
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। शनिवार सुबह से ही मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। लखनऊ में सुबह करीब 7:45 बजे आसमान में घने काले बादल छा गए जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इसी तरह कानपुर, फतेहपुर, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हाथरस, संभल, उन्नाव समेत कुल 20 शहरों में जोरदार बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखा गया।
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धूल भरी आंधी से छा गया अंधेरा
कौशांबी और प्रयागराज में धूल भरी तेज आंधी चली, जिससे दिन के उजाले में भी अंधकार छा गया। हाथरस जिले में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। इतनी तेज और भारी बारिश हुई कि सदर कोतवाली क्षेत्र में पानी भर गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। कानपुर में भी बारिश का पानी कई घरों में घुस गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

अमेठी में सुबह तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। घने बादलों के कारण आसमान ढका रहा और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस मौसम परिवर्तन से आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कई जगहों पर लोग गर्मी और उमस से राहत महसूस कर रहे थे, लेकिन कुछ इलाकों में यह राहत आफत बन गई। बागपत में तेज बारिश और आंधी-तूफान के दौरान एक मकान ढह गया। इस हादसे में एक दंपति समेत चार बच्चे घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। उन्नाव जिले में एक दुखद घटना घटी, जहां सुबह 7 बजे आकाशीय बिजली गिरने से 60 वर्षीय किसान कृष्ण कांत की मौत हो गई। वे तेज बारिश के बीच खेत में काम कर रहे थे।
IMD ने जारी किया अलर्ट
प्रयागराज में सुबह तेज आंधी चली और बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने वहां एक-दो घंटे तक अलर्ट रहने की सलाह दी। काले बादल छाने से दिन में अंधेरा छा गया। रायबरेली, सीतापुर, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर में भी सुबह से ही मौसम ने करवट ली। तेज हवाएं, बिजली चमकना और रुक-रुक कर बारिश का दौर चला। आगरा में बादल छाए रहे और दोपहर बाद आंधी-बारिश की संभावना जताई गई। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। 54 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है। इनमें 30 जिलों में कुछ इलाकों में और 24 जिलों में एक-दो जगहों पर बारिश होने की आशंका है।
22 शहरों में आंधी-तूफान का खतरा बताया गया है। लखनऊ में अगले तीन घंटों के लिए विशेष तूफान अलर्ट जारी किया गया था। मोबाइल पर भेजे गए संदेश में कहा गया कि, कई स्थानों पर बिजली चमक सकती है, तूफान आ सकता है और हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ गई हैं। पिछले 24 घंटों में 15 शहरों में बारिश दर्ज की गई।
सबसे गर्म रहा जालौन

जालौन 40.8 डिग्री तापमान के साथ सबसे गर्म रहा। लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि, यूपी में प्री-मानसून बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। अब मानसून की एंट्री तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। बीच-बीच में गर्मी भी दिखेगी, लेकिन बारिश राहत देती रहेगी।
पूर्वानुमान
14 जून: पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश संभव। पूर्वी यूपी में हल्की ठंडी हवाएं।
15 जून: पश्चिमी यूपी में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश। पूर्वी यूपी में मौसम साफ।
16 जून: पूरे प्रदेश में बादलों की आवाजाही, नमी के कारण गर्मी से राहत।
17 जून: मौसम ज्यादातर साफ, तेज हवाएं, कहीं-कहीं बूंदाबांदी।
18 जून: बादलों की आवाजाही, कुछ जगहों पर हल्की बारिश।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15 से 16 जून तक प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मानसून अपनी सामान्य तारीख यानी 20 जून के आसपास यूपी में दस्तक दे सकता है।
खुश हुए किसान
इस प्री-मानसून बारिश ने किसानों के चेहरों पर चमक ला दी है, क्योंकि, खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को फायदा होगा। धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों को इस काफी राहत मिलेगी। हालांकि, कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से नुकसान भी हुआ है।
इस साल हो सकती है सामान्य से कम बारिश
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, इस साल यूपी समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। वैसे तो सामान्य वर्षा 820-840 मिलीमीटर होती है, लेकिन इस बार 8 प्रतिशत कम यानी 754-773 मिलीमीटर के आसपास होने का अनुमान है। IMD महानिदेशक डॉ. एम. महापात्रा ने बताया कि, प्रशांत महासागर में ला नीना समाप्त होकर अल नीनो की स्थिति बन रही है, जो कम वर्षा का कारण बनेगी। इसके अलावा उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।
पिछले साल यानी 2025 में यूपी में 870-900 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 10-15 प्रतिशत अधिक थी, लेकिन 2026 में स्थिति ठीक इसके विपरीत हो सकती है। अल नीनो के प्रभाव से धान जैसी पानी वाली फसलों के उत्पादन में 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
धान की रोपाई में हो सकती है देरी
जून-जुलाई में बारिश न होने पर धन की रोपाई में देरी होगी, रकबा घटेगा। किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे बिजली और डीजल का खर्च बढ़ेगा। खेती की लागत बढ़ने और उत्पादन घटने से अनाज, दालों और सब्जियों के दामों में तेजी आ सकती है। बुंदेलखंड और दक्षिण-पश्चिमी यूपी के जिलों जैसे झांसी, महोबा, ललितपुर, मथुरा आदि में सूखे की आशंका गहरा सकती है। राज्य की अर्थव्यवस्था, कृषि और आम जनजीवन पर इसका गहरा असर पड़ेगा।

दिल्ली में खराब मौसम के कारण 12-13 जून की रात लखनऊ आने वाली 8 उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। कई शहरों में बिजली गुल होने, जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आईं। वाराणसी जैसे पूर्वी जिलों में अभी मौसम अपेक्षाकृत साफ है, लेकिन उमस बनी हुई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
उत्तर प्रदेश में मौसम का यह उतार-चढ़ाव सामान्य प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, लेकिन अल नीनो की पृष्ठभूमि में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। लोगों को सतर्क रहना चाहिए, खासकर आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान खेतों या खुले में न रहें। प्रशासन को भी राहत कार्यों के लिए तैयार रहना होगा। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो रही है, लेकिन लंबे समय में कमजोर मानसून चुनौती बन सकता है।
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