
नई दिल्ली। हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों पर गई भारतीय क्रिकेट टीम के बेहद निराशाजनक, लचर और शर्मनाक प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई (BCCI)ने एक रिव्यू मीटिंग बुलाई, जो किन्हीं कारणों से टल गई। खबर है कि, बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया की अचानक तबीयत खराब हो जाने की वजह से यह अहम बैठक अपने पूर्व निर्धारित समय पर आयोजित नहीं की जा सकी। हालांकि, इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
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तय होगी बैठक की नई तारीख
यह समीक्षा बैठक मूल रूप से अगस्त के पहले सप्ताह में आयोजित होनी तय मानी जा रही थी। हालांकि, बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि, अब अगले कुछ ही दिनों में नए सिरे से इस बैठक की तारीख तय की जाएगी। आगामी घरेलू सीरीज और महत्वपूर्ण दौरों से ठीक पहले आयोजित होने वाली इस विशेष बैठक में भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे जुड़ेंगे और इस पूरे विदेशी दौरे की असफलता पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट बोर्ड के शीर्ष पदाधिकारियों के समक्ष पेश करेंगे।

विश्व विजेता का दर्जा प्राप्त करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम का हालिया विदेशी दौरा क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों की उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत साबित हुआ। भारतीय टीम ने आयरलैंड और इंग्लैंड के इस संयुक्त दौरे के दौरान कुल 10 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, जिनमें टी-20 और एकदिवसीय मैच शामिल थे, लेकिन बेहद निराशाजनक खेल का प्रदर्शन करते हुए पूरी टीम पूरे दौरे पर केवल दो ही मुकाबलों में जीत दर्ज करने में सफल हो सकी।
भारतीय टीम की शर्मनाक हार
दौरे की शुरुआत में आयरलैंड के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टी-20 सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से शर्मनाक क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। इस सीरीज की खास बात यह थी कि, चयनकर्ताओं ने युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को पहली बार भारतीय टी-20 टीम की कमान सौंपी थी। हालांकि, श्रेयस अय्यर न तो अपनी कप्तानी से प्रभावित कर सके और न ही बल्ले से कोई यादगार पारी खेल पाए, जिससे आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ भी भारत को हार झेलनी पड़ी।
आयरलैंड में मिली करारी हार के बाद खेल प्रेमियों को उम्मीद थी कि, टीम इंडिया इंग्लैंड पहुंचकर मजबूत वापसी करेगी और अपनी साख बचाएगी, लेकिन इंग्लैंड की सरजमीं पर स्थिति सुधरने के बजाय और भी ज्यादा चिंताजनक हो गई। पांच मैचों की हाई-प्रोफाइल टी-20 सीरीज में मेजबान इंग्लैंड की टीम ने भारतीय टीम को 4-0 से पूरी तरह से एकतरफा अंदाज में धो डाला। इस सीरीज का एक मुकाबला बारिश की वजह से बिना किसी नतीजे के रद्द घोषित करना पड़ा था।
खराब प्रदर्शन की हो रही आलोचना
टी-20 सीरीज के झटके से भारतीय टीम अभी उबर भी नहीं पाई थी कि, तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। पूरे दौरे के दौरान भारतीय टीम किसी भी क्षेत्र में चाहे वह शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी हो, मध्यक्रम का संतुलन हो या फिर मुख्य गेंदबाजों का प्रदर्शन, मेजबान टीमों के सामने एक मजबूत चुनौती पेश करती हुई नजर नहीं आई।
विदेशी दौरों पर भारतीय बल्लेबाजों का यह गैर-जिम्मेदाराना और दिशाहीन प्रदर्शन क्रिकेट जगत में तीखी आलोचना का केंद्र बना हुआ है। कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों और खेल विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि आईपीएल और भारत में आयोजित घरेलू टी-20 मैचों के दौरान लगातार सपाट और बल्लेबाजी के लिए अत्यधिक अनुकूल पिचों पर खेलने की वजह से भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक और मानसिक मजबूती पर गहरा असर पड़ा है।
रणनीति और सोच दोनों में बदलाव जरूरी
परिणामस्वरूप, जब आयरलैंड और इंग्लैंड की उछालभरी और स्विंग होती पिचों पर गेंदबाजों को मदद मिली, तो भारतीय बल्लेबाज उन कठिन परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए। हेड कोच गौतम गंभीर ने भी हाल ही में इस बात को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया था कि, खिलाड़ियों को अपनी सोच और रणनीति में व्यापक बदलाव करने की सख्त जरूरत है। गंभीर के अनुसार, खिलाड़ियों को केवल पिच के मिजाज को ही नहीं, बल्कि मैच की बदलती परिस्थितियों, मैदान पर हवा के रुख और बाउंड्री के आकार जैसी छोटी लेकिन बेहद प्रभावकारी बारीकियों को भी गहराई से समझना होगा।
कई दिग्गज खिलाड़ी हैं चोटिल
इस समीक्षा बैठक में न केवल मैदान पर टीम के खराब प्रदर्शन और रणनीतिक गलतियों पर मंथन होगा, बल्कि खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने का गंभीर मुद्दा भी बीसीसीआई के एजेंडे में सबसे ऊपर रहने वाला है। हाल के दिनों में मुख्य खिलाड़ियों की इंजरी ने टीम के संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है। टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अपनी पुरानी चोट के एक बार फिर से उभरने के कारण श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट दौरे से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं।

इसके अतिरिक्त, युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन, उभरते तेज गेंदबाज हर्षित राणा, स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर और प्रतिभावान ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ी भी इस समय अलग-अलग चोटों से जूझ रहे हैं और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं।
मेडिकल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न
प्रमुख खिलाड़ियों के इस तरह एक साथ चोटिल होने के सिलसिले ने अब टीम के मुख्य फिजियो कमलेश जैन और मेडिकल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। अंदरूनी सूत्रों की मानें, तो कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर दोनों ही महत्वपूर्ण खिलाड़ियों के बार-बार अनफिट होने और मैच के लिए उपलब्ध न रहने की समस्या से काफी असहज और असंतुष्ट दिखाई दे रहे हैं।
खैर, आयरलैंड और इंग्लैंड का यह दौरा भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत बनकर उभरा है। आगामी रिव्यू मीटिंग में बीसीसीआई के अधिकारी, कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ता मिलकर टीम की कप्तानी, कोचिंग पद्धतियों, फिटनेस प्रोटोकॉल और खिलाड़ियों के कार्यभार प्रबंधन (वर्कलोड मैनेजमेंट) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कड़े और सख्त फैसले ले सकते हैं, ताकि आने वाले दौरों में भारतीय टीम अपनी खोई हुई साख को वापस हासिल कर सके।
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