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भारत अब सिर्फ महिलाओं के विकास से आगे निकलकर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में बढ़ रहा है
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कामकाजी महिलाओं और माताओं के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करने की सामूहिक पहल का किया आह्वान
मुंबई। भारत की तरक्की में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। भारत की महिलाएं जब आगे बढ़ेंगी, तो भारत भी आगे बढ़ेगा। और जब भारत की महिलाएं रुकने से इनकार कर देंगी, तब भारत भी अजेय बन जाएगा।” ये बातें देश के सबसे बड़े उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कही।
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महिलाओं को बेहतर सहयोग देने की अपील
उन्होंने कॉरपोरेट जगत से अपील करते हुए कहा कि, कामकाजी महिलाओं और माताओं को बेहतर सहयोग देने के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करने की सामूहिक पहल शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने यह बात अरुंधति भट्टाचार्य की आत्मकथा ‘Indomitable’ के हिंदी संस्करण ‘अपराजिता’ के विमोचन के मौके पर कही।

इस अवसर पर उन्होंने अरुंधति के नेतृत्व कौशल और मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने के जज्बे की खुलकर सराहना की। अंबानी ने बताया कि, अरुंधति ने वर्ष 2013 में भारतीय स्टेट बैंक की पहली महिला चेयरपर्सन बनकर एक नया इतिहास रचा था। इसके साथ ही उन्होंने अपने बाद आने वाली महिलाओं के लिए भी नए रास्ते खोले।
असफलता स्वीकार करनी चाहिए
मुकेश अंबानी ने अरुंधति की किताब से मिलने वाली कई अहम सीखों का भी जिक्र किया, जिनमें पारिवारिक मूल्यों को महत्व देना, असफलता की जिम्मेदारी खुद उठाना, लगातार सीखते रहना और लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ना शामिल है। उन्होंने कहा कि, असफलता मिलने पर दूसरों को दोष देने के बजाय यह देखना ज्यादा जरूरी है कि आखिर चूक कहां हुई और आगे किन चीजों में बदलाव किया जा सकता है। उनके अनुसार, सच्चा नेतृत्व केवल अनुयायी तैयार करना नहीं, बल्कि नए नेताओं को गढ़ना भी है।
मुकेश अंबानी ने यह भी कहा कि, उन्होंने महिलाओं की असली ताकत को अपनी मां कोकिलाबेन, पत्नी नीता अंबानी और बेटी ईशा अंबानी में भी करीब से महसूस किया है। उन्होंने बताया कि, नीता और ईशा, दोनों ही कामकाजी महिलाएं हैं, और उनका नेतृत्व नई पीढ़ी की महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। अंबानी ने कहा कि, भारत की युवा महिलाओं में दिखने वाला आत्मविश्वास उन्हें देश के भविष्य को लेकर बेहद आशावादी बनाता है।
महिलाओं को तय करना है अभी लंबा सफर
अंबानी ने आगे कहा कि, अरुंधति जैसी महिलाओं की उपलब्धियां निश्चित रूप से प्रेरणा देने वाली हैं, लेकिन कॉरपोरेट जगत को अभी महिलाओं के लिए एक लंबा सफर तय करना बाकी है। उन्होंने कारोबार जगत के तमाम नेताओं से आग्रह किया कि वे कामकाजी महिलाओं और माताओं के लिए बेहतर सहयोग की ठोस व्यवस्था तैयार करें। उन्होंने अरुंधति समेत अन्य अनुभवी महिलाओं से इस पूरी पहल की अगुवाई करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि रिलायंस फाउंडेशन इस दिशा में पूरा सहयोग देगा।
अंत में अंबानी ने कहा, “कठिनाइयां जरूर आएंगी, लेकिन हम रुकेंगे नहीं। असफलताएं भी मिलेंगी, लेकिन हम झुकेंगे नहीं। हम उठेंगे, हम सीखेंगे और आखिरकार हम जीतेंगे।”
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