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ओवैसी ने मोदी को बताया कमजोर प्रधानमंत्री, कांग्रेस ने पूछा- कहां है 56 इंच का सीना

अरुणाचल प्रदेश में चीन के सौ घरों का गांव बनाने की खबरों ने सियासी गलियारों का माहौल खासा गर्म कर दिया है। दरअसल, इन खबरों के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है। इस खबरों को लेकर अभी बीते दिनों जहां राहुल गांधी ने मोदी को निशाने पर लिया था। वहीं, इस बार AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला है।

मोदी पर हमलावर हुआ विपक्ष

अपने बयान में ओवैसी ने कहा कि सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि चीन ने अरुणाचल में परमानेंट कंस्ट्रक्शन कर लिया है। प्रधानमंत्री कमजोरी दिखा रहे हैं, पीएम चीन का नाम क्यों नहीं लेते? पीएम, चीन का नाम लेने से डरते हैं। पीएम कमजोर प्रधानमंत्री है क्योंकि उन्हीं की पार्टी का एमपी कहता है कि चीन ने अरुणाचल की जमीन पर कब्जा कर लिया है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में चीन द्वारा गांव बसाने के दावे वाली खबरों को लेकर बीते मंगलवार को प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए एक खबर साझा किया था। उन्होंने इस खबर के साथ अपने ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया कि उनका वादा याद करिए- मैं देश झुकने नहीं दूंगा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया कि मोदी जी, वो 56 इंच का सीना कहां है? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी सोमवार को इस मामले पर सरकार से जवाब मांगा था।

आपको बता दे कि एक साल के भीतर अरुणाचल प्रदेश में एलएसी के साढ़े चार किलोमीटर के भीतर सौ घरों का एक गांव बना लिया है। एक अंग्रेजी चैनल ने इसे लेकर सैटलाइट तस्वीरें भी प्रकाशित की हैं। इसमें एक तस्वीर अगस्त 2019 है और दूसरी तस्वीर नवंबर 2020 की है। पहली तस्वीर में साफ नजर आ रहा है कि एक जगह पूरी तरह खाली है, जबकि नवंबर 2020 की तस्वीर में उस जगह पर कुछ ढांचे बने नजर आ रहे हैं, जिन्हें चीन का बसाया गांव बताया जा रहा है।

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दावे के मुताबिक चीन ने अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबानसिरी जिले में इस गांव का निर्माण किया है। एलएसी से सटा यह इलाका भारत और चीन के बीच लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। हालांकि भारत सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह से निराधार बताया है। केंद्र सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह देश की सुरक्षा पर असर डालने वाले समस्त घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखता है