नोएडा और यमुना सिटी को मिली 17,800 करोड़ की विकास सौगात, सीएम योगी ने किया ऐतिहासिक दौरा

नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नोएडा और यमुना सिटी के दौरे पर पहुंचे और इस दौरान उन्होंने दोनों शहरों को 17,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। यह महज एक सरकारी दौरा नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और शहरी विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम था। इस निवेश से क्षेत्र में करीब 10 हजार नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जो स्थानीय युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है।

 इसे भी पढ़ें- सीएम योगी ने दिखाई 45 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी, अब आसान होगा जेवर एयरपोर्ट तक का सफर

यमुना सिटी से हुई दौरे की शुरुआत

सीएम योगी ने सबसे पहले यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव और नंद गोपाल नंदी भी मौजूद रहे। यहां सीएम योगी ने प्रदेश के पहले इलेक्ट्रॉनिक पार्क का शिलान्यास किया और 15,023 करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली तीन बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं की नींव रखी।

cm yogi

पहली परियोजना असेंट-के सर्किट्स की है, जो 3,250 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी। यह संयंत्र इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश की उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाई देगा।

दूसरी परियोजना अंबर एंटरप्राइजेज की है, जो 3,520 करोड़ रुपये के निवेश से होम एप्लायंसेज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण संयंत्र स्थापित करेगी। यह निवेश मेक इन इंडिया अभियान को और मजबूती देगा।

तीसरी और सबसे बड़ी परियोजना 8,253 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सोलर एनर्जी संयंत्र की है, जिसमें 5 गीगावाट का सोलर सेल और 5 गीगावाट का सोलर मॉड्यूल संयंत्र शामिल है।

यह परियोजना देश की नवीकरणीय ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी और उत्तर प्रदेश को सोलर एनर्जी के नक्शे पर एक प्रमुख स्थान दिलाएगी।

50 साल बाद नोएडा प्राधिकरण को मिली अपनी बिल्डिंग

यमुना सिटी के बाद सीएम योगी नोएडा पहुंचे, जहां उन्होंने एक ऐतिहासिक उद्घाटन किया। नोएडा अथॉरिटी यानी न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी को अपनी स्थापना के करीब 50 साल बाद पहली बार एक स्थायी और भव्य प्रशासनिक मुख्यालय मिला। सेक्टर-96 में 390 करोड़ रुपये की लागत से बना यह सात मंजिला भवन नोएडा के विकास का नया प्रतीक बनेगा।

इस भवन की कहानी भी कम रोचक नहीं है। 5 जनवरी 2016 को इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन रास्ते में कई अड़चनें आईं। कोरोना महामारी ने निर्माण की गति को धीमा कर दिया, फिर 2022 में निर्माण कंपनी को काली सूची में डालना पड़ा। नए टेंडर जारी हुए और एसटी कंस्ट्रक्शन प्रालि को ठेका मिला। इसके साथ ही भवन की मूल डिजाइन में भी बदलाव आया। पहले यहां 18 और 9 मंजिलों के दो टॉवर बनने थे, लेकिन अंततः 4 और 8 मंजिलों के दो टावर बनाए गए। 1 अप्रैल 2026 तक यह भवन पूरी तरह बनकर तैयार हुआ और शनिवार को इसे जनता को समर्पित किया गया।

एक छत के नीचे आये सभी विभाग 

24,000 वर्गमीटर जमीन पर बने इस भवन में दो बेसमेंट, एक प्रशासनिक टावर और एक ऑडिटोरियम है। दोनों बेसमेंट में करीब 670 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है। भवन में 11 लिफ्ट लगाई गई हैं। सातवीं मंजिल पर बोर्ड रूम, छठी मंजिल पर दो कॉन्फ्रेंस रूम और पहली मंजिल पर जनसुनवाई केंद्र बनाया गया है। अध्यक्ष, सीईओ, वित्त, विधि, आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, ग्रुप हाउसिंग और आरटीआई सेल सहित सभी विभाग अब इसी एक भवन में संचालित होंगे।

अब तक नोएडा प्राधिकरण के विभिन्न विभाग सेक्टर-6, सेक्टर-19, सेक्टर-20 और सेक्टर-39 जैसे अलग-अलग स्थानों से चल रहे थे, जिससे नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए शहर भर में भटकना पड़ता था। अब सभी कार्यालय एक ही छत के नीचे आ जाएंगे, जिससे न सिर्फ प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा बल्कि आम आदमी का समय और ऊर्जा दोनों बचेंगे। उद्घाटन के बाद सीएम योगी ने इसी भवन की सातवीं मंजिल पर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी की।

69 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

इस दौरे में सीएम योगी ने 2,478 करोड़ रुपये की 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सबसे चर्चित रही अगाहपुर से एनएसईजेड तक बनी 608 करोड़ रुपये की लागत वाली 4.5 किलोमीटर लंबी भंगेल एलिवेटेड रोड। यह सड़क नवंबर 2025 से ट्रायल पर थी और अब आधिकारिक तौर पर जनता को समर्पित कर दी गई। इससे क्षेत्र में यातायात की समस्या काफी हद तक कम होगी और औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंच आसान होगी।

इसके अलावा 27 करोड़ रुपये की लागत से बनी दो सीवर लाइनें और यमुना तट पर 18.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार रेनीवेल-4 परियोजना भी जनता को सौंपी गई। रेनीवेल-4 परियोजना यमुना नदी के तट के विकास और सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

65 नई परियोजनाओं की रखी नींव

सीएम योगी ने इस दौरे में 65 नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड का नवीनीकरण, सेक्टर-123 में एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, तीन अलग-अलग सेक्टरों में पार्किंग सुविधाएं, एक डिजिटल लाइब्रेरी, डियर पार्क और लेक व्यू पार्क जैसी हरित और मनोरंजक सुविधाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं नोएडा को एक आधुनिक, हरित और सुविधासंपन्न शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

कार्यक्रम में स्थानीय किसानों और उद्यमियों को प्लॉट आवंटन पत्र भी वितरित किए गए, जो लंबे समय से अपने आवंटन का इंतजार कर रहे थे। इससे क्षेत्र में छोटे और मध्यम उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पूरे क्षेत्र में 1,500 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहे। सुरक्षा की कमान 2 डीसीपी, 4 एडीसीपी, 13 एसीपी और 8 इंस्पेक्टरों के हाथों में थी। इसके साथ ही आसपास के जिलों से अतिरिक्त बल और पीएसी की 5 कंपनियां भी तैनात की गईं।

 

 इसे भी पढ़ें-  ‘लव जिहाद व लैंड जिहाद’ पर सीएम योगी का बड़ा प्रहार, खर-दूषण और ताड़का से की तुलना

Related Articles

Back to top button