
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में अवैध रूप से संचालित हो रही डेयरियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम पर हमले का बड़ा मामला सामने आया है। हमलावरों ने बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी दरोगा पर लोहे की जंजीर से हमला कर दिया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 24 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही अभियान के दौरान इलाके से करीब 200 भैंसें भी जब्त कर ली। इलाके में प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी है।
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दो महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार पारा इलाके में अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम पर स्थानीय लोगों ने पथराव करते हुए हमला बोल दिया था। इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिला आरोपियों खुशबू और आफरीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण में नामजद और अज्ञात आरोपियों को मिलाकर कुल 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब बाकी बचे आरोपियों की तलाश में लगातार अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा सके।
भारी सुरक्षा बल के साथ चला दोबारा अभियान
नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हुए इस हमले के बाद प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। इस बार नगर निगम की टीम के साथ तीन थानों की फोर्स और एक कंपनी पीएसी बल को भी मौके पर तैनात किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से सभी जवान हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर मौजूद रहे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने इलाके के चार मोहल्लों से करीब 200 भैंसों को पकड़कर अपने साथ ले गई, जिससे अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाया जा सके।
दरोगा को दौड़ाकर पीटा
इस पूरे मामले की शुरुआत रविवार को हुई थी, जब नगर निगम जोन-6 की टीम पुलिस बल के साथ पारा इलाके में अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के अनुसार, जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, कुछ स्थानीय लोगों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए टीम पर पथराव शुरू कर दिया।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि, हमलावरों ने बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी दरोगा विनय पटेल को दौड़ाकर बुरी तरह पीट डाला। आरोप है कि, उन पर लोहे की चेन से भी हमला किया गया, जिसके चलते उनकी वर्दी फट गई और वे कीचड़ में गिरकर बुरी तरह घायल हो गए। बताया जा रहा है कि, इस हमले में दरोगा के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके इलाज के दौरान उन्हें छह टांके लगाने पड़े।
नगर निगम के तीन कर्मचारी भी घायल
इस पूरे हमले में सिर्फ दरोगा ही नहीं, बल्कि नगर निगम के तीन कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हुए। घायल होने वालों में अवधेश कुमार, अभिनव और फुरकान शामिल हैं। इसके अलावा उग्र भीड़ ने नगर निगम के तीन सरकारी वाहनों के शीशे भी तोड़ डाले, जिससे सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद चौकी प्रभारी और नगर निगम प्रशासन की ओर से संबंधित पारा थाने में विस्तृत तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
12 नामजद, 12 अज्ञात के खिलाफ FIR
इंस्पेक्टर पारा सुरेश सिंह ने बताया, इस पूरे मामले में कुल 24 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें 12 नामजद और 12 अज्ञात आरोपी शामिल हैं। नामजद आरोपियों में अबरार, इमरान, सालून, सुबिल, सराफत, अतीक, आशिफ, वारिस, नसीम, रानू, जीशान और नाफिस के नाम शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है, ताकि घटना में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
मौके पर पहुंचीं मेयर
घटना की गंभीरता को देखते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान मेयर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि, जो पुलिस आम जनता की सुरक्षा करती है, उसी पर हमला करना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि, पूरे इलाके को साफ कर दिया जाएगा।

मेयर ने कहा कि, इन लोगों ने न सिर्फ पुलिस बल्कि नगर निगम की टीम पर भी हमला करने की हिमाकत की, जिसके जवाब में आज पूरे इलाके से भैंसें उठवा ली गई हैं। उन्होंने इस बात पर भी गहरी नाराजगी जताई कि किस तरह दरोगा पर हमला कर उनका सिर फोड़ दिया गया था।
भारी सुरक्षा बल के बीच जारी रही कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा, जोन-6 के जोनल अधिकारी अमरजीत यादव और प्रवर्तन टास्क फोर्स (ईटीएफ) के अधिकारी भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच अवैध डेयरियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को आगे बढ़ाया गया, ताकि इलाके में दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो सके।
हमलावरों की तलाश जारी
महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस पूरे मामले में स्पष्ट किया कि, सरकारी कार्य में बाधा डालने, नगर निगम और पुलिस टीम पर हमला करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में अवैध रूप से संचालित हो रही डेयरियों पर रोक लगाने और आम जनता की सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए नगर निगम का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि किसी भी सूरत में सरकारी अमले पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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