया में इतनी बारीकी और गंभीरता बरती जा रही है, ताकि अंत में एक ऐसा योग्य और भरोसेमंद व्यक्ति सामने आए, जो इस अहम जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभा सके। आने वाले दिनों में इस पूरी प्रक्रिया के अंतिम नतीजे को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं की निगाहें टिकी रहेंगी।

 

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