संसद के परिसर में घुसी बिना पास वाली गाड़ी, मचा हड़कंप, सुरक्षाबलों की बढ़ी धड़कन

नई दिल्ली। देश के लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा घेरे को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी हुआ। संसद परिसर के भीतर एक ऐसी संदिग्ध गाड़ी देखी गई, जिस पर अनिवार्य संसद प्रवेश पास नहीं लगा था। जैसे ही सुरक्षा एजेंसियों की नजर इस वाहन पर पड़ी, पूरे कैंपस में सायरन गूंज उठा और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बूम बैरियर तुरंत सक्रिय हो गए। इस घटना ने एक पल के लिए 13 दिसंबर की उन यादों को ताजा कर दिया, जब संसद की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगी थी। हालांकि, सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और बाद में हुई जांच ने स्थिति को स्पष्ट किया।

इसे भी पढ़ें- संसद में भूचाल: विपक्ष ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिया महाभियोग नोटिस, इतने सांसदों ने किए हस्ताक्षर

अर्धसैनिक बलों ने संभाला मोर्चा  

सोमवार सुबह जब लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारू रूप से चल रही थी और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच चर्चा जारी थी, तभी संसद के बाहरी सुरक्षा घेरे के पास एक बिना पास वाली गाड़ी की मौजूदगी ने हड़कंप मचा दिया। संसद की सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस, पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप और अन्य अर्धसैनिक बलों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। बिना पास वाली गाड़ी का संसद के प्रतिबंधित क्षेत्र के इतने करीब पहुंचना सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा सवालिया निशान था। सूचना मिलते ही अलर्ट सिक्योरिटी ने गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।

Parliament ,

जैसे ही बिना पास वाली गाड़ी ने प्रवेश की कोशिश की या पास में देखी गई, सुरक्षा प्रणाली के बूम बैरियर अचानक एक्टिव हो गए। इससे पूरे परिसर में सुरक्षा सायरन बजने लगे, जिससे वहां मौजूद सांसदों, कर्मचारियों और मीडिया कर्मियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत गेटों को सील कर दिया और किसी भी वाहन की आवाजाही पर रोक लगा दी। संसद की सुरक्षा अभेद्य मानी जाती है, ऐसे में सायरन का बजना किसी बड़े खतरे का संकेत माना जाता है।

तेज हवा से घटी घटना

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने जब बारीकी से पड़ताल शुरू की, तो एक दिलचस्प पहलू सामने आया। सुरक्षा व्यवस्था में लगे कुछ कर्मियों ने बताया कि उस समय दिल्ली में हवा काफी तेज चल रही थी। प्राथमिक जांच में यह बात निकलकर आई कि तेज हवा के झोंकों की वजह से बूम बैरियर में लगे सेंसर हिल गए और सिस्टम ने इसे एक खतरे के रूप में भांपते हुए बैरियर को एक्टिव मोड पर डाल दिया। हालांकि, यह केवल तकनीकी स्पष्टीकरण था, असली चिंता उस गाड़ी को लेकर थी जिसके पास अधिकृत पास नहीं था।

बिना पास वाली गाड़ी संसद परिसर तक कैसे पहुंची और वह किसकी थी, इसे लेकर अभी भी रहस्य बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या वह गाड़ी किसी सांसद के काफिले का हिस्सा थी या किसी बाहरी व्यक्ति ने अनजाने में या जानबूझकर सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गाड़ी में कौन सवार था और उसका उद्देश्य क्या था। सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि गाड़ी के रूट और उसके प्रवेश द्वार की पहचान की जा सके।

चल रहा संसद का सत्र 

संसद की सुरक्षा हमेशा से ही एक बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है। बजट सत्र के दौरान संसद में भारी संख्या में वीवीआईपी और केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी रहती है, ऐसे में इस तरह की घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने पूरे संसद भवन और उसके आसपास के रास्तों पर गश्ती बढ़ा दी। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह कोई ‘मॉक ड्रिल’ का हिस्सा था या वास्तव में सुरक्षा प्रणालियों में कोई तकनीकी खामी है जिसे हवा के बहाने देखा जा रहा है।

संसद की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किसी भी बिना पास वाले वाहन को पहले गेट पर ही रोक दिया जाता है, लेकिन अगर कोई गाड़ी भीतर तक पहुँचने में सफल हुई है, तो यह एक गंभीर चूक है। फिलहाल, सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है और हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि तकनीक और इंसानी मुस्तैदी के बावजूद, सुरक्षा के मोर्चे पर एक सेकंड की भी ढिलाई भारी पड़ सकती है।

 

इसे भी पढ़ें- एलपीजी संकट पर संसद में हलचल, पेट्रोलियम मंत्री बोले- नहीं होगी कमी, ये है एक्शन प्लान

Related Articles

Back to top button