
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आम नागरिकों को सरकारी कामकाज में तेजी और सुविधा प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, घर-जमीन का दाखिल-खारिज कराने जैसे जरूरी कार्यों के लिए लोगों को विभिन्न दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रदेश के सभी नगर निगमों में वन डे गवर्नेंस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जहां इन सेवाओं का निस्तारण एक ही दिन में पूरा किया जाएगा।
इसे भी पढ़ें- घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बना उत्तर प्रदेश
भागदौड़ से मिलेगी राहत
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह व्यवस्था लोगों को लंबे इंतजार और भाग-दौड़ से मुक्ति दिलाएगी। उन्होंने बताया कि, लखनऊ में यह सेंटर पहले ही शुरू हो चुका है और प्रयागराज, वाराणसी तथा गोरखपुर में भी जल्द ही इस सुविधा को लागू किया जाएगा। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि, नागरिक सेवाओं को और अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाया जाए।

मंत्री एके शर्मा ने कहा कि, पीएम नरेंद्र मोदी ने जब गुजरात में मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने वन डे गवर्नेंस सिस्टम की शुरुआत की थी। उसी सफल मॉडल को अब उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है। शर्मा ने जोर देकर कहा कि, हम चाहते हैं कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में फैल जाए, ताकि कोई भी नागरिक दो दिन, चार दिन, एक हफ्ते या पूरे महीने तक दफ्तरों के चक्कर न काटे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति सेंटर पर आएगा तो उसे आधे घंटे के अंदर अपना काम पूरा करके प्रमाण-पत्र या दस्तावेज लेकर घर वापस जाने की सुविधा मिलेगी।
बुजुर्गों को मिलेगी सुविधा
यह व्यवस्था विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जो ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। कई बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक अभी भी सरकारी दफ्तरों में जाने पर निर्भर रहते हैं। वन डे गवर्नेंस सेंटर इन्हीं वर्गों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। लखनऊ के सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यहां आरामदायक बैठने की व्यवस्था, चाय-पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकार का मानना है कि, स्मार्ट सिटी बनने के साथ-साथ स्मार्ट गवर्नेंस भी जरूरी है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए दस्तावेजी प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाया जा रहा है। नगर निगमों में पहले से मौजूद दिक्कतें जैसे लंबी कतारें, बार-बार चक्कर लगाना, रिश्वतखोरी की आशंका और अनावश्यक देरी अब काफी हद तक कम हो जाएगी। एक ही छत के नीचे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, दाखिल-खारिज, संपत्ति कर संबंधी काम, शिकायत निस्तारण और अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध होंगी। गुजरात मॉडल से UP तक की यात्रामंत्री एके शर्मा ने इस अवसर पर गुजरात मॉडल की सफलता का जिक्र किया।
समय बचेगा
उन्होंने बताया कि गुजरात में इस व्यवस्था ने नागरिकों को बहुत राहत दी थी। एक ही दिन में काम निपट जाने से लोगों का समय बचता है और सरकारी मशीनरी की दक्षता भी बढ़ती है। उत्तर प्रदेश में भी यही लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों को चुना गया है। सफलता मिलने के बाद इसे सभी 17 नगर निगमों और बाद में नगर पालिका एवं नगर पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को अच्छे शासन की दिशा में एक और मजबूत कदम माना जा रहा है।
योगी सरकार पहले से ही ऑनलाइन सेवाओं, एकीकृत पोर्टल और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रही है। वन डे गवर्नेंस सेंटर उसी दिशा में एक और प्रयास है, जो उन नागरिकों को भी जोड़ता है जो डिजिटल माध्यमों से दूर हैं।
मिलेंगे ये फायदे
- जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र उसी दिन मिल जाएगा।
- संपत्ति के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया तेज होगी।
- बार-बार दफ्तर न आने की जरूरत नहीं।
- वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए सुविधाजनक वातावरण।
- पारदर्शिता बढ़ने से भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।
- समय और धन दोनों की बचत।
अन्य शहरों में भी उपलब्ध कराई जाएंगी सुविधाएं
मंत्री ने स्पष्ट किया कि, सरकार का फोकस सेवा वितरण को और बेहतर बनाना है। लखनऊ में शुरू हुए सेंटर को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि अन्य शहरों में भी इसी स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। यह व्यवस्था न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगी बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी। आधुनिक भारत में जहां डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस पर जोर दिया जा रहा है, वहां वन डे गवर्नेंस सेंटर एक संतुलित दृष्टिकोण है जो तकनीक और मानवीय सुविधा दोनों को साथ लेकर चलता है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। अगर यह मॉडल पूरे प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू हो गया तो लाखों नागरिकों को सालाना करोड़ों घंटे बच सकते हैं, जो पहले दफ्तरों में बर्बाद होते थे।
सरकारों कामों में आएगी तेजी
वन डे गवर्नेंस सेंटर योगी सरकार की नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था का नया प्रतीक है। यह सुविधा न सिर्फ कामों को तेज करेगी बल्कि लोगों के जीवन को आसान भी बनाएगी। लखनऊ से शुरू हुई यह पहल जल्द ही पूरे उत्तर प्रदेश में फैलने वाली है, जिससे आम जनता को वास्तविक राहत मिलेगी। सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक को बिना किसी परेशानी के, बिना समय गंवाए, अपनी जरूरी सेवाएं आसानी से प्राप्त हों।
इसे भी पढ़ें- 4.40 करोड़ मोबाइल ग्राहकों के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में रिलायंस जियो लगातार नंबर वन



