
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने फर्जी एनकाउंटर, बुलडोजर एक्शन और कानून-व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सपा मुखिया ने कहा कि, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में आम नागरिकों को न्याय मिलना बेहद मुश्किल हो गया है।
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विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश
उन्होंने आरोप लगाया कि, यूपी में बुलडोजर एक्शन भी जाति किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि, बीजेपी सरकार फर्जी एनकाउंटरों के जरिए विपक्षी आवाजों को दबाने और खास समुदायों में डर का माहौल बनाने का काम कर रही है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि, फर्जी एनकाउंटर कोई नई बात नहीं है। हाल ही में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार वालों के बयान और आ रही खबरों से साफ पता चलता है कि सरकार मर्जी के हिसाब से फर्जी एनकाउंटर करवा रही है।
अखिलेश ने कहा, एनकाउंटर वर्चस्व जमाने के लिए किए जा रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने आगे कहा कि एक वास्तविक मुठभेड़ और फर्जी एनकाउंटर में बहुत बड़ा अंतर होता है। फर्जी एनकाउंटर के जरिए सरकार लोगों के दिमाग में जातिवाद और हिंसा भरने का काम कर रही है। इससे हत्या को जायज ठहराया जा रहा है और पुरानी रूढ़िवादी सोच को बढ़ावा मिल रहा है कि शक्ति ही अधिकार है।
PDA पर दबाव का आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया कि, बीजेपी फर्जी एनकाउंटर के बहाने PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज को डरा रही है। उनका कहना था कि, यह संविधान में दिए गए सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि, सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए फर्जी एनकाउंटर का सहारा ले रही है। जो सरकार विकास और रोजगार देने में नाकाम हो जाती है, वो फर्जी एनकाउंटर करके जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाती है। इससे कानून-व्यवस्था नहीं सुधरती, बल्कि और बिगड़ती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि, केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार जाति और धर्म देखकर बुलडोजर चलाती है और एनकाउंटर करवाती है।
उन्होंने कहा कि यह भेदभावपूर्ण नीति है, जो केवल कुछ खास समुदायों को निशाना बनाती है। अखिलेश ने कहा कि सरकार की यह रणनीति समाज को विभाजित कर रही है और कानून के राज को कमजोर कर रही है।
हाथरस कांड का जिक्र
अखिलेश यादव ने 2020 के हाथरस कांड का जिक्र करते हुए कहा कि, उस समय जो कुछ हुआ, वैसी ही कुछ घटनाएं 2026 में भी देखने को मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार अपनी ताकत और संसाधनों का इस्तेमाल करके सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि, आंकड़े और तथ्य छिपाए जा रहे हैं। परिवारों को न्याय नहीं मिल रहा है और सच्चाई को सामने नहीं आने दिया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने फर्जी एनकाउंटर को लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध बड़ा षड्यंत्र बताया। उनका कहना था कि, ऐसे कृत्य संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने युवाओं, किसानों और आम जनता से अपील की कि वे इस मनोवैज्ञानिक दबाव और डर के माहौल के खिलाफ आवाज उठाएं।
सरकार ने पूछे सवाल
समाजवादी पार्टी इन मुद्दों पर लगातार सरकार से सवाल पूछ रही है। अखिलेश यादव ने मांग की कि, फर्जी एनकाउंटर की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सच्चे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का स्वागत है, लेकिन निर्दोषों को निशाना बनाकर वर्चस्व जमाने की नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को नाकाम और दमनकारी करार दिया। उन्होंने दावा किया कि, योगी सरकार विकास के नाम पर केवल दिखावा कर रही है, जबकि हकीकत में जनता पर अत्याचार बढ़ रहा है।
गरमा सकती है यूपी की सियासत
अखिलेश यादव का यह हमला यूपी की सियासत को फिर से गरमा सकता है। फर्जी एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन जैसे मुद्दे लंबे समय से विवादों में रहे हैं। जबकि सरकार इन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपाय बताती है, विपक्ष इसे राजनीतिक दमन और भेदभाव की नीति मानता है। अब देखना यह होगा कि अखिलेश यादव के इन आरोपों पर सरकार क्या जवाब देती है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा कितना और तूल पकड़ता है।
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