
आज की भागमभाग और तनाव भरी जीवनशैली में एंजाइटी यानी चिंता की समस्या होना आम बात है। आज के समय में हर उम्र और हर वर्ग के लोग किसी न किसी स्तर पर तनाव से जूझ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मानसिक समस्या सिर्फ दिमाग तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर शरीर के और अंगों पर भी दिखाई देने लगता है। जैसे कि, बालों के झड़ने की समस्या। माना जाता है कि, अधिक एंजाइटी का असर इन्सान के बालों पर पड़ता है। बाल तेजी से झड़ते हैं और रूखे हो जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि, इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों को इस तरह की समस्या होती है।
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बालों की ग्रोथ साइकिल पर असर
डॉक्टर कहते हैं कि, तनाव सीधे बालों की ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करता है। दिल्ली स्थित श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. विजय सिंघल का कहना है कि, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक गंभीर तनाव या एंजाइटी की स्थिति में रहता है, तो उसका शरीर लगातार एक तरह की स्ट्रेस रिस्पॉन्स अवस्था में बना रहता है। उनका कहना है कि, इस लगातार बने रहने वाले तनाव का सीधा असर बालों की सामान्य ग्रोथ प्रक्रिया पर पड़ता है।

डॉक्टर बताते हैं कि, सामान्य तौर पर बालों की ग्रोथ कई अलग-अलग चरणों में होती है, जिनमें एक ग्रोथ फेज होता है और एक रेस्टिंग यानी आराम करने वाला फेज होता है। जब व्यक्ति ज्यादा तनाव में होता है, तो कई बार उसके बाल समय से पहले ही रेस्टिंग फेज में चले जाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि, कुछ हफ्तों या फिर कुछ महीनों बाद बालों का झड़ना अचानक बढ़ने लगता है। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को टेलोजन एफ्लुवियम के नाम से जाना जाता है।
अचानक और ज्यादा मात्रा में झड़ सकते हैं बाल
विशेषज्ञों के मुताबिक, तनाव के कारण होने वाला हेयर फॉल अक्सर सामान्य से बिल्कुल अलग तरीके से महसूस होता है। ऐसे मामलों में व्यक्ति को नहाते समय, बाल संवारते समय या फिर सिर्फ बालों में हाथ फेरते समय भी सामान्य से कहीं ज्यादा बाल टूटते या झड़ते हुए दिखाई देते हैं। यह स्थिति कई बार व्यक्ति को असहज और चिंतित भी कर देती है।
एक दिलचस्प और अहम बात यह भी है कि, तनाव से जुड़ा हेयर फॉल हमेशा किसी तनावपूर्ण घटना के तुरंत बाद शुरू नहीं होता। ज्यादातर मामलों में यह असर कुछ समय बाद, यानी हफ्तों या महीनों बाद सामने आता है। यही देरी वाला असर ही इस बात की मुख्य वजह है कि आमतौर पर लोग अपने तनाव और बाल झड़ने की समस्या के बीच सीधा संबंध जोड़ ही नहीं पाते और वे इसे सिर्फ एक सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
सिर्फ एंजाइटी को ही जिम्मेदार मानना सही नहीं
डॉक्टरों की मानें, तो बालों का झड़ना केवल तनाव या एंजाइटी की वजह से ही हो, यह मान लेना पूरी तरह उचित नहीं होगा। दरअसल, हेयर फॉल के पीछे कई और भी वजहें हो सकती हैं। इनमें शरीर में आयरन या जरूरी विटामिनों की कमी, थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं, हार्मोनल बदलाव, अचानक वजन का घट जाना, पोषण की कमी वाली खराब डाइट, पर्याप्त नींद न लेना, कुछ खास तरह की दवाओं का सेवन और स्कैल्प यानी सिर की त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याएं शामिल हैं।
यही वजह है कि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि, अगर किसी व्यक्ति के बाल लगातार और असामान्य रूप से झड़ रहे हैं, तो केवल तनाव को इसकी वजह मान लेने की बजाय इसके पीछे की असली वजह का पता लगाना बेहद जरूरी है। सही डायग्नोसिस के बिना सही इलाज संभव नहीं है।
तनाव को मैनेज करना जरूरी
अगर जांच में यह पता चलता है कि, किसी व्यक्ति के बाल झड़ने की वजह वाकई तनाव या एंजाइटी है, तो सिर्फ बालों का इलाज करना काफी नहीं होगा। ऐसे मामलों में तनाव और एंजाइटी को मैनेज करना भी उतना ही जरूरी हो जाता है, जितना कि बालों की देखभाल करना।

डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना, पोषणयुक्त और संतुलित आहार अपनाना, नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करना, मेडिटेशन या ध्यान जैसी तकनीकों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना और अपने रोजमर्रा के जीवन को व्यवस्थित तरीके से जीना, ये सभी उपाय तनाव को नियंत्रित करने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति को बहुत अधिक एंजाइटी या तनाव महसूस हो रहा है और यह उसकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगा है, तो ऐसी स्थिति में किसी योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना भी बेहद फायदेमंद हो सकता है।
कब करें डॉक्टर से संपर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि, अगर किसी व्यक्ति के बाल लगातार और बड़ी मात्रा में झड़ रहे हैं या फिर सिर के किसी खास हिस्से में बाल असामान्य रूप से तेजी से कम होते जा रहे हैं, तो यह एक गंभीर संकेत हो सकता है। इसके अलावा अगर स्कैल्प पर खुजली, लालिमा या पपड़ी जैसी समस्याएं भी नजर आ रही हैं, तो ऐसी स्थिति में खुद से किसी भी तरह का हेयर ट्रीटमेंट शुरू करना या बाजार में उपलब्ध सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करना सही तरीका नहीं है।
डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे मामलों में तुरंत किसी योग्य डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए, ताकि सही जांच के जरिए बाल झड़ने की असली वजह का पता लगाया जा सके और उसके अनुसार ही सही और प्रभावी इलाज शुरू किया जा सके। बिना सही कारण जाने किया गया इलाज न सिर्फ बेअसर साबित हो सकता है, बल्कि कई बार स्थिति को और बिगाड़ भी सकता है।
कुल मिलाकर विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव और बालों के झड़ने के बीच एक स्पष्ट संबंध जरूर है, लेकिन इसे नजरअंदाज करने की बजाय समय रहते सही जांच और सही इलाज कराना ही सबसे बेहतर उपाय है।
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