
मुंबई। जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक पेटेंट रैंकिंग में बेहद शानदार छलांग लगाई है। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (WIPO) की पीसीटी रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल टॉप-20 में शामिल हो गई है। कंपनी ने 2025 की रैंकिंग की तुलना में 320 पायदान की बड़ी छलांग लगाई है और अब 20वें स्थान पर पहुंच गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी इकाई है। इस नई रैंकिंग के साथ जियो ग्लोबल टॉप-20 में जगह बनाने वाली पहली और एकमात्र भारतीय टेक कंपनी बन गई है।
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ये कंपनियां हैं टॉप 20 में
अब जियो हुआवेई, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी विश्व की दिग्गज टेक कंपनियों के साथ टॉप-20 क्लब में शामिल हो गई है। जियो की पेटेंट फाइलिंग मुख्य रूप से भविष्य की डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित रही है। इनमें 5G, 5G एडवांस्ड, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, रेडियो एक्सेस, कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, नेटवर्क स्लाइसिंग और डिजिटल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, WIPO की PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्लोबल टॉप-20 में आना हमारी डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में कई वर्षों की निरंतर मेहनत और समर्पण को दर्शाता है। यह जियो में हो रहे उन्नत तकनीकी इनोवेशन का प्रमाण है, जो आने वाले वर्षों में और तेज गति से बढ़ेगा। आकाश अंबानी ने आगे कहा कि वे इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हैं।
वैश्विक स्तर पर मान्यता
उन्होंने कहा कि यह विजन भारत को दुनिया के लिए तकनीक का निर्माता, मालिक और निर्यातक बनाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। जियो इस महत्वपूर्ण यात्रा में अपना योगदान देकर बेहद गर्व महसूस कर रही है। यह खास बात ध्यान देने लायक है कि जियो की 320 पायदान की यह बड़ी छलांग तब आई है, जब वैश्विक स्तर पर PCT फाइलिंग में कुल वृद्धि महज 1 प्रतिशत से भी कम रही है। WIPO की यह रैंकिंग जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत R&D क्षमता और उसके बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो की वैश्विक स्तर पर मजबूती को मान्यता देती है।
31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें से 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फाइल किए गए हैं। कंपनी के 1,009 पेटेंट अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूर हो चुके हैं, जिनमें 538 भारत में और 471 विदेशी बाजारों में शामिल हैं।जियो ने कहा है कि उसका इनोवेशन उन तकनीकों और प्लेटफॉर्म्स पर आधारित है जिन्हें कंपनी ने बड़े पैमाने पर विकसित किया है और सफलतापूर्वक कमर्शियलाइज भी किया है।
बड़े बदलाव के संकेत
कंपनी वर्तमान में 5G/6G रेडियो, 5G/6G कोर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और Agentic AI जैसी उभरती हुई तकनीकों पर भी तेजी से काम कर रही है, जिसमें JioBrain जैसी नई दिशाएं भी शामिल हैं।जियो की यह उपलब्धि भारतीय टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत दे रही है। यह सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में मूल तकनीक विकसित करने और उसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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