1.86 लाख शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, TET पास करने की बढ़ी अवधि

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे करीब 1.86 लाख शिक्षक अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। इन शिक्षकों की परेशानी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने TET योग्यता हासिल करने की समय सीमा में एक साल का विस्तार कर दिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इन शिक्षकों को राहत देने के लिए कई अहम कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

इसे भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश में आधार केंद्रों का बड़ा विस्तार, 32 जिलों में शुरू हुई सेवा

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET या केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। आंकड़ों के अनुसार ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब 1.86 लाख है। यह संख्या अपने आप में बेहद बड़ी है और इससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

1.86 lakh teachers

इनमें से करीब 50 हजार शिक्षक ऐसे हैं जो न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता न होने के कारण TET परीक्षा में शामिल ही नहीं हो सकते थे। यानी उनके पास TET देने की बुनियादी योग्यता भी नहीं थी। इन शिक्षकों की इस विशेष समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के मानकों में कुछ छूट देने का निर्णय लिया है ताकि ये शिक्षक भी परीक्षा में बैठ सकें और अपनी योग्यता साबित कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई समय सीमा

इस पूरे मामले में सबसे अहम फैसला सुप्रीम कोर्ट की ओर से आया है।  हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका संख्या 53434/2025, उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट मामले में 29 मई को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने इन-सर्विस यानी वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के लिए TET योग्यता प्राप्त करने की समय सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। यानी अब इन शिक्षकों को TET पास करने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय मिल गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि, राज्य सरकारें TET परीक्षा नियमित रूप से और अधिमानतः साल में कम से कम दो बार आयोजित करें। इससे कार्यरत शिक्षकों को आवश्यक योग्यता हासिल करने के पर्याप्त अवसर मिल सकेंगे और वे बिना किसी बाधा के अपनी तैयारी कर सकेंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाओं का भी निस्तारण कर दिया है।

बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग ने तुरंत हरकत में आते हुए कार्यरत शिक्षकों के TET और CTET संबंधी विवरण एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विशेष सचिव बेसिक शिक्षा अवधेश कुमार तिवारी ने इस संबंध में शिक्षा निदेशक बेसिक को आवश्यक और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

1.86 lakh teachers

जारी शासनादेश में शिक्षा निदेशक बेसिक को निर्देशित किया गया है कि, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत उन सभी शिक्षकों का जनपदवार यानी जिलेवार विस्तृत विवरण एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराया जाए जिन्होंने अभी तक TET या CTET उत्तीर्ण नहीं किया है। इस डेटा के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

विशेष TET परीक्षा की तैयारी

सरकार केवल समय सीमा बढ़ाने पर ही नहीं रुकी है, बल्कि इन शिक्षकों की मदद के लिए एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। शासन स्तर पर कार्यरत शिक्षकों के लिए एक विशेष TET परीक्षा आयोजित करने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह विशेष परीक्षा उन शिक्षकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, जो विभिन्न कारणों से अब तक TET उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं।

इस विशेष परीक्षा के आयोजन से न केवल इन शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने का एक और मौका मिलेगा बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि हर कक्षा में एक योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक हो जो बच्चों को बेहतर शिक्षा दे सके।

 

इसे भी पढ़ें-  4.40 करोड़ मोबाइल ग्राहकों के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में रिलायंस जियो लगातार नंबर वन

Related Articles

Back to top button