
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की गलियों में दिनों ‘लक्ष्मी योजना कब आएगी, पैसे कब मिलेंगे? की चर्चा खूब हो रही है। अगर आप भी दिल्ली में रहती हैं और इस सवाल का जवाब ढूंढ रही हैं, तो यह लेख आपके लिए है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि, यह योजना असल में है क्या ह, कब शुरू होगी और इसका लाभ किन लोगों को मिलेगा। सबसे ज़रूरी बात इस योजना के शुरू होने के बाद आपके खाते में कितने रुपये आ सकते हैं।
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2025 में भाजपा ने किया था वादा
कहानी की शुरुआत होती है साल 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव से, जब भाजपा ने महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। उस वक्त इसे ‘महिला समृद्धि योजना’ नाम दिया गया था। चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने भरोसा दिलाया था कि, सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर यह योजना ज़मीन पर उतार दी जाएगी, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों, पात्रता के नियम तय करने और बैंकों से बातचीत में समय लगता गया और वादे की समयसीमा खिसकती चली गई।

अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल बैठक में इस योजना का नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया गया। इस बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल भी मची। विपक्षी इसे देरी पर पर्दा डालने की कोशिश बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि, यह सिर्फ एक ब्रांडिंग बदलाव है, योजना वही है,जिसके तहत दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
कब से मिलेगा फायदा?
अब तक की जानकारी के अनुसार, माना जा रहा है कि सरकार रक्षाबंधन के पावन मौके पर यानी 28 अगस्त 2026 के आसपास इसे लॉन्च कर सकती है। बहन-भाई के त्योहार पर महिलाओं को यह आर्थिक तोहफा देने का प्रतीकात्मक संदेश भी सरकार के इस टाइमिंग के पीछे नज़र आ रहा है। हालांकि, अभी तक इसे लेकर अधिकारिक रूप से कोई सटीक घोषणा नहीं की गई है, इसलिए अगले कुछ हफ्तों में इस पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।
कितने पैसे मिलेंगे और किसे मिलेंगे?
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे। ये पैसे उनके खाते में सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। यानी सालभर में यह रकम लगभग 30,000 रुपये तक पहुंच जाएगी। अगर यह सहायता लगातार दो साल तक जारी रहती है, तो एक महिला के खाते में कुल मिलाकर करीब 60,000 रुपये आ सकते हैं। कंडीशन सिर्फ इतनी है योजना बिना किसी रुकावट के लगातार चलती रहे। यह ध्यान रखने वाली बात है कि यह आंकड़ा अनुमानित है और सरकार की तरफ से किसी लंपसम या एकमुश्त 60,000 रुपये की घोषणा नहीं की गई है। यह सिर्फ मासिक राशि का संचयी हिसाब है।
किन्हें मिलेगा लाभ
- आवेदक महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए।
- महिला कम से कम पिछले 10 सालों से दिल्ली की स्थायी निवासी होनी चाहिए। इसके लिए 10 साल पुराना आधार कार्ड, वोटर
- आईडी या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं।
- महिला या उसके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
अनुमान है कि इस योजना से दिल्ली की करीब 17 लाख महिलाओं को सीधा फायदा मिलने वाला है। इसके अलावा, योजना के साथ ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ जैसी सुविधा भी जोड़े जाने की चर्चा है, जिससे लाभार्थियों की पहचान और ट्रैकिंग आसान हो सके।
क्यों खड़ा हुआ विवाद?
हर बड़ी योजना अपने साथ कुछ सवाल भी लाती है। लक्ष्मी योजना भी इससे अछूती नहीं रही। सबसे बड़ा विवाद 10 साल की निवास शर्त को लेकर है। विपक्ष तर्क दे रहा है कि, दिल्ली जैसे महानगर में, जहां लाखों लोग रोज़गार और बेहतर जीवन की तलाश में बाहर से आकर बसते हैं, यह शर्त बहुत सारी ज़रूरतमंद महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर कर देगी। कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे चुनावी वादे से पीछे हटने का तरीका भी करार दिया है, क्योंकि प्रचार के दौरान इतनी सख्त शर्तों का ज़िक्र नहीं किया गया था।

वहीं सरकार का कहना है कि, ये शर्तें योजना को सही और वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी हैं, ताकि सीमित संसाधनों का दुरुपयोग न हो और असली ज़रूरतमंद महिलाओं तक मदद पहुंचे।
कैसे करें आवेदन?
पात्रता के नियम, तो लगभग तय कर लिए गए हैं, लेकिन ऑनलाइन आवेदन पोर्टल अभी पूरी तरह लॉन्च नहीं हुआ है। सरकार का कहना है कि, फंड वितरण के लिए बैंकों से बातचीत जारी है। जैसे ही सारी प्रक्रियाएं अंतिम रूप ले लेंगी, आवेदन के लिए एक आधिकारिक पोर्टल खोल दिया जाएगा, जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ चाहिए, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अभी से अपने ज़रूरी दस्तावेज़, आधार कार्ड, वोटर आईडी, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण तैयार रखें, ताकि पोर्टल खुलते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दें।
कुछ हफ्तों ही दूर है रक्षाबंधन
दिल्ली लक्ष्मी योजना सिर्फ एक और सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि बिहार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में चल रही महिला-केंद्रित नकद सहायता योजनाओं की उस बड़ी लहर का हिस्सा है जो अब देश की राजधानी तक पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इसे प्रधानमंत्री की महिला नेतृत्व वाले विकास की सोच से जोड़ती हैं।
वहीं, विपक्ष इसे राजनीतिक फायदे का ज़रिया बता रहा है। सच्चाई जो भी हो, असली परीक्षा तो तब होगी जब पहला पैसा वाकई किसी महिला के खाते में पहुंचेगा। तब तक, नज़र बनाए रखिए और अपने दस्तावेज़ तैयार रखिए, क्योंकि रक्षाबंधन का यह तोहफा शायद बस कुछ ही हफ्तों दूर है।
नोट: योजना से जुड़े नियम, शर्तें और लॉन्च की तारीख अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं हुई है। कृपया आवेदन से पहले दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या घोषणा की पुष्टि ज़रूर करें।
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