
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या एक बार फिर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। दरअसल 19 मार्च दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए रामनगरी पहुंच रही हैं। अपने इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति न सिर्फ राम लला की पूजा अर्चना करेंगी बल्कि राम मंदिर परिसर में ‘श्रीराम यंत्र’ की विधि-विधान से स्थापना भी करेंगी।
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इसके अलावा चैत्र नवरात्र और रामनवमी मेले के शुभारंभ पर आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। उनके साथ देश-दुनिया के पांच हजार से अधिक विशिष्ट मेहमान भी इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनेंगे। राष्ट्रपति के लगभग चार घंटे के प्रवास को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन की समय सारणी में भी बदलाव किये हैं।

चार घंटे अयोध्या में रहेंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च को सुबह करीब 11 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचेंगी और दोपहर दो बजे तक वहां प्रवास करेंगी। इस दौरान श्रीराम यंत्र की स्थापना का मुख्य कार्यक्रम संपन्न होगा। ट्रस्ट के सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि, वीआईपी कार्यक्रम के बावजूद आम श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखा जायेगा।
यही वजह है कि, 19 मार्च को राम मंदिर अपने नियमित समय से एक घंटा पहले यानी सुबह छह बजे ही खोल दिया जाएगा। हालांकि, राष्ट्रपति की सुरक्षा और परिसर में उनकी मौजूदगी के दौरान सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक सामान्य दर्शन प्रतिबंधित रह सकता है, लेकिन उनके प्रस्थान के तुरंत बाद व्यवस्थाएं फिर से सामान्य कर दी जाएंगी। 20 मार्च से मंदिर के दर्शन का समय सुबह सात से दोपहर 12 बजे और फिर दोपहर एक बजे से रात नौ बजे तक निर्धारित किया गया है।
आज रात से लागू हो जायेगा डायवर्जन
राष्ट्रपति की सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए अयोध्या पुलिस ने बुधवार रात 11 बजे से ही भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया है जो 19 मार्च शाम पांच बजे तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान ट्रक, ट्रैक्टर और डीसीएम जैसे भारी मालवाहक वाहनों को शहर की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, उन्हें वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र द्वारा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् २०८३ तदनुसार दिनांक 19 मार्च 2026 को श्री रामजन्मभूमि परिसर में आयोजित कार्यक्रम हेतु भारत की माननीय राष्ट्रपति महोदया को निमंत्रण दिया गया।
इस अवसर पर न्यास के महामंत्री श्री चंपत राय, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्देव… pic.twitter.com/Zl2RL4vtnG
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) January 21, 2026
हालांकि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, दूध और दवा जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह छूट दी गई है। जिला प्रशासन ने बाहरी जिलों जैसे लखनऊ, बस्ती, गोरखपुर, गोंडा और सुल्तानपुर से आने वाले वाहनों के लिए विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है, ताकि मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति पैदा न हो।
इन रूटों से गुजरेंगे भारी वाहन
विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को मुख्य बाईपास के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से आने वाले भारी वाहनों को कूरेभार और हलियापुर के पास से ही डायवर्ट कर दिया जाएगा जबकि गोरखपुर और बस्ती की ओर से आने वाले वाहनों को लिंक एक्सप्रेसवे या अकबरपुर के रास्ते भेजा जाएगा। इसी तरह बलरामपुर और बहराइच की तरफ से आने वाले वाहनों को टिकोरा मोड़ से सिधौली और सीतापुर की ओर मोड़ने की व्यवस्था की गई है। कानपुर और आगरा की ओर से आने वाले वाहनों को मोहनलालगंज और गोसाईगंज के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा ताकि अयोध्या शहर पर वाहनों का दबाव कम रहे।
रामजन्मोत्सव व सूर्य तिलक का होगा सीधा प्रसारण
राम मंदिर ट्रस्ट ने यह भी घोषणा की है कि, 19 मार्च को होने वाले श्रीराम यंत्र स्थापना कार्यक्रम और आगामी 27 मार्च को होने वाले रामजन्मोत्सव व सूर्य तिलक का सीधा प्रसारण किया जाएगा ताकि देश-दुनिया के श्रद्धालु घर बैठे इस अलौकिक दृश्य का आनंद ले सकें।
मंदिर निर्माण कार्य के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया गया कि मुख्य मंदिर का अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुका है और अब केवल हुतात्मा स्मारक व अस्थायी मंदिर जैसे कुछ प्रमुख कार्य शेष हैं। साथ ही रामलला के सूर्य तिलक की परंपरा को वैज्ञानिक रूप से अक्षुण्ण रखने के लिए विशेषज्ञों के साथ दस वर्षों का अनुबंध भी किया गया है। स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे डायवर्जन चार्ट को देख कर ही अयोध्या की तरफ यात्रा करें।
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