इन राज्यों में पहुंचा मानसून, कहीं बारिश से सराबोर हो रहे शहर, तो कहीं रुला रही गर्मी

नई दिल्ली। देश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून बेहद आक्रामक तेवर दिखाते हुए बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि, मानसून ने गत रविवार तक देश के 12 राज्यों को अपने दायरे में ले लिया। हालांकि, केरलम में इस साल मानसून तय समय से तीन दिन की देरी से यानी 4 जून को पहुंचा था, लेकिन इसके बाद इसने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि, महज चार दिनों के भीतर ही समूचे केरलम, कर्नाटक, मणिपुर, नगालैंड और मिजोरम को पूरी तरह कवर कर लिया।

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45 डिग्री के पार पहुंचेगा पारा

एक तरफ जहां दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्य मूसलाधार बारिश से सराबोर हैं। वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में प्री-मानसून की गतिविधियां जारी हैं। इस बीच दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए मौसम विभाग ने एक बेहद चिंताजनक चेतावनी जारी की है, जिसके अनुसार सोमवार से इन क्षेत्रों में एक बार फिर भीषण गर्मी का नया दौर शुरू होने जा रहा है और आने वाले दिनों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।

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मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने अपनी रफ़्तार बढ़ाते हुए रविवार को पूर्वोत्तर भारत के त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में पूरी तरह से प्रवेश कर लिया है। इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार को मानसून ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम और मणिपुर के कई हिस्सों को कवर किया था।

पूर्वोत्तर में भारी बारिश की संभावना

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि, अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून बिना किसी बाधा के महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में आगे बढ़ जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले सात दिनों तक केरलम, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया है, जहां औसतन 7 से 20 मिलीमीटर तक पानी बरस सकता है। विशेष रूप से 8 से 10 जून के बीच कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में बहुत तेज बारिश होने की संभावना है, जिसे देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

मौसम के इस बदले मिजाज के बीच देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार को तेज आंधी और अचानक हुई बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर आई भीषण आंधी के दौरान ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों के आपस में टकराने से एअर इंडिया के तीन नैरो बॉडी विमान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके बाद एहतियात के तौर पर तीनों विमानों को तुरंत ऑपरेशन से बाहर कर दिया गया है।

राजस्थान में हीटवेव के आसार

हालांकि, इस राहत के बाद दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए आगे की राह आसान नहीं है। सोमवार से मौसम में अचानक बदलाव आया है और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि, अगले हफ्ते से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव यानी लू की स्थितियां दोबारा बन सकती हैं। रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब डेढ़ डिग्री ज्यादा है।

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मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां अभी तक मानसून ने आधिकारिक तौर पर दस्तक नहीं दी है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सूबे के 30 से ज्यादा जिलों में सोमवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जून के शुरुआती हफ्ते में ही प्रदेश में कोटे की 65 फीसदी से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है।

भीषण गर्मी बढ़ा रही परेशानी

भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर जैसे जिलों में अब तक 50 मिलीमीटर से ज्यादा पानी गिर चुका है, जबकि नीमच में यह आंकड़ा 63.5 मिलीमीटर तक पहुंच गया है। वहीं, दूसरी तरफ, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में मौसम का दोहरा रंग देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने बागपत और मेरठ समेत राज्य के 14 जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके विपरीत, बुंदेलखंड के बांदा और झांसी जैसे इलाके भयंकर गर्मी की चपेट में हैं, जहां रविवार को पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पश्चिमी भारत के राज्य राजस्थान में अब गर्मी के साथ-साथ उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। राज्य के बीकानेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर समेत छह जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट है, लेकिन इसके बावजूद पश्चिमी जिलों जैसे बाड़मेर, जोधपुर और फलोदी में तापमान एक बार फिर 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। रविवार को श्रीगंगानगर 44.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रहा। पंजाब और चंडीगढ़ में भी गर्मी का प्रकोप दोबारा लौट आया है।

बिहार के इन जिलों में आंधी-बारिश की आशंका 

बठिंडा में तापमान 2.1 डिग्री की बढ़त के साथ 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके कारण मौसम विभाग ने राज्य के चार प्रमुख जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। उधर, बिहार में भी तेज धूप के बाद अब भारी उमस का असर देखा जा रहा है। मधुबनी और अररिया सहित 14 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है, जबकि बाकी बचे 24 जिलों में भयंकर उमस के साथ तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

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मैदानी इलाकों की यह तपिश अब पहाड़ों को भी अपनी चपेट में ले रही है। हिमाचल प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों में रविवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसके कारण पहाड़ों पर भी हीटवेव का असर महसूस होने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले दो दिनों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है और ऊना जिला 41 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रिकॉर्ड हुआ है।

तीन डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान

हालांकि, राहत की बात यह है कि, 11 जून से पहाड़ी राज्य में बारिश के आसार बन रहे हैं। उत्तराखंड के उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग समेत पांच पहाड़ी जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, लेकिन राज्य के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों के भीतर तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

रविवार को उत्तराखंड का काशीपुर इलाका सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुल मिलाकर देखें तो इस समय पूरा देश मौसम के दो छोरों पर खड़ा है, जहां आधा हिस्सा पानी से सराबोर है तो आधा हिस्सा सूरज की तपिश से झुलस रहा है।

 

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