
लखनऊ। लखनऊ जिले में आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी विशाख जी ने बुधवार को जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत चल रहे मकान सूचीकरण एवं आवास गणना कार्य का फील्ड स्तर पर विस्तृत निरीक्षण किया। नगर निगम जोन-1 के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर उन्होंने कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के अंदर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
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जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय गतिविधियों में से एक है, जो आर्थिक नियोजन, नीति निर्माण, विकास कार्यक्रमों और संसाधनों के उचित वितरण के लिए आधारभूत डेटा उपलब्ध कराती है। वर्ष 2027 की जनगणना को डिजिटल युग के अनुरूप और अधिक सटीक तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में लखनऊ प्रशासन ने फील्ड स्तर पर निगरानी को और तेज कर दिया है।
टीमों से किया सीधे संवाद
जिलाधिकारी विशाख जी बुधवार सुबह जोन-1 के विभिन्न वार्डों और इलाकों में पहुंचे। उन्होंने हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का भ्रमण किया और मौके पर कार्यरत टीमों से सीधे संवाद स्थापित किया। प्रगणकों और सुपरवाइजरों से उन्होंने डेटा संग्रहण की प्रक्रिया, आने वाली चुनौतियों तथा अब तक हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। डीएम ने मकानों के सूचीकरण, फॉर्म भरने की प्रक्रिया, डिजिटल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा अपलोड करने और सत्यापन की व्यवस्था का जायजा लिया।

उन्होंने प्रगणकों द्वारा भरे जा रहे विभिन्न प्रपत्रों, हाउस लिस्टिंग फॉर्म्स और आवास गणना से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। कुछ स्थानों पर उन्होंने खुद प्रगणकों के साथ खड़े होकर डेटा संकलन की प्रक्रिया को समझा और उन्हें व्यावहारिक सलाह भी दी।
समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि, जनगणना का कार्य किसी भी सूरत में लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, यह कार्य केवल संख्या पूरी करने का नहीं, बल्कि देश के भविष्य की नींव रखने का है, इसलिए सटीकता, पूर्णता और समयबद्धता तीनों को साथ लेकर चलना होगा।
उन्होंने जोनल अधिकारियों और टीम लीडर्स को निर्देश दिया कि, फील्ड में तैनात हर कर्मचारी की दैनिक मॉनिटरिंग की जाए। प्रतिदिन शाम को कार्य समीक्षा बैठक आयोजित की जाए जिसमें ब्लॉक स्तर की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। लंबित क्षेत्रों को चिन्हित कर तुरंत अतिरिक्त टीम भेजने और लक्ष्य हासिल करने की रणनीति बनाने के निर्देश भी दिए गए।
अपार्टमेंट्स में सहयोग न मिलने पर सख्ती
आधुनिक शहरों में एक बड़ी चुनौती बहुमंजिला अपार्टमेंट्स और सोसाइटियों में सहयोग न मिलना है। कई जगहों पर निवासी दरवाजा नहीं खोलते या आवश्यक जानकारी देने से बचते हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीएम विशाख जी ने जोनल अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि जहां भी प्रगणकों को सहयोग नहीं मिल रहा हो, वहां तुरंत राजस्व निरीक्षक भेजे जाएं।
उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षक स्थानीय निवासियों को जनगणना के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे। उन्हें समझाया जाएगा कि, यह जानकारी कैसे उनके क्षेत्र के विकास, बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी चयन में मदद करेगी। साथ ही, यदि आवश्यक हो तो कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी जाए।
प्रथम चरण की समयसीमा
जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक चलेगा। इस चरण में प्रत्येक मकान का नंबरिंग, उसके प्रकार, उपयोग, मालिकाना हक, पेयजल, बिजली, शौचालय जैसी सुविधाओं का ब्योरा और निवासियों की प्रारंभिक जानकारी एकत्र की जा रही है।
यह डेटा दूसरे चरण की जनसंख्या गणना के लिए आधार का काम करेगा।प्रशासनिक उपस्थितिनिरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, जोन-1 के जोनल अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, जिला जनगणना अधिकारी, सहायक जिला जनगणना अधिकारी सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को डीएम ने व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी सौंपी और कहा कि कोई भी कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।
जनगणना का महत्व
जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है। यह डेटा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, परिवहन और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक योजनाएं बनाने में सहायक सिद्ध होता है। लखनऊ जैसे तेजी से बढ़ते महानगर में सटीक जनगणना डेटा स्लम विकास, ट्रैफिक प्रबंधन, पानी और बिजली की मांग अनुमान तथा नए वार्डों के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशासन का मानना है कि डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल से इस बार गणना पहले से ज्यादा सटीक और तेज होगी।
मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए रियल-टाइम डेटा अपलोड होने से त्रुटियां कम होंगी और निगरानी आसान हो जाएगी। जिलाधिकारी विशाख जी के इस सक्रिय निरीक्षण से पूरे जिले में जनगणना कार्य को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का लक्ष्य है कि, 20 जून तक प्रथम चरण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए और कोई भी क्षेत्र छूट न जाए। यह निरीक्षण जनगणना-2027 की सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। लखनऊ प्रशासन की इस मुहिम से अन्य जिलों को भी प्रेरणा मिलने की संभावना है।
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