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बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का जलवा, आयुष-सिंधू ने दी शानदार शुरुआत

 नई दिल्ली।  भारत की मेजबानी में आयोजित हो रही बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय शटलरों ने शानदार आगाज किया है। टूर्नामेंट के पहले ही दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लिया है। इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली जीत पुरुष एकल वर्ग में देखने को मिली, जहां महज 21 वर्ष के युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने विश्व के नंबर वन खिलाड़ी चीन के शिन यू की को मात दे दी।

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महिला एकल वर्ग में भी भारत की उम्मीदों को बल मिला, जहां अनुभवी खिलाड़ी पीवी सिंधू ने अपना पहला मुकाबला बड़ी आसानी से जीत लिया और वर्ष 2019 के बाद एक बार फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतने की दिशा में आगे बढ़ गईं।

नई दिल्ली में हो रहा है आयोजन

वर्ष 2026 की बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी भारत कर रहा है। ये चैम्पियनशिप दिल्ली में हो रही है। टूर्नामेंट 17 अगस्त से शुरू हुआ था। आयोजन के पहले ही दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि, इस बार भारत के लिए यह चैंपियनशिप खास साबित होने वाली है। घरेलू दर्शकों के भरपूर समर्थन के बीच भारतीय शटलरों का जोश और आत्मविश्वास दोनों ही देखते बन रहा।

आयुष शेट्टी ने रचा इतिहास

इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सुर्खी बने 21 वर्षीय आयुष शेट्टी, जिन्होंने अपने करियर के अब तक के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक जीतकर इतिहास रच दिया। दिलचस्प बात यह है कि, इससे पहले जब आयुष शेट्टी का सामना विश्व के नंबर एक खिलाड़ी शिन यू की से हुआ था, तब उन्हें उस मुकाबले में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार दांव पर वर्ल्ड चैंपियनशिप का प्रतिष्ठित पदक था।

BWF World Championship

ऐसे में आयुष पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरे और इस मुकाबले को 21-14, 13-21, 21-19 के स्कोर से अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ ही दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी शिन यू की टूर्नामेंट के पहले ही राउंड में बाहर हो गए, जो अपने आप में एक बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।

मुकाबला जीतने के बाद आयुष शेट्टी बेहद खुश और आत्मविश्वास से भरपूर नजर आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि, वे इस समय बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। यह जीत उनके करियर के लिए बेहद खास और यादगार है। गौरतलब है कि आयुष शेट्टी के अलावा भारत के अनुभवी खिलाड़ी लक्ष्य सेन भी पुरुष एकल वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनसे भी टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।

पीवी सिंधू ने भी दर्ज की आसान जीत

टूर्नामेंट में भारत की एक और बड़ी उम्मीद पीवी सिंधू ने भी अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। पांच बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीत चुकीं, सिंधू ने अपने पहले राउंड के मुकाबले में आयरलैंड की खिलाड़ी सोफिया नोबल का सामना किया और उन्हें 21-7, 21-11 के बड़े अंतर से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। इस आसान जीत के बाद अब सिंधू का अगला मुकाबला कनाडा की खिलाड़ी वेन यू झांग से होगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

उल्लेखनीय है कि, पीवी सिंधू आखिरी बार वर्ष 2019 में वर्ल्ड चैंपियन बनी थीं। अब सात वर्षों बाद वे एक बार फिर इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने के इरादे से मैदान में उतरी हैं। भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों को उम्मीद है कि, घरेलू माहौल में खेलते हुए सिंधू इस बार फिर से गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा सकती हैं।

इसके अलावा पुरुष युगल और महिला युगल वर्गों में भी भारतीय जोड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए अगले राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली है, जिससे यह साफ हो गया है कि, इस बार भारतीय बैडमिंटन टीम हर वर्ग में मजबूत चुनौती पेश करने के इरादे से उतरी है।

 एक नजर इतिहास पर

बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के अब तक के इतिहास पर नजर डालें तो भारतीय खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल मिलाकर 15 पदक अपने नाम किए हैं, जो भारतीय बैडमिंटन के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

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इनमें से सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि, इन 15 पदकों में से पांच पदक अकेले पीवी सिंधू के नाम दर्ज हैं, जो उन्हें भारतीय बैडमिंटन इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार करता है। सिंधू के व्यक्तिगत रिकॉर्ड की बात करें तो उनके नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक दर्ज हैं।

सिंधू के अलावा भारत के लिए कई अन्य दिग्गज खिलाड़ियों ने भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश का नाम रोशन किया है। इस सूची में पूर्व दिग्गज खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण, साइना नेहवाल, साई प्रणीत, लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणय जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ ही युगल वर्ग में भी भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है, जहां चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी के अलावा अश्विनी पोनप्पा और ज्वाला गट्टा की जोड़ी ने भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतकर भारतीय बैडमिंटन के गौरवशाली इतिहास में अपना योगदान दिया है।

आयुष ने कयाम की मिसाल

टूर्नामेंट के पहले दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद अब खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों की निगाहें आने वाले दिनों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं। आयुष शेट्टी की ऐतिहासिक जीत ने जहां युवा पीढ़ी के लिए एक नई मिसाल कायम की है, वहीं पीवी सिंधू जैसी अनुभवी खिलाड़ी की शानदार शुरुआत ने यह उम्मीद जगा दी है कि इस बार भारत घरेलू धरती पर खेली जा रही इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहरा सकता है। आने वाले दिनों में लक्ष्य सेन सहित अन्य भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबलों पर भी सबकी नजरें बनी रहेंगी, जिनसे देश को और पदकों की उम्मीद है।

 

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