
लखनऊ। यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। प्रदेश की गरीब और असहाय बुजुर्ग महिलाओं के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है।
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महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल
ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार वर्तमान में 29 लाख 23 हजार 364 बुजुर्ग महिलाओं को इस योजना के जरिए सीधा लाभ पहुंचा रही है। यह योजना न केवल इन महिलाओं को आर्थिक संबल दे रही है, बल्कि बुढ़ापे में उन्हें किसी और पर निर्भर रहने की मजबूरी से भी आजादी दिला रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रति सरकार की यह संवेदनशीलता आज प्रदेश के लाखों परिवारों में खुशहाली और सम्मान का कारण बनी है।

उत्तर प्रदेश सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी महिला को 1,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। व्यवस्था को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का सहारा ले रही है। हर तिमाही में 3,000 रुपये की किश्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
बिचौलियों का आतंक खत्म
इस प्रणाली ने न केवल बिचौलियों के आतंक को खत्म किया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकारी खजाने का पैसा बिना किसी कटौती के सीधे उस बुजुर्ग मां या महिला के हाथ में पहुंचे, जिसे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि दवाओं, राशन और दैनिक खर्चों के लिए बुजुर्ग महिलाओं का सबसे बड़ा सहारा बन गई है।
समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस योजना के क्रियान्वयन में जौनपुर जिला पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर उभरा है। जौनपुर में रिकॉर्ड 1,00,820 बुजुर्ग महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। इसके बाद आजमगढ़ दूसरे स्थान पर है, जहां 86,166 महिलाओं को पेंशन से जोड़ा गया है।
वहीं, बलिया 79,160 लाभार्थियों के साथ तीसरे स्थान पर है। खास बात यह है कि पूर्वांचल के इन जिलों में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें रिकॉर्ड स्तर पर इस सुरक्षा घेरे में लाया गया है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार अभियान चलाकर पात्र महिलाओं की पहचान की जा रही है, ताकि कोई भी जरूरतमंद इस सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए।
पूरा हो रहा सीएम योगी का सपना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन स्वस्थ और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का है, जिसमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का सम्मान सुरक्षित हो। इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। पहले जिन छोटी-छोटी जरूरतों के लिए महिलाओं को अपने बच्चों या दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ता था, अब वे आत्मनिर्भरता के साथ अपना जीवन जी रही हैं।
समाजशास्त्रियों का मानना है कि आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से परिवारों के भीतर भी बुजुर्ग महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई है और उन्हें अब और भी अधिक सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है। पेंशन की इस राशि ने न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान की है। वृद्धावस्था में अकेलेपन और बीमारी से जूझ रही महिलाओं के लिए समय पर मिलने वाली यह मदद एक बड़ी सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है।
महिलाओं के साथ है सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं समय-समय पर इन योजनाओं की समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि आवेदन प्रक्रिया को जितना हो सके सरल बनाया जाए। सरकार की इस पहल ने ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की बुजुर्ग महिलाओं को यह विश्वास दिलाया है कि प्रदेश सरकार उनके साथ एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी है। यह योजना आज सही मायनों में सबका साथ, सबका विकास के नारे को चरितार्थ कर रही है।
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