
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के स्थानीय हुनर, पारंपरिक उत्पादों और सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यमों (MSME) को वैश्विक बाजार से जोड़ने के मकसद से ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 का बुधवार को भव्य समापन हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के तहत हुए इस आयोजन में प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और निर्यातकों के लिए कारोबार की नई संभावनाएं खुली हैं। आयोजकों का कहना है कि, शो के दौरान कुल 4,400 समझौता ज्ञापन (MoU) हुए, जिनका मूल्य करीब 6,500 करोड़ रुपए रहा।
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आयोजकों का दावा है कि, इन समझौतों और कारोबारी बैठकों से लगभग 15,500 करोड़ रूपये के संभावित कारोबार के अवसर पैदा हुए हैं। ट्रेड शो में 41,500 बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) बैठकें हुईं, जबकि 5.99 लाख लोगों ने प्रदर्शनी का दौरा किया। ये आंकड़े आयोजन की सफलता के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के उत्पादों और उद्यमिता क्षमता के प्रति राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते आकर्षण को भी दर्शाते हैं।
75 जिलों के उत्पादों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच
UPITS 2026 की सबसे बड़ी खासियत यहरही कि, इसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों के उत्पादों को जगह दी गई। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट (ODOC) योजनाओं के तहत तैयार उत्पाद, MSME इकाइयां और पारंपरिक कारीगर इस मंच पर अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन कर सके।’

हाथ से बने वस्त्र, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, धातु शिल्प, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के उत्पाद, सुगंधित तेल, हर्बल उत्पाद और कई अन्य श्रेणियों के सामान विदेशी खरीदारों और घरेलू व्यापारियों के सामने प्रस्तुत किए गए। यह पहल प्रदेश के हर जिले के हुनर को एक साझा मंच देने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है।
यह आयोजन स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए खास तौर पर अहम रहा। कई कारीगरों ने बताया कि, पहली बार उन्हें इतने बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संवाद का मौका मिला। इससे उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग में सुधार की जरूरत समझ आई। साथ ही निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं और बाजार की मांग को लेकर भी जागरूकता बढ़ी। सीधे संवाद से कारीगरों को यह समझने में मदद मिलती है कि, विदेशी बाजार में किस तरह के डिजाइन, रंग और कीमत की मांग है।
छह देशों ने की भागीदारी
ट्रेड शो में छह देशों को पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया। इन देशों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों और खरीदारों ने प्रदर्शनी में सक्रिय भागीदारी की। 600 से अधिक विदेशी खरीदारों से कारोबारियों के संपर्क संपर्क स्थापित हुए। ये संपर्क सिर्फ औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहे। कई मामलों में उत्पाद परीक्षण, सैंपल ऑर्डर और आगे के व्यापारिक समझौतों को लेकर ठोस चर्चाएं भी हुईं।
विदेशी खरीदारों ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों की विविधता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी कीमत को भी सराहा। कई खरीदारों ने प्रदेश के पारंपरिक शिल्प और आधुनिक MSME उत्पादों का मेल वैश्विक बाजार में अच्छी संभावनाओं की चर्चा की। इस तरह के सीधे संपर्क से स्थानीय उद्यमियों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का मौका मिल रहा है, जो ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को हकीकत में बदलेगा।
जमीन पर उतर रहा योगी का विजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बार-बार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि, प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और कौशल को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का अहम हिस्सा है। UPITS 2026 को इसी सोच को जमीन पर उतारने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। MSME विभाग ने आयोजन की योजना, समन्वय और क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाई।
विभाग ने जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उद्यमियों और कारीगरों को संगठित किया। उत्पादों के चयन से लेकर स्टॉल आवंटन, बी2बी बैठकों के प्रबंधन और विदेशी प्रतिनिधियों के साथ तालमेल तक की जिम्मेदारी विभाग ने संभाली। विभाग की इस सक्रियता के कारण ही बड़ी संख्या में प्रतिभागी जुड़ सके और इतने बड़े पैमाने पर कारोबारी बातचीत संभव हो पाई।
नोडल अधिकारी ने निभाई अहम भूमिका
UPITS 2026 के नोडल अधिकारी और MSME विभाग के विशेष सचिव शिशिर सिंह की टीम ने आयोजन के समन्वय और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई। योजना बनाने से लेकर सुचारू संचालन तक हर स्तर पर मार्गदर्शन की जिम्मेदारी उन्हीं के पास रही। उनकी टीम ने विभिन्न विभागों, जिला प्रशासन, उद्योग संघों, कारीगर समूहों और विदेशी व्यापार प्रतिनिधियों के बीच प्रभावी तालमेल बनाया।
इतने बड़े आयोजन में स्टॉल प्रबंधन, हजारों बी2बी बैठकों का शेड्यूल, सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन और आतिथ्य जैसी कई चुनौतियां थीं। इन्हें संभालने में टीम की मेहनत साफ दिखी। कई प्रतिभागियों ने बताया कि, प्रशासनिक सहयोग और समस्याओं के समाधान की रफ्तार से उनका अनुभव सकारात्मक रहा।
कारोबारी अवसर का मंच बना
6,500 करोड़ के MoU और 15,500 करोड़ के संभावित कारोबार के आंकड़े बताते हैं कि, यह आयोजन सिर्फ प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कारोबारी अवसर पैदा करने वाला मंच भी बना। इन समझौतों से रोजगार सृजन, निर्यात में बढ़ोतरी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर MSME क्षेत्र में नए ऑर्डर आने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और कई इकाइयां विस्तार की ओर बढ़ सकेंगी।
ODOP और ODOC उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने से ब्रांडिंग और गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। कारीगरों को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप डिजाइन, पैकेजिंग और प्रमाणन को लेकर जागरूकता मिलेगी। लंबे समय में इससे उनके उत्पादों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ सकती है।
ग्रेटर नोएडा में संपन्न UPITS 2026 ने स्पष्ट कर दिया कि, उत्तर प्रदेश के हुनर और उद्यमिता में वैश्विक बाजार तक पहुंचने की बड़ी क्षमता है।
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