सहारनपुर पुलिस की बड़ी सफलता, दोमुंहे सांप से करोड़ों की ठगी करने वाला चढ़ा हत्थे

सहारनपुर। जिले की कुतुबशेर पुलिस ने दोमुंहे सांप (रेड सैंड बोआ) के चमत्कारी औषधीय गुणों का झांसा देकर लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े धोखेबाज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाकर अलग-अलग नामों से लोगों से संपर्क करता था और उन्हें भारी मुनाफे का लालच देकर ठगता था।

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पुलिस चला रही चेकिंग अभियान

पुलिस लाइन में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने शनिवार को बताया कि कुतुबशेर थाना प्रभारी संतोष कुमार त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान अंबाला रोड स्थित पूजा एंक्लेव के पास दबनी कब्रिस्तान वाले खंडहर इलाके से आरोपी आस मोहम्मद (निवासी शिवधाम कॉलोनी) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से दो दोमुंहे सांप, नकदी, लग्जरी कार और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

 सामान और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से 4.94 लाख रुपये नकद, नोट गिनने वाली मशीन, एक ऑडी कार, दो दोमुंहे सांप (रेड सैंड बोआ), 147 गड्डियां मनोरंजन (फर्जी) नोटों की, 145 गड्डियां सफेद कागजों की और दो फर्जी आधार कार्ड जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि, वह अपने साथियों के साथ मिलकर यह धंधा चलाता था।

Smuggling of a two-headed snake b

उसने बताया कि, हाल ही में उसने और उसके साथियों ने एक दोमुंहे सांप को 15 लाख रुपये में बेचा था। सौदे की रकम में से दोनों साथियों ने पांच-पांच लाख रुपये लेकर भाग लिया, जबकि खर्च काटकर आरोपी के पास 4.94 लाख रुपये बचे थे, जो पुलिस ने बरामद कर लिए।

फर्जी पहचान और ठगी का तरीका

आस मोहम्मद ने पुलिस को बताया कि, वह अपनी असली पहचान छिपाने के लिए आशु गोयल नाम का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर काम करता था। वह अलग-अलग नामों और पहचान-पत्रों का इस्तेमाल करके लोगों से संपर्क स्थापित करता था। खुद को करोड़ों रुपये के कारोबार से जुड़ा बड़ा व्यापारी बताता था। ठगी का तरीका बेहद चतुर था। आरोपी पीड़ितों के सामने दोमुंहे सांप को चमत्कारी औषधि बताता था। वह दावा करता था कि, इस सांप के शरीर के विभिन्न अंगों से बनी दवाएं गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, नपुंसकता, पुरानी बीमारियों और शारीरिक कमजोरी में रामबाण इलाज हैं। लोगों को भारी मुनाफे और चमत्कार का लालच देकर वह ऊंची कीमतों पर सांप बेचता था।

पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस के अनुसार, बैग में रखी फर्जी नोटों की गड्डियों और सफेद कागज की गड्डियों का इस्तेमाल वह पीड़ितों को प्रभावित करने और विश्वास दिलाने के लिए करता था। इससे पीड़ित सोचते थे कि आरोपी के पास सचमुच भारी मात्रा में नकदी है और वह बड़ा कारोबारी है।वन्यजीव तस्करी का नेटवर्करेड सैंड बोआ भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति है। इसकी तस्करी पूरी दुनिया में अवैध है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग जड़ी-बूटी, अंधविश्वास और काला जादू से जुड़े कारोबार के कारण रहती है। पुलिस अब आरोपी के भागे हुए साथियों की तलाश कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, उसके साथी सरसावा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि सांप कहां से लाए जाते थे, किन राज्यों तक यह तस्करी फैली हुई है और कितने लोगों को इस ठगी का शिकार बनाया गया है। फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले आधार सेंटर की भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि, आरोपी ने अब तक कितनी ठगी की है और कितने लोगों से संपर्क किया गया।

ऐसे गिरोहों पर सख्त नजर रखती है पुलिस

यह मामला अंधविश्वास और अंधेरा कारोबार का एक और उदाहरण है। भारत में कई जगहों पर दोमुंहे सांप, काले सांप, नेवले और अन्य वन्यजीवों को चमत्कारी बताकर ठगी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या लालच में फंसकर लाखों रुपये गंवा बैठते हैं, जबकि ये जानवर संरक्षित होते हैं और उनकी तस्करी गंभीर अपराध है। एसपी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस ऐसे गिरोहों पर सख्त नजर रख रही है। आम जनता से अपील की गई है कि, किसी भी प्रकार के चमत्कारी सांप, जड़ी-बूटी या औषधि के नाम पर दिए जाने वाले प्रस्तावों पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।

 आरोपी पर दर्ज हुआ मुकदमा

आरोपी आस मोहम्मद के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की पूछताछ के लिए आरोपी को रिमांड पर लेने की कोशिश कर रही है। यह गिरफ्तारी सहारनपुर पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे एक बड़े ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ होने की संभावना है।

दोमुंहे सांप की कहानी लोगों की लालच और अंधविश्वास का फायदा उठाने वाले अपराधियों की चालाकी को उजागर करती है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक चेतावनी मिलती है कि, ऐसे फर्जीवाड़ों से सावधान रहना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या हो तो प्रमाणित डॉक्टर से ही इलाज कराएं, किसी चमत्कारी सांप या जड़ी-बूटी पर भरोसा न करें।

 

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