बरेली। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले PCS ऑफिसर अलंकार अग्निहोत्री और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर बात की। इस बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहा है।

PCS ऑफिसर अलंकार अग्निहोत्री से की बात

वीडियो में ज्योतिर्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले में अपने कैंप से अलंकार अग्निहोत्री से बात करते नजर रहे हैं। इस दौरान अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, वह उन्हें धर्म के क्षेत्र में सरकार से भी बड़ा पद देने का प्रस्ताव देते हैं, इस पद को आप जब चाहे स्वीकार कर सकते हैं।
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बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले PCS ऑफिसर अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार रात शंकराचार्य से फोन पर बात की। शंकराचार्य ने कहा कि, यह खबर सुनकर उनके दो रिएक्शन हैं। पहले तो उन्हें इस बात का दुख है कि इस पद तक पहुंचने के लिए आपने कितनी मेहनत से पढ़ाई की होगी और आज एक झटके में आपने ये पद छोड़ दिया।
अग्निहोत्री बोले- जल्द मिलूंगा आपसे
दूसरी तरफ, जिस तरह से आपने सनातन धर्म के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा दिखाई है, उससे पूरा समाज खुश है। हम आपको बधाई देते हैं। हम चाहते हैं कि, आप जैसे समर्पित लोग सनातन धर्म की सेवा करते रहें। हम धर्म के क्षेत्र में आपको एक ऐसा पद प्रस्तावित कर रहे हैं, जो सरकार ने आपको दिया है, उससे भी बड़ा होगा। सुनकर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, “ठीक है महाराज जी, मैं आपका आशीर्वाद लूंगा और जल्द ही आपसे मिलूंगा।”
अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट पद से दिया इस्तीफा

बता दें कि, PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसमें उन्होंने सरकार की नीतियों, खासकर नए UGC नियमों पर गहरी असहमति जताई। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में लंबे समय से ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है। जेल में डिप्टी जेलर ने एक ब्राह्मण को पीट-पीटकर मार डाला। अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के शिष्यों को बुरी तरह पीटा गया। दूसरा मुद्दा UGC 2026 नियमों का है।” इन सबसे वे काफी आहत हैं।
अपने इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने खुद को उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज़ के 2019 बैच का गजटेड ऑफिसर बताया है। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई का भी ज़िक्र किया है। गवर्नर को सीधे संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, प्रयागराज में माघ मेले में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान ज्योतिष पीठ ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य बटुक ब्राह्मणों पर लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने हमला किया।
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सरकार पर लगाया ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप
अग्निहोत्री ने लिखा, बुज़ुर्ग आचार्यों को पीटते हुए, बटुक ब्राह्मण को ज़मीन पर गिरा दिया गया, उनकी शिखा (बालों का गुच्छा) को पकड़ कर उन्हें घसीटा गया और पीटा गया, इन सबसे से वे खासे अपमानित हुए। चोटी/बालों का गुच्छा ब्राह्मणों और संतों का धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक है और मैं (अलंकार अग्निहोत्री) खुद ब्राह्मण समुदाय से हूं। पत्र में आगे लिखा गया है कि, प्रयागराज की घटना लोकल एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा ब्राह्मणों के प्रति दिखाए गए अपमान को साफ़ तौर पर दिखाती है। अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि प्रयागराज में हुई घटना चिंताजनक और गंभीर मामला है, इस सरकार में ऐसी घटनाएं एक आम ब्राह्मण की भी आत्मा को झकझोर देती हैं।
यह घटना बताती है कि, स्थानीय प्रशासन और मौजूदा राज्य सरकार ब्राह्मण विरोधी सोच के साथ काम कर रही है। इसके साथ ही ये सरकार संतों और ऋषियों की पहचान के साथ छेड़छाड़ भी कर रही है।
पोस्टर के साथ तस्वीर वायरल

अलंकार अग्निहोत्री का स्पष्ट कहना है कि, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई से वह आहत हैं। उन्होंने नए UGC कानून पर भी आपत्ति जताई। इस संबंध में, सोशल मीडिया पर सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें वह एक पोस्टर के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
पोस्टर पर लिखा है, “हैशटैग UGC रोल बैक…, काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का यह अपमान भारत बर्दाश्त नहीं करेगा।” इस बीच, सोमवार शाम को सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री जिला मजिस्ट्रेट के आवास पर पहुंचे। वह वहां करीब एक घंटे तक रहे। वहां से निकलने के बाद, अलंकार अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
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