
नेपाल। नेपाल में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। यहां त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना की गहरी और अंधेरी सुरंग में पिछले नौ दिनों से मौत के साये में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा एक युवक आज सुबह सकुशल जिंदा बाहर निकाल लिया गया। इस युवक की पहचान संजय शाह के रूप में हुई है। यह घटना न सिर्फ नेपाल बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है।
इसे भी पढ़ें- नेपाल बाढ़: शव न मिलने पर परिवार कर रहे प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार, सामने आईं दर्दनाक तस्वीरें
240 घंटे तक अंधेरे में
नेपाल की राजधानी काठमांडू से मिली जानकारी के मुताबिक, सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि, उफनती नदी की धारा और मलबे से पूरी तरह घिरी इस सुरंग के भीतर संजय शाह करीब 240 घंटे यानी पूरे नौ दिन तक फंसे रहे। इस दौरान न तो उनके पास रोशनी की कोई व्यवस्था थी, न भोजन का कोई इंतजाम और न ही किसी तरह की बाहरी मदद उपलब्ध थी।

इतनी विकट परिस्थितियों में भी उनकी सांसें चलती रहीं और आखिरकार वे जिंदा बाहर निकलने में कामयाब रहे। रेस्क्यू अभियान से जुड़ी टीम भी इस घटना को ईश्वरीय करिश्मे से कम नहीं मान रही है। बचाव दल के सदस्यों का कहना है कि, इतने लंबे समय तक बिना भोजन, पानी और रोशनी के किसी का जीवित बच जाना असाधारण घटना है।
सुरंग से निकाले गए दो लोग
संजय शाह के सफल रेस्क्यू के बाद बचाव अभियान में जुटी टीमों को एक और बड़ी सफलता मिली। इसके कुछ ही समय बाद एक अन्य युवक को भी सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस तरह अब तक कुल दो लोगों को इस खतरनाक सुरंग से जीवित बचाया जा चुका है, जिससे बचाव अभियान में जुटे लोगों के हौसले और बढ़ गए हैं।
सांसद ने की रेस्क्यू की पुष्टि
इस भावुक कर देने वाले बचाव अभियान की पुष्टि राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी आरएसपी के सांसद और इंजीनियर श्रीराम न्यौपाने ने की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस पूरी घटना की जानकारी साझा की और बताया कि, सुरंग के सर्ज शाफ्ट के अंदर से संजय शाह नाम के व्यक्ति को जीवित बचा लिया गया है। सांसद न्यौपाने ने यह भी जानकारी दी कि, सुरंग के भीतर अभी कुछ और लोग भी फंसे हो सकते हैं, जिनके लिए बचाव अभियान जारी है।
सुरंग के अंदर से आई थीं आवाजें
बताया जा रहा है कि, यह पूरा बचाव अभियान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद शुरू किया गया था। दरअसल बचाव दल के सदस्यों ने सुरंग के सर्च शाफ्ट के भीतर से कुछ आवाजें सुनी थीं, जिसके बाद उन्हें अंदाजा हुआ कि सुरंग में अब भी कुछ लोग फंसे हुए हो सकते हैं। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिशें शुरू कीं।
आवाजें सुनाई देने के बाद बचाव कार्य में और तेजी लाई गई और नेपाली सेना के साथ-साथ आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवानों ने भी सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिशें तेज कर दी थीं। इसी मेहनत का नतीजा है कि, आज संजय शाह समेत एक अन्य युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
मेडिकल जांच के लिए भेजे गये युवक
सुरंग से बाहर निकलते ही संजय शाह को तुरंत मेडिकल टीम के हवाले कर दिया गया। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्वास्थ्य जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नौ दिनों तक बिना भोजन-पानी के सुरंग में फंसे रहने के दौरान उनकी सेहत पर किस तरह का असर पड़ा है। इतने लंबे समय तक अंधेरे, नमी और बिना पोषण के रहने के बाद स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, इसलिए डॉक्टर पूरी सावधानी के साथ उनकी जांच कर रहे हैं।
अभी भी सुरंग में फंसी हैं कई जिंदगियां

संजय शाह ने बताया कि, इस खतरनाक सुरंग के भीतर अभी भी कई अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। इस जानकारी के सामने आते ही बचाव अभियान में और तेजी लाई गई है, ताकि बाकी बचे लोगों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। रेस्क्यू टीम पूरी मुस्तैदी के साथ सुरंग के हर हिस्से की तलाशी में जुटी हुई है, ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को नजरअंदाज न किया जाए।
खतरनाक और चुनौतीपूर्ण है स्थिति
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की टीमें भी लगातार सक्रिय हैं। सुरंग के भीतर की स्थिति बेहद खतरनाक और चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि उफनती नदी की धारा और भारी मलबे की वजह से बचाव दल के लिए अंदर तक पहुंचना आसान नहीं है। इसके बावजूद बचाव टीमें पूरी हिम्मत और समर्पण के साथ इस अभियान में जुटी हुई हैं।
परिवारों में जगी उम्मीद
नेपाल में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने जहां भारी तबाही मचाई है। वहीं संजय शाह और एक अन्य युवक का सुरक्षित बच निकलना उन तमाम परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आया है, जिनके अपने अभी भी सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी जिंदगी की जीत संभव है। अब पूरे नेपाल की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि, बचाव अभियान में जुटी टीमें बाकी फंसे हुए लोगों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने में सफल हों, ताकि और परिवारों के चेहरों पर भी खुशी लौट सके।
इसे भी पढ़ें- नेपाल की सुरंगों में फंसे 900 से अधिक लोगों को बचाने के लिए जुटे दुनिया के कई देश



