घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद इन खिलाड़ियों को टीम में नहीं मिली जगह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार, 28 जुलाई को श्रीलंका दौरे पर खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया की स्क्वायड का ऐलान कर दिया। इस बार की ततीम के जहां कुछ अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी हुई और एक अनकैप्ड खिलाड़ी को भी पहली बार मौका दिया गया। वहीं दूसरी तरफ घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले चार ऐसे खिलाड़ी एक बार फिर टीम से बाहर रह गए, जिनके चयन की उम्मीद हर किसी को थी। हैरानी की बात यह है कि, इस लिस्ट में एक ऐसा गेंदबाज भी शामिल है, जिसने घरेलू सीजन में महज 10 मैचों में 60 विकेट झटककर अपनी काबिलियत साबित की थी।

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इसी फेहरिस्त में भारत के अनुभवी और दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम भी शामिल है। लंबे समय से टीम इंडिया की टेस्ट टीम से बाहर चल रहे शमी लगातार घरेलू क्रिकेट में अपनी फॉर्म और फिटनेस साबित करने में जुटे हैं, लेकिन उनकी यह मेहनत फिलहाल उन्हें टीम में वापसी दिलाने में नाकाम साबित होती दिख रही है। आइए विस्तार से जानते हैं वे चार खिलाड़ी कौन हैं, जिन्हें एक बार फिर चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज कर दिया।

 आकिब नबी

इस लिस्ट में सबसे पहला और सबसे चर्चित नाम जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी का है। साल 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सीजन में आकिब नबी ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 10 मैचों में ही 60 विकेट अपने नाम किए थे। यह आंकड़ा बताने के लिए काफी है कि वे पूरे सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। इस शानदार प्रदर्शन के बाद से ही क्रिकेट जगत में लगातार यह मांग उठती रही है कि, आकिब को जल्द से जल्द टीम इंडिया में मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन श्रीलंका दौरे के लिए एलान हुई टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिल सकी, जिससे उनके समर्थकों में निराशा देखी जा रही है।

 मोहम्मद शमी

टीम से बाहर रहने वाले खिलाड़ियों की सूची में मोहम्मद शमी का नाम शायद सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला जून 2023 में खेला था। इसके बाद से लगातार वे घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहते हुए अपनी लय बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

Mohammed Shami

बंगाल की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने वाले शमी ने 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सीजन में 7 मैचों में खेलते हुए 37 विकेट अपने नाम किए। इतने शानदार आंकड़ों के बावजूद उन्हें एक बार फिर टीम इंडिया में जगह नहीं मिल पाई, जो कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों को हैरान कर रहा है।

रविचंद्रन स्मरण

तीसरा बड़ा नाम कर्नाटक के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले युवा बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण का है। 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सीजन में स्मरण सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज के तौर पर उभरे थे। उन्होंने महज 9 मैचों में शानदार 86.36 की औसत से कुल 950 रन बनाए, जो अपने आप में एक बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन माना जा रहा है। इस दौरान 23 वर्षीय स्मरण के बल्ले से कुल 4 शतक भी निकले, जिससे यह साफ पता चलता है कि उनका फॉर्म लगातार शानदार बना हुआ है। इतने दमदार आंकड़ों के बावजूद उन्हें टेस्ट टीम में जगह नहीं मिल सकी, जिससे यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर घरेलू क्रिकेट में इतना असाधारण प्रदर्शन करने के बाद भी युवा खिलाड़ियों को मौका क्यों नहीं मिल पा रहा।

करुण नायर

चौथा नाम अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर का है, जिनकी कहानी थोड़ी अलग और दिलचस्प है। करुण नायर को इससे पहले एक मौका मिला था, लेकिन बाद में उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया था। साल 2025 में इंग्लैंड दौरे पर खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान नायर टीम का हिस्सा बने थे और खेलते हुए नजर भी आए थे।

Karun Nair

हालांकि इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। ड्रॉप होने के बाद नायर ने अपने प्रदर्शन से जवाब देने की पूरी कोशिश की और 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सीजन में उनका बल्ला जमकर बोला। उन्होंने 9 मैचों में खेलते हुए 58.25 की शानदार औसत से कुल 699 रन बनाए। इस प्रदर्शन के बाद एक बार फिर उनके प्रशंसकों और क्रिकेट जानकारों में यह उम्मीद जगी थी कि उन्हें टीम इंडिया में दोबारा मौका मिल सकता है, लेकिन श्रीलंका दौरे के लिए हुए चयन में उनका नाम फिर नदारद रहा।

घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन पर सवाल

इन चारों खिलाड़ियों के आंकड़ों पर गौर करें तो साफ पता चलता है कि इन सभी ने घरेलू क्रिकेट के हालिया सीजन में असाधारण प्रदर्शन किया है। चाहे वह आकिब नबी की घातक गेंदबाजी हो, मोहम्मद शमी का अनुभव और निरंतरता, रविचंद्रन स्मरण की बल्लेबाजी में आई शानदार लय हो या फिर करुण नायर की वापसी की कोशिशें इन सभी ने अपने-अपने प्रदर्शन से यह साबित करने की पूरी कोशिश की कि, वे टीम इंडिया में जगह पाने के हकदार हैं। बावजूद इसके, चयनकर्ताओं ने श्रीलंका दौरे के लिए इन चारों को नजरअंदाज करने का फैसला लिया, जिसे लेकर क्रिकेट जगत में लगातार चर्चा और बहस का दौर जारी है।

टीम प्रबंधन की प्राथमिकताएं

टीम चयन में इन खिलाड़ियों के बाहर रहने के बाद यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि, आखिर टीम प्रबंधन और चयनकर्ता किन मापदंडों के आधार पर अपने फैसले ले रहे हैं। जहां एक तरफ घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी और एक अनकैप्ड खिलाड़ी के चयन ने भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच नई बहस छेड़ दी है।

फिलहाल इन चारों खिलाड़ियों के प्रशंसकों और घरेलू क्रिकेट पर करीबी नजर रखने वाले जानकारों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इनका शानदार फॉर्म आखिरकार चयनकर्ताओं का ध्यान जरूर खींचेगा और इन्हें भी टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका जल्द मिलेगा। तब तक इन खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाना ही सबसे बड़ी चुनौती और रणनीति बनी रहेगी।

 

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