
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। आज शुक्रवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने का अंतिम दिन है। चुनाव आयोग ने प्रदेश की विशाल जनसंख्या और मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस समय सीमा को पहले 6 फरवरी से बढ़ाकर 6 मार्च तक कर दिया था।
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22 साल बाद हो रही SIR प्रक्रिया

आज के बाद एसआईआर के तहत फाइनल वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6 भरना संभव नहीं रहेगा, हालांकि सामान्य मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया जारी रहेगी। आपको बता दें कि, यह एसआईआर अभियान 20-22 साल बाद हो रहा है, जिसका आधार 2003 की मतदाता सूची रखी गई थी। अब 2026 की यह फाइनल लिस्ट अगले एसआईआर के लिए आधार बनेगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि, समयसीमा में कोई और वृद्धि नहीं होगी, जिन मतदाताओं का नाम छूट गया था या गलत तरीके से दर्ज था, वे आज अंतिम मौके उसे ठीक करा सकते हैं। फाइनल मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित होगी, जबकि दावों-आपत्तियों का निस्तारण 27 मार्च तक पूरा किया जाएगा।
समय सारणी और महत्वपूर्ण तिथियां
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन: 6 जनवरी 2026
मूल दावा-आपत्ति अवधि: 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026
विस्तारित अंतिम तिथि: 6 मार्च 2026 (आज)
दावों-आपत्तियों का निस्तारण: 27 मार्च 2026 तक
फाइनल मतदाता सूची
10 अप्रैल को चुनाव आयोग ने एसआईआर शुरू होने से पहले घर-घर गणना प्रपत्र वितरित किए थे। ड्राफ्ट लिस्ट से कई नामों को हटाया गया या विसंगतियां चिह्नित किया गया। कुल 3.26 करोड़ से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें 2003 की लिस्ट से 1.04 करोड़ नामों का मिलान नहीं हो सका और 2.22 करोड़ तार्किक विसंगति वाले थे। अब तक 73 प्रतिशत से अधिक नोटिसों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है।
अब तक के आंकड़े
प्रदेश में मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरने वालों की संख्या अब 82.34 लाख पहुंच गई है। यह संख्या काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि SIR के तहत आज तक भरे गए फॉर्म-6 ही फाइनल लिस्ट में शामिल होंगे। नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 की संख्या 2.84 लाख है, जिसमें मृतक, स्थानांतरित और गलत तरीके से शामिल नाम शामिल हैं। कई मामलों में जांच के बाद आपत्तियां खारिज हो गईं और नाम बरकरार रखे गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि, अंतिम दिन पर भी पूरी तैयारी रखी जाए। हर बूथ पर ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) मौजूद रहेंगे। फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। महिलाओं और युवाओं के नाम जुड़वाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन विकल्प उपलब्ध
मतदाता घर बैठे भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं। आधिकारिक पोर्टल www.voters.eci.gov.in पर जाकर या ECI Net App के माध्यम से फॉर्म-6 ऑनलाइन भर सकते हैं। BLO से संपर्क कर ऑफलाइन भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी मतदाता को परेशानी न हो। जिला प्रशासन को लोगों को प्रेरित करने और अभियान चलाने के आदेश हैं।

एसआईआर एक विशेष अभियान है, जो सामान्य पंजीकरण से अलग है। आज तक फॉर्म-6 भरने वाले मतदाताओं का नाम इस बार की फाइनल एसआईआर लिस्ट में आएगा, जो भविष्य के चुनावों और मैपिंग के लिए आधार बनेगी। यदि नाम बाद में जुड़वाया गया, तो अगले SIR मैपिंग में कठिनाई हो सकती है, इसलिए चुनाव आयोग ने अंतिम दिन पर भी बीएलओ को बूथ पर तैनात रखा गया है। एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की सामान्य प्रक्रिया चालू रहेगी। फॉर्म-6, 7 और 8 किसी भी समय भरे जा सकते हैं, लेकिन वे एसआईआर की फाइनल लिस्ट में शामिल नहीं होंगे। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की मांग पर समय बढ़ाया था, ताकि अधिक से अधिक पात्र मतदाता शामिल हो सकें।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए अहम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, यह अंतिम अवसर है। पात्र नागरिक आज ही अपना नाम एसआईआर में भरे। हमारी टीम हर संभव मदद करेगी। प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या करोड़ों में है, इसलिए यह प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए अहम है। यदि आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है या गलत है, तो आज ही कार्रवाई करें। यह एसआईआर अभियान न केवल वोटर लिस्ट को शुद्ध करने का माध्यम है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने का भी। मतदाताओं से अपील है कि वे समय रहते फॉर्म भरें और अपना मताधिकार सुरक्षित करें।
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