
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी राजनीतिक दल जीत की जोर आजमाइश में जुट गये हैं। इसी के साथ ही सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने राज्य की 294 सीटों में से 291 पर अपने उम्मीदवारों के नामों का औपचारिक ऐलान कर दिया है।
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भवानीपुर से हैं विधायक
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक प्रेस कांफ्रेस कर होने वाले चुनाव में पार्टी की राजनीतिक दिशा स्पष्ट पर दी है। इसके साथ ही उन्होंने आगामी चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस चुनावी घोषणा की सबसे बड़ी खबर ये है कि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बार नंदीग्राम सीट से चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। ममता बनर्जी अब अपनी पारंपरिक और पुरानी सीट भवानीपुर से ही चुनावी मैदान में उतरेंगी। इस सीट से वे वर्तमान में भी विधायक हैं।

गौरतलब है कि, 2021 के चुनाव में नंदीग्राम में मिली हार के बाद उपजे समीकरणों को देखते हुए इस बार पार्टी ने रणनीति में बड़ा बदलाव किया है और ममता बनर्जी ने अपनी पुरानी कर्मभूमि पर ही भरोसा जताया है। पार्टी ने इस बार नंदीग्राम सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी को उनके ही पुराने सहयोगी के जरिए घेरने की योजना बनाई है।
टीएमसी के टिकट से चुनाव लड़ेंगे पवित्रा कार्केई
टीएमसी ने नंदीग्राम से पवित्रा कार्केई को उम्मीदवार बनाया है, जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए हैं। पवित्रा कार्केई कभी शुभेंदु अधिकारी के बेहद खास माने जाते थे और पिछले विधानसभा चुनाव में अधिकारी की जीत में उन्होंने पर्दे के पीछे से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि 2021 में एक टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या के मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी, लेकिन अब वे पाला बदलकर टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि, दार्जिलिंग क्षेत्र की तीन सीटें कालिम्पोंग, कर्सियोंग और दार्जिलिंग सदर अनित थापा के नेतृत्व वाली सहयोगी पार्टी बीजीपीएम के लिए छोड़ी गई हैं, जो पहाड़ों में टीएमसी के गठबंधन का हिस्सा होगी।
आक्रामक नजर आईं ममता बनर्जी
उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान ममता बनर्जी बेहद आक्रामक तेवर में नजर आईं। इस दौरान उन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी तीखा निशाना साधा और कई सवाल खड़े किये। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि, चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के निर्देशों पर काम कर रहा है और उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, आयोग को परदे के पीछे से खेल खेलने के बजाय सीधे तौर पर बीजेपी के लिए प्रचार शुरू कर देना चाहिए।
पश्चिम बंगाल | TMC ने 291 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की।
पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग दो फेज़ में होगी – 23 और 29 अप्रैल को – जिसमें क्रमशः 152 और 142 सीटों पर वोटिंग होगी। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। pic.twitter.com/Gt8cTTBQvB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 17, 2026
अपने आत्मविश्वास को दोहराते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि, बंगाल की जनता एक बार फिर तृणमूल पर भरोसा करेगी और पार्टी 2026 के इस महासंग्राम में 226 से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल का चुनाव केवल एक सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं बल्कि बंगाल की संस्कृति और अस्मिता को बचाने का संघर्ष है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और सामाजिक समीकरणों की जानकारी देते हुए अभिषेक बनर्जी ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
52 महिलाओं को दिया मौका
कुल 291 उम्मीदवारों में से 52 महिलाओं को मौका दिया गया है, जबकि 95 उम्मीदवार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से और 47 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। पार्टी ने अपने पुराने दिग्गजों पर भरोसा बरकरार रखा है, जिसमें दम दम उत्तर से चंद्रिमा भट्टाचार्य, कमरहाटी से मदन मित्रा, कोलकाता पोर्ट से फिरहाद हकीम और बेलेघाटा से कुणाल घोष जैसे नाम शामिल हैं। वहीं मुर्शिदाबाद की भरतपुर सीट से मुस्तफिजुर रहमान को मैदान में उतारकर पार्टी ने नए समीकरण साधने की कोशिश की है। टीएमसी की इस सूची ने स्पष्ट कर दिया है कि ममता बनर्जी इस बार पूरी तैयारी और कड़े मुकाबले के मूड में हैं।
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