
नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकर ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को राजधानी दिल्ली से सीधे जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। एयरपोर्ट तक यात्रियों की पहुंच को आसान बनाने के लिए अब करीब 50 किलोमीटर लंबा एक भव्य एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला लिया गया है। इस परियोजना को लेकर लंबे समय से मंथन चल रहा था, जो अब एक ठोस आकार लेता दिख रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मिलकर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का अलाइनमेंट यानी रूट-मार्ग अंतिम रूप से तय कर लिया है। खास बात यह है कि, इस पूरे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण की जिम्मेदारी खुद NHAI उठाने जा रही है, जिससे उम्मीद है कि, काम तेज गति से आगे बढ़ेगा।
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रूट डिजाइन को मिली अंतिम मंजूरी
जानकारी के अनुसार, NHAI ने इस एक्सप्रेसवे के रूट डिजाइन और अलाइनमेंट को अंतिम रूप देकर संबंधित प्राधिकरण के पास भेज दिया है। इस फाइनल किए गए अलाइनमेंट के मुताबिक, यह एलिवेटेड एक्सप्रेसवे नोएडा के सेक्टर-94 से अपनी यात्रा शुरू करेगा।

यहां से यह ग्रेटर नोएडा के फाई-4 क्षेत्र से होते हुए आगे बढ़ेगा और यमुना अथॉरिटी की 120 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ते हुए अंततः यीडा सिटी यानी यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी क्षेत्र के सेक्टर-21ए में जाकर कनेक्ट होगा। इस तरह यह एक्सप्रेसवे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र को एक सीधी और तेज कनेक्टिविटी के जरिए आपस में जोड़ देगा।
27 किमी हिस्सा नोएडा में
इस पूरी परियोजना की कुल लंबाई करीब 50 किलोमीटर होगी, जो अपने आप में इसे क्षेत्र की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं में शुमार करती है। इसमें से करीब 27 किलोमीटर का हिस्सा सीधे नोएडा अथॉरिटी के दायरे में आएगा, जबकि बाकी का हिस्सा ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र से होकर गुजरेगा।
इस विशाल परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में NHAI इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को नोएडा के सेक्टर-94 से लेकर यीडा सिटी के सेक्टर-21ए तक तैयार करेगी। यह हिस्सा नोएडा एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करने का काम करेगा। इसके बाद दूसरे चरण में इस एक्सप्रेसवे का विस्तार करते हुए इसे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा, जिससे दिल्ली से सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी।
किन इलाकों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
रूट की बात करें तो यह एक्सप्रेसवे नोएडा के सेक्टर-94 से शुरू होकर सेक्टर-150 से होते हुए आगे बढ़ेगा। इसके बाद यह मंझावली पुल को आपस में जोड़ते हुए यमुना अथॉरिटी क्षेत्र के सेक्टर-21ए में स्थित 120 मीटर चौड़ी सड़क तक पहुंचेगा। इस पूरे रूट में मंझावली पुल की भूमिका खास अहमियत रखती है, क्योंकि इस पुल से जुड़ने के बाद हरियाणा के फरीदाबाद शहर से भी नोएडा एयरपोर्ट की दूरी काफी हद तक कम हो जाएगी। इसका सीधा फायदा फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलेगा, जो अभी तक एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए लंबे और घुमावदार रास्तों पर निर्भर रहते थे।
जाम से मिलेगी राहत
इस पूरी परियोजना को लेकर प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि, यह पूरा एक्सप्रेसवे पूरी तरह एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर उठा हुआ होगा और इसमें कुल छह लेन होंगी। उनके अनुसार, इस एलिवेटेड ढांचे के तैयार होने से नोएडा एक्सप्रेस वे पर रोजाना लगने वाला भारी जाम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जो फिलहाल यात्रियों के लिए एक बड़ी परेशानी बना हुआ है। मौजूदा समय में एयरपोर्ट आने-जाने वाले वाहनों का बोझ नोएडा एक्सप्रेस वे पर ही पड़ता है, जिसके चलते खासकर पीक आवर्स में लंबा जाम लग जाता है। नए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद यह दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा और यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा।
दिल्ली के इन इलाकों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली से सटे उन इलाकों को मिलेगा, जो अभी नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए काफी लंबा सफर तय करते हैं। सीईओ कृष्णा करुणेश के मुताबिक, दिल्ली के मयूर विहार, अक्षरधाम, पटपड़गंज, कालिंदी कुंज और सरिता विहार जैसे प्रमुख इलाकों में रहने वाले लोग अब इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के जरिए आसानी और तेजी से एयरपोर्ट तक आ-जा सकेंगे। इन इलाकों की दिल्ली में अच्छी-खासी आबादी है और अभी तक इन क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक जाने में काफी समय और मशक्कत लगती थी।

इसके अतिरिक्त, मंझावली पुल के जरिए मिलने वाली सीधी कनेक्टिविटी का लाभ हरियाणा के फरीदाबाद शहर के निवासियों को भी मिलेगा। अभी तक फरीदाबाद से नोएडा एयरपोर्ट पहुंचने के लिए यात्रियों को लंबा और जटिल मार्ग अपनाना पड़ता था, लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी और यात्रा में लगने वाला समय भी घटेगा।
और मजबूत होगी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी
गौरतलब है कि, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को क्षेत्र के विकास के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है और इसकी सफलता काफी हद तक बेहतर कनेक्टिविटी पर निर्भर करती है। यह नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे न सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा बल्कि दिल्ली और हरियाणा के कई इलाकों को भी सीधे तौर पर एयरपोर्ट से जोड़ने का काम करेगा। इससे न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि इस पूरे क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों और रियल एस्टेट सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल इस परियोजना का पहला चरण जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी वाला दूसरा चरण कुछ समय बाद पूरा किया जाएगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि, जब यह पूरी परियोजना पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तो यह न सिर्फ नोएडा एयरपोर्ट बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
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