
देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों मजदूरों और छोटे कामगारों के लिए बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय रहती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें से एक है प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, जिसे संक्षेप में PM-SYM के नाम से जाना जाता है। इस योजना की खास बात यह है कि, इसमें रोजाना महज दो रुपये से भी कम का निवेश करके साठ साल की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने तीन हजार रुपये की गारंटीड पेंशन प्राप्त की जा सकती है। मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना फरवरी 2019 से देशभर में लागू है और तब से लगातार असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों को इसका लाभ मिल रहा है।
इसे भी पढ़ें- यूपी की 29 लाख महिलाओं का सहारा बनी वृद्धावस्था पेंशन, हर महीने मिल रहे 1000 रुपये, जौनपुर टॉप पर
किन लोगों के लिए बनाई गई है योजना
PM-SYM योजना खासतौर पर उन कामगारों के लिए तैयार की गई है, जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और जिनकी आय सीमित होती है। इसमें रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चलाने वाले चालक, दिहाड़ी मजदूर, घरों में काम करने वाले घरेलू सहायक और कृषि क्षेत्र से जुड़े मजदूर जैसे पेशों से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं।

सबसे पहली शर्त उम्र से जुड़ी है, आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक की मासिक आय पंद्रह हजार रुपये या उससे कम होनी अनिवार्य है। यही नहीं, यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि आवेदक आयकरदाता न हो और वह पहले से ईपीएफओ, ईएसआईसी या एनपीएस जैसी किसी अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य न हो। इन शर्तों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इस योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक पहुंचे।
सरकार भी करती है बराबर का योगदान
इस योजना की सबसे आकर्षक विशेषता यह है कि, इसमें लाभार्थी द्वारा जमा की जाने वाली राशि के बराबर योगदान सरकार की ओर से भी किया जाता है। इसे ‘मैचिंग कॉन्ट्रिब्यूशन’ यानी एक-एक के अनुपात वाली योजना कहा जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि लाभार्थी के बैंक खाते से जितनी रकम प्रीमियम के तौर पर कटती है, ठीक उतनी ही राशि केंद्र सरकार अपनी ओर से लाभार्थी के पेंशन खाते में जमा करती है।
उदाहरण के तौर पर समझें तो अगर कोई व्यक्ति महीने में 55 रुपये का योगदान देता है, तो सरकार भी अपनी तरफ से 55 रुपये उसी खाते में डालेगी। इस तरह से हर महीने कुल जमा राशि 110 रुपये हो जाती है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि, योजना के तहत प्रीमियम की राशि उम्र के हिसाब से तय होती है, यानी जितनी कम उम्र में कोई व्यक्ति इस योजना से जुड़ता है, उसका मासिक प्रीमियम उतना ही कम होता है। जैसे-जैसे आवेदक की उम्र बढ़ती जाती है, प्रीमियम की राशि भी उसी अनुपात में बढ़ती जाती है, और सरकार का योगदान भी उसी हिसाब से समायोजित होता रहता है।
कैसे और कहां करें आवेदन
PM-SYM योजना से जुड़ने की प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा असंगठित क्षेत्र के कामगार इसका लाभ उठा सकें। इच्छुक व्यक्ति अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा जो लोग खुद ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाना चाहते हैं, वे श्रम योगी मानधन योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्वयं रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए ज्यादा दस्तावेजों की जरूरत नहीं होती। सिर्फ आधार कार्ड और एक बचत बैंक खाता या जनधन खाता होना जरूरी है, जिससे हर महीने प्रीमियम की राशि का ऑटो-डेबिट किया जा सके। यह प्रक्रिया इतनी आसान बनाई गई है कि गांव-देहात में रहने वाले कम पढ़े-लिखे कामगार भी बिना किसी परेशानी के इस योजना से जुड़ सकते हैं।
लाखों लाभार्थी उठा रहे हैं फायदा
इस योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई 2026 तक इसके तहत रजिस्टर्ड लाभार्थियों की कुल संख्या 54 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इस योजना से जुड़ना यह दर्शाता है कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के बीच बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही, इस योजना की पहुंच को आसान बनाने के लिए देशभर में करीब चार लाख केंद्रों का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां से कोई भी पात्र व्यक्ति आसानी से आवेदन कर सकता है। इतने बड़े नेटवर्क की मौजूदगी दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले कामगारों के लिए भी इस योजना तक पहुंच को सुगम बनाती है।
क्यों जरूरी है यह योजना
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले ज्यादातर मजदूरों के पास किसी भी तरह की सामाजिक सुरक्षा या पेंशन व्यवस्था नहीं होती। ऐसे में बुढ़ापे में जब शारीरिक क्षमता कम हो जाती है और काम करना मुश्किल हो जाता है, तब आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। PM-SYM योजना ऐसे ही वर्ग के लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर सामने आई है। मामूली सी रकम का निवेश करके यह योजना भविष्य में एक निश्चित और गारंटीड आय का स्रोत उपलब्ध कराती है, जिससे बुजुर्ग अवस्था में कामगारों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
अगर आप भी असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं और आपकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है, तो PM-SYM योजना आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। रोजाना दो रुपये से भी कम की छोटी सी बचत आपके बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित बना सकती है। ऐसे में जरूरी है कि पात्र व्यक्ति समय रहते इस योजना की पूरी जानकारी लें और नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से इसका लाभ उठाएं, ताकि भविष्य में किसी आर्थिक संकट से बचा जा सके।
इसे भी पढ़ें- योगी सरकार में दिव्यांगजन पेंशन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, तीन गुना से अधिक हुई राशि



