
हमीरपुर। उत्तर प्रदेश में नौतपा की चुभती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया है। अब पूरे प्रदेश में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी है। वहीं, इस तूफान ने हमीरपुर जिले में भीषण हादसा कर दिया। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक बड़ा स्लैब (लॉन्च पैड) तूफान में भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 6 मजदूरों की मौत हो गई।
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कोठी पर रखा था लांच पैड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की है। गुरुवार देर रात करीब 2 बजे हमीरपुर के लालपुर थाना क्षेत्र में मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल पर यह दुर्घटना हुई। 62 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल की कोठी पर लॉन्च पैड रखा गया था, लेकिन उसे तकनीकी रूप से ठीक से कसा नहीं जा सका।

तेज हवाओं ने स्लैब को हिला दिया और नीचे सो रहे मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। स्थानीय पुलिस, SDRF और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। एएसपी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि, कुछ मजदूर खंभों पर फंसे हुए थे और उन्हें निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
एक्स पर पोस्ट करते हुए सीएम योगी ने लिखा, ‘जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।” उन्होंने जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही मृतकों के परिजनों से सीधा संवाद बनाकर हर संभव मदद पहुंचाने को कहा। योगी ने प्रभु श्री राम से प्रार्थना भी की कि दिवंगत आत्माओं को मोक्ष मिले और घायल जल्द स्वस्थ हों।
मुआवजे और राहत पैकेज
सीएम योगी ने मृतकों के परिवारों को तुरंत 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और निर्माण एजेंसी की लापरवाही की जांच कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद, जिनकी पहल पर यह पुल बन रहा था, भी रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर रखे हुए हैं।यह हादसा ठीक उसी समय हुआ है जब भारतीय मौसम विभाग ने पूरे उत्तर प्रदेश में भारी तूफान, 80-100 किमी प्रति घंटे की आंधी और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर समेत 12 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि करीब 60 जिलों में ओले गिरने की आशंका जताई गई है। हमीरपुर सहित बुंदेलखंड के कई इलाकों में भी तेज आंधी चली, जिसका सीधा असर निर्माणाधीन पुल पर पड़ा।
तीन साल पहले मिली थी परियोजना को मंजूरी
बेतवा नदी पर बन रहा यह 900 मीटर लंबा पुल हमीरपुर सदर विधानसभा क्षेत्र में राठ-हमीरपुर स्टेट हाईवे को कुरारा फोरलेन हाईवे से जोड़ेगा। तीन साल पहले राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद की पहल पर योगी सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी। कुल 79.12 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था और निर्माण का ठेका कानपुर की विजय सिंह प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। इस पुल के पूरा होने से परसनी, मोराकंदर, स्वासा बुजुर्ग, कंडौर, बैजेमऊ, इस्लामपुर, हरेहटा, पतारा, जखेला समेत 26 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होनी थी।
कम होगी कई इलाकों की दूरी
वर्तमान में इन गांवों के लोगों को 32 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। पुल बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाती। लेकिन अब इस हादसे के बाद निर्माण कार्य में और देरी होने की आशंका है।

जांच में सामने आया है कि पुल की कोठी पर लॉन्च पैड रखने के बाद उन्हें सही तरीके से एंकर और सपोर्ट नहीं दिया गया। मजदूर रात में इसी स्ट्रक्चर के नीचे आराम कर रहे थे, जो सुरक्षा मानकों की गंभीर लापरवाही दर्शाता है। सेतु निगम के अधिकारियों ने कहा कि पूरी टीम मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
मौसम का तांडव
हमीरपुर हादसा पूरे उत्तर प्रदेश में चल रहे मौसम के विकराल रूप का एक उदाहरण भर है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से 29 और 30 मई को कई जिलों में 80-90 किमी/घंटा की औसत हवाएं और 100 किमी तक के झोंके चल सकते हैं। पूर्वांचल, मध्य यूपी और बुंदेलखंड सहित लगभग पूरे प्रदेश में मेघगर्जन, बिजली गिरने और भारी ओलावृष्टि का खतरा है।कृषि विभाग ने किसानों को खड़ी फसलों, आम के बागानों और सब्जियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। कई जगहों पर पहले ही ओले गिर चुके हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन ने सभी जिलों में SDRF, NDRF और स्थानीय टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, खासकर रात के समय।
24 जिलों में निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा प्रबंधन विभाग को सभी जिलों में 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी हादसे पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हमीरपुर हादसे के बाद निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने का भी फैसला लिया गया है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि, प्राकृतिक आपदाओं के समय निर्माण कार्यों में सुरक्षा को लेकर कितनी सख्ती बरतनी चाहिए। 26 गांवों की आशा से जुड़ा यह पुल अब एक त्रासदी का प्रतीक बन गया है।

हालांकि, सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और मुआवजे की घोषणा ने पीड़ित परिवारों को कुछ राहत जरूर दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि, यह सिस्टम 31 मई तक सक्रिय रह सकता है। इसके बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक सभी को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। हमीरपुर जैसे हादसों से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे।
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