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मुख्यमंत्री योगी ने पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कामकाजी महिला सम्मान समारोह को किया संबोधित
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नौ वर्षों में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत हुई
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नारी अब सिर्फ परिवार की नहीं, प्रदेश और देश की आर्थिक शक्ति भी बनेगी
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए उत्तर प्रदेश में सिर्फ दो ठिकाने हैं, जेल या जहन्नुम। नौ साल पहले परिवारों के सामने यह सवाल था कि बेटी घर से बाहर कैसे निकलेगी और सुरक्षित लौटेगी या नहीं। आज सवाल बदल चुका है। अब बेटी के सामने सवाल है कि उसे कहां तक जाना है। जहां उसके सपने ले जाएं, वह वहां तक जाने की तैयारी करे, डबल इंजन की सरकार उसके साथ खड़ी है।
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कामकाजी महिला सम्मान समारोह में बोले योगी
मुख्यमंत्री बुधवार को पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कामकाजी महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ नारों से नहीं होगा, इसका एहसास धरातल पर होना चाहिए। पिछले नौ वर्षों में सरकार ने पहले डर को दूर किया, फिर बेटी को पढ़ाया, हुनर दिया, रोजगार से जोड़ा और अब उसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह घर की चौखट से अवसर, अवसर से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता तक की यात्रा है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, 2017 से पहले बेटी को स्कूल भेजने पर परिवार को उसकी सुरक्षा की फिक्र रहती थी। घर में शौचालय न होने पर सम्मान की चिंता, रसोई में धुआं होने पर स्वास्थ्य की चिंता और इलाज के लिए पैसों की चिंता रहती थी। महिला घर से निकलकर कुछ करना चाहती तो रास्ते, कनेक्टिविटी और अवसर की चिंता सामने आती थी। सरकार ने इन सभी बाधाओं को एक-एक करके दूर किया है।
बनाई जा रही महिला PAC बटालियन
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं। महिला बीट पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई और 1090 व 181 जैसी सुविधाओं को सुरक्षा से जोड़ा गया है। वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस में लगभग 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जो अब बढ़कर 44 हजार हो गई हैं। नई भर्ती पूरी होने पर यह संख्या 50 हजार से अधिक हो जाएगी। तीन महिला पीएसी बटालियन भी बनाई जा रही हैं, जिनके नाम वीरांगना अवंती बाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई कोरी पर रखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि बेटी के लिए रास्ते का अर्थ सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बाजार, कार्यस्थल और उसके सपनों तक पहुंचने का रास्ता है। पिछले नौ वर्षों में हाईवे से एयरपोर्ट और रेलवे से मेट्रो तक कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे ने लोगों के लिए अवसरों तक पहुंचना आसान बनाया है।
बेटी के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार बेटी के जन्म से लेकर शिक्षा और आगे के जीवन तक उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से स्नातक तक 25 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पांच लाख से अधिक बेटियों का विवाह हो चुका है। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को अब 12वीं तक संचालित किया जाएगा। अटल आवासीय विद्यालयों में आधी सीटें बेटियों के लिए आरक्षित हैं और सैनिक स्कूलों में भी बेटियों के प्रवेश की व्यवस्था कर दी गई है। जल्द ही स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी योजना से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। प्रोजेक्ट गंगा के तहत प्रदेश की आठ हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमी तैयार किए जाएंगे, जिनमें चार हजार महिलाएं शामिल होंगी। ये गांवों में डिजिटल सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ रोजगार का अपना रास्ता भी बनाएंगी।
28 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के जरिए लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी आर्थिक स्वावलंबन की मिसाल बन रही हैं। प्रदेश में 28 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। पांच मिल्क प्रोड्यूसर संगठनों से चार लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। प्रदेश के 24 हजार से अधिक स्टार्टअप में करीब आधे का संचालन महिलाएं कर रही हैं। महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी पहले लगभग 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि कामकाजी महिलाओं के लिए लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी छात्रावास बनाए जा रहे हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी गई है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को सुरक्षा के साथ सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन देने का काम लगातार जारी है।
आधी आबादी की बढ़ेगी भागीदारी
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बहुत से लोग आएंगे, नई-नई घोषणाएं करेंगे और जातीय आधार पर समाज को बांटने की कोशिश करेंगे, लेकिन किसी दुर्दांत माफिया पर कार्रवाई की बात आते ही उनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। हम वोट बैंक के लिए किसी माफिया के आगे गिड़गिड़ाने वालों में से नहीं हैं। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले गुंडे-माफिया को जेल या जहन्नुम में से एक चुनना ही होगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गरीब परिवार में जन्म लेने की वजह से कोई बेटी पीछे नहीं रहेगी और पूंजी की कमी के कारण कोई महिला अपना सपना नहीं छोड़ेगी। अवसर सरकार देगी और महिलाएं अपनी मेहनत व सामर्थ्य से आगे बढ़ेंगी। लक्ष्य यही है कि आधी आबादी जीवन के हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाए। नारी अब सिर्फ परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक शक्ति भी बनेगी।
काशी के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 12 वर्षों में काशी में एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या उन पर काम चल रहा है। उन्होंने विधायक डॉ. अवधेश सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महज 24 घंटे की तैयारी में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी उत्साहवर्धक है।
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