
इस्लामाबाद। वर्तमान समय में भारत के तीन पड़ोसी मुल्क एक साथ खड़े होते नजर आ रहे है, जिससे थ्री-फ्रंट वॉर (पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश) का खतरा तेजी से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। चीन और पाकिस्तान तो पहले से ही भारत के दुश्मन थे, अब इन्हें बांग्लादेश का भी साथ मिल गया है। जी हां शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से लगातार पाकिस्तान और बांग्लादेश के सबंधों में सुधार हो रहा है। अब एक तस्वीर में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर बांग्लादेशी सैनिकों का दिल खोलकर स्वागत करते नजर आ रहे हैं।
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तेजी से सुधर रहे संबंध
रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनने के बाद यहां कि, विदेश नीति में बड़ा बदलाव आया है, जिसे पड़ोसी देश पाकिस्तान जमकर भुना रहा है। नतीजतन, दोनों देशों के बीच सैन्य, राजनयिक और व्यापारिक संबंध तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसका ज्वलंत उदाहरण हाल में पाकिस्तान में हुए मल्टीनेशनल युद्धाभ्यास ‘पाकिस्तान आर्मी टीम स्पिरिट’ (PATS) के समापन पर देखने को मिला, जब फील्ड मार्शल स्येद असीम मुनीर ने बांग्लादेशी सैनिकों के एक बड़े जत्थे का गर्मजोशी से स्वागत किया।

बता दें कि, 1971 की जंग के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब पाकिस्तान, बांग्लादेश की सेना का इतनी गर्मजोशी से स्वागत कर रहा है। इस युद्धाभ्यास की जारी तस्वीरों में मुनीर बांग्लादेशी जवानों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। असीम के इस एक्शन की पाकिस्तानी रणनीतिक हलकों में खूब चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी पत्रकार और विदेश मामलों के विशेषज्ञ कामरान यूसुफ ने एक अख़बार में लिखा है कि, यह तस्वीर भले ही सांकेतिक हो, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों में आए बदलाव को साफ दर्शाती है।
हाई लेवल विजिट हुई
उन्होंने इसे एक रणनीतिक अवसर करार दिया, जहां पाकिस्तान 1971 की हार का बदला लेने की तैयारी में जुटा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कई हाई-लेवल विजिट हुए हैं। जनवरी 2025 में बांग्लादेश आर्मी के प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कमरुल हसन ने रावलपिंडी में मुनीर से मुलाकात की। फरवरी 2025 में बांग्लादेश नेवी चीफ एडमिरल मोहम्मद नजमुल हसन और एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने भी पाकिस्तान का दौरा किया। इन मुलाकातों में क्षेत्रीय सुरक्षा, नौसेना सहयोग और मल्टीनेशनल एक्सरसाइज पर चर्चा हुई।
दिसंबर 2025 में पाकिस्तान ने असीम मुनीर को पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस नियुक्त किया, जिससे उनकी भूमिका और मजबूत हुई। बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से कई बार मुलाकात की। पिछले साल पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने 13 साल बाद ढाका का दौरा किया। दोनों देशों के बीच 14 साल बाद जनवरी 2026 में सीधी उड़ानें (ढाका-कराची) फिर शुरू हुईं, जिससे व्यापार और लोगों का आवागमन आसान हुआ।
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सीधी ट्रेड बहाल

यूनुस सरकार ने पाकिस्तानी राजनयिकों पर लगे प्रतिबंध हटाए, वीजा में छूट दी और सीधी ट्रेड बहाल की। सैन्य सहयोग का सबसे बड़ा संकेत JF-17 थंडर फाइटर जेट की बिक्री की बातचीत है। जनवरी 2026 में दोनों एयर फोर्स चीफ्स की मुलाकात में JF-17 की खरीद पर विस्तृत चर्चा हुई। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि, बांग्लादेश 48 तक JF-17 खरीद सकता है, जो चीन-पाकिस्तान संयुक्त विकास वाला मल्टी-रोल फाइटर है। कुछ रिपोर्ट्स में अब्दाली मिसाइल (400 किमी रेंज) की भी चर्चा है, जो भारत के पूर्वोत्तर तक पहुंच सकती है। हालांकि बांग्लादेशी सेना प्रमुख ने हाल ही में कहा कि, वे भारत के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएंगे, लेकिन विशेषज्ञ इसे सतर्कता से देख रहे हैं।
शेख हसीना की मांग कर सकती है बीएनपी
गौरतलब है कि, शेख हसीना के भारत में शरण लेने और उनके छात्रों/समर्थकों पर कार्रवाई से बांग्लादेश में नाराजगी है। बीएनपी (तारिक रहमान की पार्टी) ने 2026 चुनाव में भारी जीत के बाद कहा कि, वह भारत से शेख हसीना को वापस भेजने की मांग करेगी। यूनुस सरकार ने भी भारत से हसीना को सौंपने की मांग की, जिसे भारत ने खारिज कर दिया था। बांग्लादेश के कट्टरपंथी नेता और जमात-ए-इस्लामी से जुड़े लोग भारत-विरोधी रुख अपनाए हुए हैं। वे पूर्वोत्तर भारत को काटने की धमकी भी कई बार दे चुके हैं।
पाकिस्तानी ISI पर रोहिंग्या मुस्लिमों को ट्रेनिंग देने का आरोप है, ताकि म्यांमार में अराकान आर्मी को हराया जा सके। पाकिस्तानी नेता और सैन्य लीडरशिप अब ऑपरेशन सिंदूर (2025 में भारत के खिलाफ) का जवाब पूर्वी मोर्चे से देने की धमकी दे रहे हैं, जिसका इशारा बांग्लादेश की ओर है। इससे भारत के खिलाफ थ्री-फ्रंट वॉर की आशंका बढ़ गई है।
भारत को बढ़ाना होगा डिफेंस बजट
पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर में चीन और पूर्व में बांग्लादेश। CDS जनरल अनिल चौहान और अन्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि, चीन-पाकिस्तान और बांग्लादेश की बढ़ती नजदीकियां भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती हैं। उन्होंने कहा, भारत को डिफेंस बजट बढ़ाकर (वर्तमान 1.9% GDP से 3% तक) और पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की जरूरत है।
प्रभावित हो रही बदलाव दक्षिण एशिया की जियोपॉलिटिक्स
विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश की रणनीतिक लोकेशन और आर्थिक जरूरतें इसे व्यावहारिक विदेश नीति अपनाने पर मजबूर करती हैं। पाकिस्तान को 15 साल बाद बड़ा मौका मिला है। हालांकि, कई एक्सपर्ट मानते हैं कि तारिक रहमान या यूनुस सरकार भारत-विरोधी नीति नहीं अपनाएगी, लेकिन सैन्य रिश्तों की गहराई चिंता का विषय है। यह बदलाव दक्षिण एशिया की जियोपॉलिटिक्स को प्रभावित कर रहा है। भारत को सतर्क रहते हुए कूटनीति और सैन्य तैयारियों को मजबूत करना होगा, ताकि पूर्वोत्तर सुरक्षित रहे और क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे। साथ ही युद्ध जैसी किसी भी आपात स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।
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