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कोरोना की जंग में ‘सिपाही’ बने मेडिकल स्टाफ को लेकर पीएम मोदी का फैसला, दी बड़ी सौगात

साल 2020 में भारत में कोरोना का कहर शुरू हुआ और तब से अब तक लगातार अपना कहर बरपा रहा है, देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने त्राहिमाम मचा कर रख दिया। इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए सरकार लगातार मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी से निपटने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि इसके बाद देश को डॉक्टरों और नर्सों की कमी से झूझना पड़ सकता है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडिकल चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उनका कहना है कि NEET-PG परीक्षा को कम से कम 4 महीने के लिए स्थगित किया जाना चाहिए। साथ ही कोविड कर्तव्यों के 100 दिनों को पूरा करने वाले चिकित्सा कर्मियों को नियमित सरकारी भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार कोरोना वायरस से लड़ने के लिए बैठकें कर रहे हैं और कोरोना के संकट से निपटने के लिए कड़े फैसले ले रहे हैं। सोमवार को पीएम मोदी ने कहा कि कोविड कर्तव्यों के 100 दिनों को पूरा करने वाले चिकित्सा कर्मियों को नियमित सरकारी भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अपने विभाग की गाइडेंस में मेडिकल स्टूडेंट्स कोविड से जुड़ी ड्यूटी करें।

सरकारी भर्तियों में मिलेगी प्राथमिकता

पीएम मोदी ने फैसला लिया है कि कोविड कर्तव्यों के 100 दिनों को पूरा करने वाले चिकित्सा कर्मियों को प्रधानमंत्री के प्रतिष्ठित कोविड राष्ट्रीय सेवा सम्मान दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें सरकारी भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी।

बीते दिनों कार्डियक सर्जन डॉ। देवी शेट्टी का डराने वाला बयान सामने आया था। उन्होंने कहा की ऑक्सीजन की कमी के बाद अगला बड़ा संकट डॉक्टरों और नर्सों की कमी होगा। उनका कहना है कि मई में कोरोना काफी ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसे में कोरोना मरीजों के लिए डॉक्टरों और नर्सों का मिलना मुश्किल हो जाएगा।

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पीएम मोदी ने स्थिति को देखते हुए लिए अहम फैसले

बीएससी/जीएनएम  नर्सों का इस्तेमाल वरिष्ठ डॉक्टरों और नर्सों के सुपरविजन में फुल टाइम कोरोना नर्सिंग में किया जा सकता है। जिन मेडिकल स्टूडेंट्स को ड्यूटी पर लगाया जाएगा उनका प्रॉपर तरीके से वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके अलावा कोरोना में लगे हेल्थ वर्कर्स की तरह वे भी केंद्र की बीमा स्कीम में कवर होंगे। सभी प्रोफेशनल जो कोरोना के खिलाफ 100 दिन की ड्यूटी के लिए तैयार होंगे, और इसे पूरा करेंगे, उन्हें भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री का प्रतिष्ठित कोरोना राष्ट्रीय सेवा सम्मान भी दिया जाएगा। फाइनल ईयर पीजी स्टूडेंट्स की सेवाओं का इस्तेमाल तब तक किया जा सकता है जब तक कि पीजी स्टूडेंट्स के नए बैच जुड़ नहीं जाते।