ट्रंप का बड़ा ऐलान, भारत को हर हमले से बचाएगा अमेरिका, बेचैन हुआ पाकिस्तान

इस्लामाबाद। फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। बैठक के दौरान ट्रंप के एक बड़े बयान ने खासा ध्यान खींचा। उन्होंने साफ कहा कि, अगर कोई भारत पर हमला करता है तो अमेरिका उसकी रक्षा करेगा। इस घोषणा को भारत में सामान्य कूटनीतिक बयान के रूप में देखा गया, लेकिन पाकिस्तान में इसे लेकर काफी बेचैनी और चिंता दिख रही है।

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पाकिस्तानी रक्षा विश्लेषक और यूट्यूब पर सक्रिय कमर चीमा ने इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। अपने यूट्यूब चैनल पर विस्तार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप के इस बयान को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। चीमा के अनुसार,  अमेरिकी राष्ट्रपति का यह ऐलान सिर्फ शिष्टाचार नहीं बल्कि रणनीतिक महत्व रखता है।

ट्रंप-मोदी के गहरे रिश्ते का संकेत

कमर चीमा ने कहा कि, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि, जब तक नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने रहेंगे, अमेरिका भारत की रक्षा करता रहेगा। इस बयान पर चीमा ने टिप्पणी करते हुए कहा, मोदी तो प्रधानमंत्री हैं और प्रधानमंत्री आते-जाते रहते हैं, लेकिन समझौता दो देशों के बीच होता है। फिर भी ट्रंप का बयान व्यक्तिगत तौर पर मोदी से जुड़ा है। यह दिखाता है कि, दोनों नेताओं के बीच रिश्ते कितने गहरे और मजबूत हैं।

America stands with India

चीमा ने आगे कहा कि, अमेरिकी नेता भारतीयों का दिल जीतने का तरीका अच्छी तरह जानते हैं और ट्रंप ने भी उसी राह पर चलते हुए मोदी की खुलकर तारीफ की। ट्रंप ने मोदी को ‘एंजल’ (देवदूत) बताया, उन्हें बहुत सख्त और आश्चर्यजनक नेता करार दिया। साथ ही भारत को मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने का श्रेय भी दिया।

पाकिस्तान के लिए चुनौती

पाकिस्तानी एक्सपर्ट के अनुसार, ट्रंप का यह बयान पाकिस्तान के लिए काफी महत्वपूर्ण और चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि, एक तरफ अमेरिका इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर पैसिफिक कमांड करने जैसी पहल कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप भारत के साथ खड़े होने की घोषणा कर रहे हैं।

चीमा ने जोर देकर कहा कि इस विकास को पाकिस्तान में किसी भी रूप में कमतर नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा, मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात दूरगामी परिणाम वाली साबित हो सकती है। कमर चीमा के मुताबिक, अमेरिका भारत को आर्थिक साझेदार के रूप में बहुत महत्व देता है। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को अमेरिकी अधिकारी बहुत वैल्यू देते हैं। ऐसे में भारत को दरकिनार करना उनके लिए आसान नहीं है।

व्यापार समझौते पर चर्चा

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के प्रयासों में भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि, होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी दोनों देशों की प्राथमिकता है।

ट्रंप ने बिना कोई समय सीमा बताए यह भी कहा कि, दोनों पक्ष प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। कमर चीमा ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी अपने देश के हितों से कभी समझौता नहीं करते और अमेरिका इस बात को अच्छी तरह जानता है। यही वजह है कि ट्रंप मोदी के खिलाफ कुछ नहीं बोलते और उनके साथ अच्छे संबंध बनाए रखने पर जोर देते हैं।

पाकिस्तान परेशान

पाकिस्तान में ट्रंप के बयान को लेकर जो तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उसकी वजह साफ है। पाकिस्तान लंबे समय से खुद को अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी बताता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में भारत-अमेरिका संबंधों में तेजी से मजबूती आई है। रक्षा, प्रौद्योगिकी, खुफिया जानकारी और आर्थिक मोर्चे पर दोनों देश और करीब आए हैं।

Shahbaz Sharif

कमर चीमा जैसे पाकिस्तानी विश्लेषक मानते हैं कि, ट्रंप का बयान न केवल भारत को सुरक्षा गारंटी दे रहा है बल्कि क्षेत्रीय संतुलन को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि, अमेरिका अब भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक मजबूत स्तंभ के रूप में देख रहा है। ऐसे में पाकिस्तान को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

महाशक्तिशाली देश ने की मोदी की तारीफ़

यह मुलाकात एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी की प्रभावी विदेश नीति और व्यक्तिगत कूटनीति को रेखांकित करती है। दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति द्वारा मोदी की खुली तारीफ और भारत की सुरक्षा की गारंटी जैसा बयान निश्चित रूप से भारत की वैश्विक छवि को और मजबूत करता है। ट्रंप ने न केवल मोदी को मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया का श्रेय दिया बल्कि उन्हें ‘सख्त’ और ‘हैरान करने वाले’ नेता भी बताया। यह तारीफें सामान्य शिष्टाचार से कहीं आगे जाती दिखती हैं।

और गहरे हो सकते हैं भारत-अमेरिका संबंध

विश्लेषकों का कहना है कि, ट्रंप प्रशासन के दौरान भारत-अमेरिका संबंध और गहरे हो सकते हैं। रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी, व्यापार और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई में दोनों देश और आगे बढ़ सकते हैं। पाकिस्तानी पक्ष हालांकि इस स्थिति से चिंतित है। कमर चीमा जैसे एक्सपर्ट्स लगातार अपने चैनल पर इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं और पाकिस्तानी नेतृत्व को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। ट्रंप का बयान अमेरिका भारत की रक्षा करेगा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने वाला है बल्कि क्षेत्रीय भू-राजनीति को भी नया आकार दे रहा है।

 

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