प्रोजेक्ट गंगा शुरू! UP के गांवों तक पहुंचेगी ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, 8000 डिजिटल उद्यमी बनेंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के गांवों को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए प्रोजेक्ट गंगा की शुरुआत कर दी है। इस परियोजना का उद्देश्य गांव के अंतिम छोर तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना, डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों को स्मार्ट विलेज में बदलना है।

इसे भी पढ़ें- ‘लव जिहाद व लैंड जिहाद’ पर सीएम योगी का बड़ा प्रहार, खर-दूषण और ताड़का से की तुलना

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रॉडबैंड आज की आवश्यकता है। इंटरनेट की स्पीड जितनी तेज होगी, विकास की गति भी उतनी ही तेज होगी। प्रोजेक्ट गंगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने वाली एक अभिनव पहल है।

50% महिलाएं भी जुड़ेंगी

प्रोजेक्ट गंगा के तहत प्रदेश सरकार डिजिटल सशक्तिकरण की दृष्टि से 8,000 डिजिटल उद्यमियों को तैयार करेगी, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। ये उद्यमी गांवों में लास्ट माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने, डिजिटल सेवाएं देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम करेंगे।

project gnga

परियोजना के पहले चरण में 21 जनपदों का चयन किया गया है। शीघ्र ही पूरे 75 जनपदों में इसकी शुरुआत हो जाएगी। अंतिम लक्ष्य यह है कि, प्रदेश की सभी 57,700 ग्राम पंचायतों, 8,000 न्याय पंचायतों, 825 विकास खंडों और 350 तहसीलों तक डिजिटल उद्यमिता और ब्रॉडबैंड सुविधा पहुंचे। हिन्दुजा ग्रुप इस परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और गांवों में डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।

गांवों को मिलेगी नई उर्जा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि, प्रोजेक्ट गंगा, मां गंगा की पावन परंपरा से प्रेरित है। मां गंगा गंगोत्री से गंगासागर तक भारत की जीवनदायिनी नदी हैं, जिन्होंने उत्तर भारत को उर्वरा भूमि प्रदान की। इसी प्रकार यह परियोजना डिजिटल गंगा के रूप में गांवों को नई ऊर्जा और अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि, भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था और यह मां गंगा के आशीर्वाद से संभव हुआ था। आज प्रोजेक्ट गंगा के नाम से शुरू की गई यह योजना डिजिटल युग में भारत को फिर से आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बनेगी।

ऑनलाइन बिक्री का प्लेटफॉर्म मिलेगा

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहले से किए गए डिजिटल कार्यों का उल्लेख किया। इनमें ई-ऑफिस, लैंड रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन, डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा और कोविड काल में गांव-गांव में बैंकिंग सुविधा के लिए बीसी सखी की तैनाती शामिल हैं। प्रदेश में 57,700 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों का निर्माण कराया गया है। नीति आयोग ने उत्तर प्रदेश के ग्राम सचिवालय मॉडल को देश के लिए आदर्श माना है। इन सचिवालयों के माध्यम से गांव में ही आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज उपलब्ध हो रहे हैं।

प्रोजेक्ट गंगा के जरिए गांव के लोगों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का प्लेटफॉर्म मिलेगा। इससे कृषि, हस्तशिल्प, दूध उत्पादन और अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा सकेगा। यह देश में एक नया मॉडल साबित होगा। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान का भी जिक्र किया। जनवरी 2025 में शुरू हुई इस योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण तथा 10 प्रतिशत मार्जिन मनी दी जा रही है। लगभग 2 लाख युवा पहले ही इस योजना से लाभान्वित होकर अपना व्यवसाय शुरू कर चुके हैं।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

परियोजना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। 50 प्रतिशत डिजिटल उद्यमी महिलाएं होंगी। बीसी सखी की तर्ज पर इन डिजिटल उद्यमी महिलाओं को अलग यूनिफॉर्म, उपकरण और पहचान दी जाएगी। उन्हें मार्जिन मनी के रूप में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

 ‘सीएम फेलो’ कार्यक्रम का जिक्र

वर्तमान में करीब 7 हजार ग्राम पंचायतें भारत नेट या निजी ऑपरेटर्स के माध्यम से ब्रॉडबैंड से जुड़ी हुई हैं। बाकी न्याय पंचायतों और ग्राम पंचायतों तक सुविधा पहुंचाना चुनौती है, लेकिन सरकार इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए जिसमें व्यक्ति आत्मनिर्भर बने और सरकार पर उसकी निर्भरता न्यूनतम रहे। यह सस्टेनेबल विकास का मॉडल होगा। उन्होंने ‘सीएम फेलो’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया।  आकांक्षात्मक विकास खंडों में तैनात सीएम फेलो प्रोजेक्ट गंगा के क्रियान्वयन में अपने अनुभव साझा करेंगे।

 प्रदेश भर में फैलेगी योजना

प्रोजेक्ट गंगा केवल ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन लाने का व्यापक कार्यक्रम है। इसकी सफलता से गांव स्मार्ट विलेज बनेंगे, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और बाजार की सुविधाएं घर बैठे उपलब्ध होंगी।

project gnga

इस परियोजना से जुड़े डिजिटल उद्यमी स्थानीय समस्याओं का डिजिटल समाधान देंगे, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-कॉमर्स और सरकारी सेवाओं को आसान बनाएंगे। मुख्यमंत्री योगी ने टीम यूपी, उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिन्दुजा ग्रुप का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पहले चरण के 21 जनपदों के निवासियों को बधाई दी और कहा कि यह परियोजना पूरे प्रदेश में फैलेगी।

प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश को डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मां गंगा की भौतिक और आध्यात्मिक धारा की तरह यह डिजिटल धारा भी पूरे प्रदेश को समृद्धि और प्रगति की ओर ले जाएगी। यदि यह मॉडल सफल हुआ तो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा।

 

इसे भी पढ़ें- यूपी में आयुष शिक्षा को मिलेगा बड़ा बूस्ट, योगी सरकार बनाने जा रही 5 नए मेडिकल कॉलेज

Related Articles

Back to top button