
मेरठ। Meerut Blue Drum Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुए बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड (ब्लू ड्रम केस) की गुरुवार को हुई सुनवाई में एक अहम कड़ी जुड़ गई। दरअसल, जिला जज की अदालत में रिलायंस जियो इंफोकॉन लिमिटेड के अल्टरनेट नोडल अधिकारी लोकेश कुमार ने गवाही दी। उन्होंने पुलिस को उपलब्ध कराए गए मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैटिंग हिस्ट्री और लोकेशन डेटा से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों को लेकर कोर्ट के सामने अपना बयान दर्ज कराया और बचाव व अभियोजन पक्ष के सभी सवालों के जवाब भी दिए।
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मेरठ जिला जेल में बंद हैं आरोपी
घटना 3 मार्च 2025 की है, जब ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में रहने वाली मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर लाश को नीले ड्रम में सीमेंट डाल कर छिपा दिया। जांच के अनुसार, हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर प्लास्टिक के नीले ड्रम में रखा गया और सीमेंट-रेत के घोल से सील कर दिया गया। इसके बाद दोनों आरोपी शिमला घूमने चले गए। हत्या के कई दिन बाद जब दोनों घूम कर आये, तो घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 17 मार्च को मुस्कान और साहिल को अरेस्ट कर लिया, तब ये दोनों मेरठ जिला जेल में बंद हैं।
रिकॉर्ड उपलब्ध कराया

अदालत में गवाही के दौरान नोडल अधिकारी लोकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने सभी विवरण कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को मुहैया कराए। इसमें संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, चैटिंग हिस्ट्री और अलग-अलग तारीखों पर फोन की लोकेशन शामिल थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि, किस तारीख को कौन-सा नंबर किस स्थान पर सक्रिय था, इसका रिकॉर्ड विधिवत उपलब्ध कराया गया।
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गवाही में यह भी सामने आया कि जांच के दौरान जिन मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की गई, उनमें से एक नंबर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी एक्टिव पाया गया। अभियोजन के अनुसार, यह तकनीकी साक्ष्य घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियों और उनकी आवाजाही की कड़ी जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
दर्ज हो चुके हैं 15 गवाहों के बयान
बता दें कि, सौरभ हत्याकांड की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है और अब तक 15 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से जुड़े इस बयान को केस में निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि यह घटनाक्रम के समय-क्रम और आरोपियों की मौजूदगी को तकनीकी आधार देता है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी तय की है। माना जा रहा है कि अगली तारीख पर फोरेंसिक टीम के विशेषज्ञ अदालत में पेश होकर केस में वैज्ञानिक साक्ष्यों की जानकारी पर अपना बयान दर्ज करवाएंगे।
क्या था मामला

उत्तर प्रदेश के मेरठ में प्रेमी साहिल के साथ मिल कर पत्नी मुस्कान ने सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। जैसे कि, शरीर के कई हिस्से कटे हुए थे। सौरभ की गर्दन धड़ से पूरी तरह अलग हो गई थी। सौरभ राजपूत की मौत का कारण चाकू के गहरे घाव, बहुत ज़्यादा खून बहना और शॉक बताया जा रहा है। ये चोटें इतनी गंभीर थीं कि, सौरभ की मौके पर ही मौत हो गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, गर्दन के आस-पास गहरे कट के निशान मिले हैं। दाएं और बाएं कान के नीचे, जबड़े के दोनों तरफ और गर्दन के पास कई गहरे घाव थे। सबसे डरावनी बात यह है कि गर्दन पूरी तरह से धड़ से अलग हो गई थी। दोनों हाथ भी कलाइयों के पास से कटे हुए थे। दिल के पास भी गहरे घाव हैं। छाती के बाईं ओर 6 cm x 3 cm का गहरा घाव मिला है।
सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि, हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुस्कान और साहिल नशे के आदी हैं। उन्होंने पहले सौरभ को कई बार चाकू मारा, फिर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया और दोनों हाथ काट दिए। उसके शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से वार किए गए, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
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