Tuesday , June 22 2021

टाटा ग्रुप ने बताया कोरोना से लड़ने का एकमात्र तरीका, पहले किये थे 1500 करोड़ दान

साल 2020 से भारत कोरोना से लगातार जंग लड़ रहा है, इस महामारी की दूसरी लहर पिछली बार से ज्यादा खतरनाक और संक्रामक है। हर रोज संक्रमण के सभी रिकॉर्ड टूट रहे है, अब तो रोजाना 4 लाख से अधिक मामलें सामने आ रहे है। पिछले साल न जाने कितने लोग बेरोजगार हो गये लेकिन इस संकट के समय में एक ऐसा व्यक्ति है जिसने अपने कर्मचारियों का साथ नहीं छोड़ा, वो है है टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा…

टाटा ग्रुप संकट के इस समय में हर तरीके से देश की और जरुरतमंदों की मदद कर रहा है। 2020 में टाटा ग्रुप की तरफ से 1500 करोड़ रुपए कोरोना राहत के लिए दिया गया था। इस समय देश को ऑक्सीजन की जरूरत है तो टाटा के प्लांट में ऑक्सीजन गैस पैदा की जा रही है। साथ ही सप्लाई के लिए दर्जनों क्रॉयोजेनिक टैंकर आयात किए गए हैं। कंपनी में काम करने वालों और उनके परिवार को वैक्सीन भी लगवाई जा रही है।

इतना सबकुछ करते हुए टाटा ग्रुप का मानना है कि तेजी से टीकाकरण अभियान चलाकर ही लोगों को कोविड-19 महामारी से सुरक्षित किया जा सकता है। टाटा समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह कहा है। टाटा ग्रुप विदेशों से 60 क्रॉयोजेनिक कंटेनर लाने और करीब 400 ऑक्सीजन उत्पादन इकाइयां लगाने की प्रक्रिया में है। इन ऑक्सीजन उत्पादन इकाइयों का उपयोग छोटे शहरों के अस्पतालों में किया जा सकता है जिससे महामारी की दूसरी लहर से निपटने में मदद मिलेगी। साथ ही समूह कोल्ड चेन तैयार कर रहा है ताकि परिवहन के लिए कम तापमान की आवश्यकता वाले टीके के स्वीकृत होने की स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके।

यह भी पढ़ें: यूपी में फिर बढ़ाया गया कोरोना कर्फ्यू, बिना ई-पास नहीं होगी निकलने की इजाजत

टीकाकरण में जितनी तेजी आएगी, उतना उच्छा होगा

टाटा संस के अध्यक्ष (बुनियादी ढांचा,रक्षा, एयरोस्पेस और वैश्विक कंपनी मामले) बनमाली अग्रवाल ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से जितनी तेजी से और जल्दी हम अपने लोगों को टीका लगाने में सक्षम होंगे, उतना ही बेहतर होगा क्योंकि यह हमारे लोगों को सुरक्षित करने का यह एक स्पष्ट तरीका है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या भारत को अन्य विनिर्माताओं से और टीकों की जरूरत है, उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से लोगों को तेजी से टीकाकरण करने के लिए जो भी जरूरी हो, किये जाने की जरूरत है। लेकिन, आपको इसे सुरक्षित रूप से करना होगा… परीक्षण के संदर्भ में जो भी प्रक्रिया है, उसका पालन करते हुए सावधानी बरतने के साथ आपको यह करना होगा।’’