Friday , December 3 2021

कार्तिक पूर्णिमा पर गढमुक्तेश्वर में 22 लाख श्रद्धालुओं ने किया पवित्र गंगा स्नान

गंगानगरी गढ़मुक्तेश्वर में आयोजित कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेला में शुक्रवार को मुख्य स्नान के अवसर पर लगभग 22 लाख श्रद्धालुओं पवित्र स्नान किया। अधिकतर श्रद्धालु सुबह सवेरे ही गंगा स्नान कर अपने घरों को लौट गए। देर शाम गंगा तट पर देव दीपावली का आयोजन किया गया।

कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले में मुख्य गंगा स्नान आयोजित किया गया। इस अवसर पर मेला परिसर के गंगाघाटों और ब्रजघाट दोनों स्थानों पर कुल मिलाकर 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। वर्षों पुरानी परम्परा के अनुसार प्रति वर्ष गढ़मुक्तेश्वर के खादर में गंगा मेले का आयोजन किया जाता रहा है। दो वर्ष पूर्व प्रदेश के मुख्यमन्त्री की पहल पर इस मेले को प्रदेश के नक्शे में स्थान दिया गया। इसके बाद प्रदेश सरकार से इस मेले के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग भी किया जाने लगा। इससे पूर्व जिला पंचायत ही इस मेले का आयोजन करती रही है।

शुक्रवार को सुबह लगभग चार बजे से ही श्रद्धालु गंगाघाटों पर पहुंच कर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित मुख्य स्नान में शामिल होने लगे। घाटों पर जगह कम पड़ जाने के कारण कुछ लोग घाट से अलग हट कर भी स्नान करते देखे गए। ऐसे श्रद्धालुओं को पुलिस और प्रशासन के कर्मचारियों ने स्नान करने से रोका और उन्हें घाटों पर जाकर ही स्नान करने की सलाह दी। कर्मचारियों का कहना था कि घाटों से अलग हट कर स्नान करने से उनके जीवन को खतरा हो सकता हैं। गंगा स्नान करने के बाद काफी श्रद्धालु अपने घर लौट गए। जिन श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर आयोजित होने वाले देव दीपावली कार्यक्रम में शामिल होने का मन बना लिया था, उन्होंने शुक्रवार मेला परिसर में ही रुकने का निर्णय लिया। मेला परिसर में रह गए श्रद्धालुओं ने देर शाम दीप जलाकर देव दीपावली उत्सव में हिस्सा लिया।

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इस अवसर पर मेले में व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा प्रबन्धों के लिए भारी पुलिसब ल तैनात रहा। मेलाधिकारी और जनपद के उच्च प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मेला परिसर में ही डेरा डाले रहे। इस वर्ष मेले में आगमन और मेले से बाहर जाने के लिए विशेष प्रबन्ध किए गए थे, जिस कारण व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रही। इस कारण श्रद्धालुओं को अन्य वर्षों की तरह बहुत अधिक जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।